प्रभावी कैंसर निदान और उपचार सेवाएं सभी के लिए सुलभ होना चाहिए। इसमें न केवल उन्नत कैंसर केंद्रों की स्थापना शामिल है, बल्कि इन सुविधाओं की पहुंच वंचित क्षेत्रों तक बढ़ाने के लिए एक ठोस प्रयास भी शामिल है।
इन्हीं मुश्किलों को दूर करने के लिए हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान, गीता वाटिका, गोरखपुर, ने *मुख्य चिकित्सा अधिकारी- बस्ती एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, सदर चिकित्सालय-बस्ती के सहयोग से सदर चिकित्सालय, अस्पताल चौराहा, बस्ती, के प्रांगण में आज दिनांक 11 फ़रवरी 2025 दिन मंगलवार को प्रातः 10:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक एक नि:शुल्क कैंसर की प्राथमिक जांच एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जिसमें 178 लोग अपनी विभिन्न शारीरिक परेशानियों को दिखाने आए। इनमें सबसे ज्यादा महिलाओं ने स्तन गर्भाशय, मुंह आदि में कैंसर होने के शक की वजह से जांच कराई जबकि अधिकतर पुरुष मुंह और गले में परेशानी, कमर और पैर में दर्द, पाचन और पेशाब करने में दिक्कत आदि समस्या को इस शिविर में दिखाने आए।
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सी. पी. अवस्थी ने सहायक चिकित्सक डॉ. राकेश श्रीवास्तव की मदद से बारी बारी हरेक मरीज़ की परेशानी को समझकर संबंधित लक्षण की जांच की तथा उसका मूल्यांकन कर उचित सलाह और परामर्श दिया। कैंसर के प्रकार एवं उनके लक्षण के दुर्दांत रोग कैंसर के विषय में मरीजों एवं उनके परिजनों को प्रशिक्षण तथा इलाज के बारे में जानकारी दी गई। अस्पताल की तरफ से सभी मरीजों को उनकी जरूरत अनुसार नि:शुल्क दवाई दी गई।
इस अस्पताल से संबंधित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तथा यहां आए सभी लोगों को बुलाकर कैंसर जागरूकता अभियान के तहत डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने उनको बताया गया कि कैंसर से छुटकारा पाने के लिए कैंसर का उचित इलाज सही समय पर उत्कृष्ट तरीके से करना चाहिए - जैसे स्तन कैंसर का इलाज ऑन्कोसर्जरी, रेडियोथेरेपी, नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी आदि द्वारा किया जाता है। शिविर प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने बताया कि ये कैंसर शिविर इसलिए आयोजित किए जाते हैं ताकि लोगों को पता चले कि कैंसर से बचने के लिए क्या करना चाहिए, कैंसर के लक्षण दिखने पर समय पर और अच्छा इलाज कैसे कराया जाए और इसके सफल इलाज के बाद क्या किया जा सकता है - जैसे हमें पता होना चाहिए कि स्तन कैंसर के मरीज यदि स्तन कैंसर का इलाज बंद करने के 6 महीने से 2 साल बाद तक पुनरावृत्ति न हो तो वो गर्भधारण के लिए प्रयास कर सकते हैं। तंबाकू, गुटका, खैनी, दोहरा, धूम्रपान, हुक्का, शराब आदि का सेवन न करके कैंसर से बचा जा सकता है। महिलाओं को अपने स्तन तथा बच्चेदानी की नियमित जांच करते रहना चाहिए।
सभी लोगो को कैंसर से संबंधित IEC (सूचना शिक्षा संचार) सामग्री जैसे पत्रक, विवरण पुस्तिका, फ्लिपबुक, पोस्टर, लीफलेट/चित्रों के साथ पैम्फलेट आदि वितरित किया गया ताकि वे अपने क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित कर और लोगो को कैंसर के बारे मे जागरुक कर सकें जिससे हम साथ मिलकर कैंसर से लड़कर उसको जीतने न दें।
शिविर में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास सोनकर, डॉ. नरेश अग्रवाल, डॉ. जी. एम. शुक्ला, डॉ. राकेश श्रीवास्तव, अजय श्रीवास्तव, आनन्द, अनिल चौरसिया, चन्द्रेश, सत्यवती तिवारी, नारद मुनि, अतुल पांडे, रामसूरत सिंह, अस्पताल के डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों आदि का काम बहुत ही बहुत ही प्रशंसनीय योगदान रहा।
प्रेषक :
उमेश कुमार सिंघानिया
सचिव