चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू किया है। छ: महीने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल पर प्रतिबंध लगाया गया है| हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यह जानकारी दी है| उन्होंने कहा,''हरियाणा में एस्मा लागू कर दिया गया है, अब 6 महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेंगे स्वास्थ्य कर्मी । विज ने कहा,''यह कदम करोना की रोकथाम में बाधा डालने के लिए डॉक्टरों के एक समूह द्वारा हड़ताल पर चले जाने के कारण उठाया गया है ।
बता दें कि हरियाणा में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है| पिछले 24 घंटे में 5,736 नए मामले आए, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 799,887 हो गई| वहीं पांच लोगों की पिछले 24 घंटे में मौत हुई| हरियाणा में 22500 एक्टिव मामले हैं|
क्या है एस्मा
ESMA का पूरा नाम आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम है| यह नियम भारत सरकार ने कुछ सेवाओं के वितरण को सुनिश्चित करने के लिए बनाया था| इनमें ऐसी सेवाएं हैं, जिनके न मिलने से लोगों का जनजीवन प्रभावित होगा| इसमें परिवहन और स्वास्थ्य जैसी चीजें आती हैं| हरियाणा में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के चलते यह अधिनियम लागू किया गया है| इसके तहत महामारी के चलते कोई भी स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर नहीं जा सकता|
बता दें कि डॉक्टरों ने मंगलवार को अपनी कुछ मांगों को लेकर ओपीडी बंद रखी है। मांगें पूरी न होने के चलते चिकित्सकों की नाराजगी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ओपीडी बंद रही। बुधवार-गुरुवार को ओपीडी सेवाएं बहाल रहेंगी। चिकित्सकों ने एलान किया है कि इन दो दिनों में मांगें नहीं मानी तो चिकित्सक 14 जनवरी शुक्रवार को इमरजेंसी सेवाएं बंद कर पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे। यह फैसला हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने लिया है।
इसलिए हड़ताल पर हैं चिकित्सक
एसएमओ की सीधे भर्ती न हो, यह पद प्रमोशन से भरे जाएं, डॉक्टरों की तीन के बजाय चार एसीपी 4, 9, 13 और 20 साल में मिलें और विशेषज्ञों के लिए अलग काडर तैयार करने की मांग पूरी न होने से नाराज चिकित्सक मंगलवार को हड़ताल पर रहे।