चंडीगढ़: हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा,'''कल संयुक्त किसान मोर्चा ने बातचीत करने के लिए 9 सदस्यीय कमेटी बनाई है। बातचीत फिर होकर कोई हल निकाला जाए। ये किसान आंदोलन किसी के हित में नहीं है, इससे नुकसान बहुत हो रहा है|
विधानसभा के बहार CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा आज विपक्ष (कांग्रेस) विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे, उन्होंने पहले ही ये बात मान ली थी कि हम सिर्फ चर्चा के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं, ये सरकार को गिराने के लिए नहीं है.. हमने उनकी आपत्तियों पर एक-एक करके बात कहीं। उनका अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा|
विधानसभा के बहार उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा,'''आज सदन के अंदर कई लोगों के चेहरों से नकाब हटे। वे लोग जो कहते थे कि कृषि के 3 क़ानून काले हैं, उन्होंने सदन में माना ये काले क़ानून नहीं हैं। इन लोगों का लक्ष्य कृषि क़ानूनों को वापस लेना नहीं है। उनका लक्ष्य है किसी तरह सत्ता में दोबारा आएं|
इससे पहले विधानसभा में CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा,''अविश्वास कांग्रेस की पुरानी संस्कृति है, अगर कोई बात पसंद न आए तो अविश्वास पैदा कर दीजिए। कांग्रेस संगठन के अंदर भी अविश्वास देखने को मिलता है... अविश्वास की कार्यशैली कांग्रेस को लाभ नहीं देने वाली, विश्वास ही लाभ देगा|
विधानसभा में बोलते हुए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा, 10 साल ये नारा लगा कि 'हुड्डा तेरे राज में किसान ???ी ज़मीन गई ब्याज़ में'। हमने पिछले 1 साल में 30,000 करोड़ रुपये की अलग-अलग फसलें MSP पर खरीदी हैं। पिछली बार 1800 खरीद केंद्र बनाए थे| इस बार भी प्रत्येक किसान को विश्वास दिलाते हैं कि जैसे ही मंडी में आपका जे फॉर्म कटेगा, उसके 2 दिन के अंदर आपके खाते में पैसे पहुंच जाएंगे|
प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ओर से बुधवार को भाजपा-जजपा सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था| किसानों के विरोध प्रदर्शन और विपक्षी कांग्रेस पार्टी के तमाम प्रयासों के बावजूद हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार विश्वास मत में जीत हासिल करने में सफल रही है| भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका| अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 32 वोट पड़े जबकि सरकार के समर्थन में 55 वोट पड़े| गौरतलब है कि 90 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 40 विधायक हैं|भाजपा के पास जेजेपी के 10 और पांच निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है| कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं| विधानसभा में दो सीटें खाली हैं| अभी बहुमत का आंकड़ा 45 है|
पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले हरियाणा मंत्रिमंडल के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था| मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने सदस्यों को सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया था| हरियाणा सरकार के मंत्री और बीजेपी के मुख्य सचेतक कंवर पाल ने कहा था, “हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान भारतीय जनता विधायक दल के सभी सदस्यों से 10 मार्च को सदन में लगातार उपस्थित रहने का अनुरोध किया जाता है|
मंगलवार को कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और मुख्य सचेतक बी बी बत्रा ने कहा था, “कांग्रेस विधायक दल, हरियाणा के सदस्यों को सूचित किया जाता है कि सदन में सरकार के विरुद्ध 10 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा| उन्होंने कहा, “मैं व्हिप जारी करता हूं कि आप अनिवार्य रूप से 10 मार्च को सुबह 10 बजे सदन में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान का समर्थन करें|सदस्यों से अनुरोध है कि वे सीएलपी नेता से अनुमति लिए बिना सदन से बाहर न जाएं|
मंगलवार देर शाम हरियाणा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि,''हरियाणा सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है,उनका समर्थन करने वाले विधायक और निर्दलीय उम्मीदवार भी पीछे हट गए हैं। अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा और उस पर मतदान होगा..कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। विपक्ष का काम है लोगों की आवाज़ उठाना|
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि,'' विधानसभा में कल हो जाएँगे चेहरे बेनक़ाब, अविश्वास प्रस्ताव से हो जाएगा साफ़ कौन MLA किसान के साथ है,कौन कुर्सी के साथ। IND,JJP MLA अविश्वास प्रस्ताव पर वोट डालने से पहले 300 किसानों की क़ुर्बानी को करें याद।किसान की कुरबानियों की खिल्ली उड़ाने वाली सरकार के पाप में भागीदार न बने।
कांग्रेस सांसद ने कहा था कि,'''“जनता हमसे नाखुश है,हमारा सरकार में बैठने का कोई अधिकार नहीं है,हम सभा नहीं कर सकते, जनता के बीच जाने के लिए हमें लोहे के हेलमेट बनवाने होंगे”-MLA बबली ये जनप्रतिनिधि की पीड़ा नहीं, किसान आंदोलन की नैतिक जीत बोल रही है। कल सरकार गिरेगी जरूर या तो सदन में या तो जनता की नजरों में....
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि,'''“कल हरियाणा विधानसभा में सत्ता पक्ष के विधायक का कुछ जमीर जागा और वह सच्चाई स्वीकारने पर मजबूर हो गए। JJP MLA बबली बोले ‘मेरी विधानसभा में पूरे गांव ने मेरा बहिष्कार कर दिया है, हमारी माताएं, बुजुर्ग, बेटियां खुशी से बाहर नहीं बैठी हैं, वर्तमान हालात राज्य के हित में नहीं हैं।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि,'''हरियाणावासियों! कल का दिन महत्वपूर्ण है, विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान आप देखेंगे कि किसे किसान की फिक्र है और किसे कुर्सी की, किसका समर्थन गरीब किसानों को है और किसका सत्ताधीशों को, किसका लक्ष्य जनसेवा है और किसका महज राजनीति। देखिएगा जरूर, कल सभी चेहरे बेनकाब होंगे।