चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा में हारा| हरियाणा की मनोहर लाल सरकार को 55 विधायकों का साथ सदन में मिला। वहीं 32 विधायकों ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मत किया| विधानसभा में बोलते हुए विधानसभा में CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा,''MSP पर कानून नहीं बन सकता है|' यदि MSP पर कानून बनाया गया तो सब कुछ बंद हो जाएगा| भारत सरकार
विधानसभा में CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा,'यदि कानून (एमएसपी के लिए) बनाया गया है, तो सरकार को खरीद के लिए 17 लाख करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जो वर्तमान में 1.5 लाख करोड़ रुपये है। भारत सरकार का कुल बजट लगभग 27-28 लाख करोड़ रुपये है। सब कुछ बंद हो जाएगा और 17 लाख करोड़ रुपये केवल खरीद के लिए खर्च किए जाएंगे, यदि एमएसपी अधिनियमित किया जाता है|
CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा,''अविश्वास कांग्रेस की पुरानी संस्कृति है, अगर कोई बात पसंद न आए तो अविश्वास पैदा कर दीजिए। कांग्रेस संगठन के अंदर भी अविश्वास देखने को मिलता है... अविश्वास की कार्यशैली कांग्रेस को लाभ नहीं देने वाली, विश्वास ही लाभ देगा| दुष्यंत चौटाला ने कहा, 10 साल ये नारा लगा कि 'हुड्डा तेरे राज में किसान की ज़मीन गई ब्याज़ में'। हमने पिछले 1 साल में 30,000 करोड़ रुपये की अलग-अलग फसलें MSP पर खरीदी हैं। पिछली बार 1800 खरीद केंद्र बनाए थे| इस बार भी प्रत्येक किसान को विश्वास दिलाते हैं कि जैसे ही मंडी में आपका जे फॉर्म कटेगा, उसके 2 दिन के अंदर आपके खाते में पैसे पहुंच जाएंगे|
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा सरकार और दुष्यंत चौटाला को घेरा। उनके पहले दिए बयान को सदन में पढ़कर सुनाया। हुड्डा ने कहा कि चुनाव घोषणा पत्र में निजी कंपनियों का जिक्र नहीं था और हरियाणा के युवाओं को 75 फीसदी नौकरी का वादा किया गया था। वह प्रदेश के युवाओं को निजी नौकरियों में 75 फीसदी रोजगार के खिलाफ नहीं। हुड्डा ने निजी नौकरियों के लिए डोमिसाइल अवधि पांच साल करने पर सरकार को घेरा। हुड्डा ने अपराध के आंकड़े, कोरोना के दौरान शराब तस्करी, जहरीली शराब से मौतों के मामले पर भी सरकार पर निशाना साधा। सदन में कथित घोटालों का जिक्र भी किया।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अविश्वास प्रस्ताव पर किसान आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने दिल्ली सीमा पर जान गंवाने वाले आंदोलनरत किसानों का जिक्र किया। हुड्डा ने कहा कि शोक प्रस्ताव में मृतक किसानों के नामों को शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमा पर 250 से अधिक किसानों की मौत हो गई। मैंने उनके नाम प्रस्तुत किए लेकिन मुझे यह अखबार में नहीं मिले।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आगे कहा कि सीमा पर बैठीं महिलाएं मुख्यमंत्री को दिखाई क्यों नहीं देतीं। यह सरकार बहुमत की सरकार नहीं है। इसे जनता का विश्वास नहीं मिला है। किसी दूसरे दल की बैसाखी से सत्ता मे आई है। इस दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा की गठबंधन सरकार की तुलना शाह आलम के शासन से की। भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार के मंत्री और विधायक गांवों में नहीं जा पा रहे हैं। हालात यह हैं कि सीएम को पंचकूला में 26 जनवरी को झंडा फहराना पड़ा।
हुड्डा ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर एक राज्य के नहीं बल्कि पूरे देश के किसान बैठे हैं। किसानों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। लोहे की लाठियां बरसाईं गईं। सड़कों पर कीलें लगाई गईं। लेकिन किसानों के सिर लोहे के लाठियों से फूटने वाले नहीं है। उन्होंने भाजपा और जजपा के घोषणा पत्र में किसानों को लेकर किए गए वादों का जिक्र कर सरकार को घेरा और कहा कि सरकार ने न तो स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की, न ही किसानों को बोनस दिया। इस दौरान कांग्रेस के विधायकों ने शेम- शेम के नारे लगाए।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने,''हरियाणवी कहावत सुनाकर सरकार की एक साल की कार्यप्रणाली पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं। इसे पारित किया जाए। गुप्त मतदान हो। सरकार के खिलाफ कितने विधायक पता चल जाएगा। अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में बोलने के लिए कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान को भी मौका दिया गया।
रघुबीर कादियान ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव इसलिए लाये हैं, क्योंकि जनता सरकार पर विश्वास नहीं करती है। इस अविश्वास का आधार, जो आंसू किसान की आंख से निकल कर प्रताड़ना का प्रतीक बन गए, वह हैं। इसका आधार यह है कि कौन किसान के साथ, कौन कुर्सी के साथ हैं। इस अविश्वास प्रस्ताव के बाद दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र कोठियों में बंद है। इस दौरान कादियान ने जजपा विधायक नैना चौटाला से अपील की और कहा कि नैना झांसी की रानी बनकर गठबंधन के इस बंधन को आज तोड़ दें।
कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों को निचोड़ने वाले हैं। किसान आज दिल्ली बॉर्डर पर अनेक परेशानियों को झेलते हुए बैठे हैं। हम नहीं कह रहे कि मंडियां बंद हो रही लेकिन जो कानून बनाए गए हैं, उनसे मंडियां अपने आप बंद हो जाएंगी। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल और किरण चौधरी के बीच नोकझोंक हो गई।
प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ओर से बुधवार को भाजपा-जजपा सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था| किसानों के विरोध प्रदर्शन और विपक्षी कांग्रेस पार्टी के तमाम प्रयासों के बावजूद हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार विश्वास मत में जीत हासिल करने में सफल रही है| भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका| अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 32 वोट पड़े जबकि सरकार के समर्थन में 55 वोट पड़े| गौरतलब है कि 90 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 40 विधायक हैं|भाजपा के पास जेजेपी के 10 और पांच निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है| कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं| विधानसभा में दो सीटें खाली हैं| अभी बहुमत का आंकड़ा 45 है|
पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले हरियाणा मंत्रिमंडल के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था| मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सदस्यों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था| हरियाणा सरकार के मंत्री और बीजेपी के मुख्य सचेतक कंवर पाल ने कहा था, “हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भारतीय जनता विधायक दल के सभी सदस्यों से 10 मार्च को सदन में लगातार उपस्थित रहने का अनुरोध किया जाता है|
मंगलवार को कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और मुख्य सचेतक बी बी बत्रा ने कहा था, “कांग्रेस विधायक दल, हरियाणा के सदस्यों को सूचित किया जाता है कि सदन में सरकार के विरुद्ध 10 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा| उन्होंने कहा, “मैं व्हिप जारी करता हूं कि आप अनिवार्य रूप से 10 मार्च को सुबह 10 बजे सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान का समर्थन करें|सदस्यों से अनुरोध है कि वे सीएलपी नेता से अनुमति लिए बिना सदन से बाहर न जाएं|
मंगलवार देर शाम हरियाणा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि,''हरियाणा सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है,उनका समर्थन करने वाले विधायक और निर्दलीय उम्मीदवार भी पीछे हट गए हैं। अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा और उस पर मतदान होगा..कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। विपक्ष का काम है लोगों की आवाज़ उठाना|
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि,'' विधानसभा में कल हो जाएँगे चेहरे बेनक़ाब, अविश्वास प्रस्ताव से हो जाएगा साफ़ कौन MLA किसान के साथ है,कौन कुर्सी के साथ। IND,JJP MLA अविश्वास प्रस्ताव पर वोट डालने से पहले 300 किसानों की क़ुर्बानी को करें याद।किसान की कुरबानियों की खिल्ली उड़ाने वाली सरकार के पाप में भागीदार न बने।