Haryana MLAs Death Threats & Extortion Case: हरियाणा एसटीएफ ने हरियाणा विधायकों को धमकी देने के मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पुलिस को विदेशों से संचालित किए जा रहे 18 वर्चुअल नंबरों का विवरण मिला। विधायकों को धमकियां देने में पाकिस्तान और दुबई के गैंग शामिल थे। बता दें कि, करीब 15 दिन पहले STF टीम ने अलग-अलग जगहों से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है| इनके पास से लगभग 55 ATM कार्ड, 56 SIM कार्ड, 24 मोबाइल और 22 पासबुक/चैकबुक बरामद हुआ है|
पाकिस्तान और दुबई में बैठे सरगनाओं ने युवकों से हरियाणा के विधायकों को जान से मारने धमकी दिलवाई थी इसके लिए आरोपी युवकों ने आम से खास लोगों के नंबर सोशल मीडिया के तहत जुटाते थे| पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बिहार के लोगों के 727 बैंक खातों से लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपए पाकिस्तान में बैठे सरगना को हवाला के जरिए भेजे जाने की बात कही है|
आरोपी पाकिस्तान और मीडिल ईस्ट में बैठे अपने सरगना के इशारों पर आम जनता से खास लोगों तक से ठगी करवाते थे| हालांकि, इस मामले में अभी भी हरियाणा एसटीएफ गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है|
गौरतलब है कि, इन 6 लोगों को पिछले महीने 31 जुलाई 2022 को ही गिरफ्तार किया गया था| सभी गिरफ्तार युवकों के तार पाकिस्तान और दुबई से जुड़े थे|
हरियाणा एसटीएफ के अनुसार,''MLAs को फोन पर जान से मारने की धमकी व पैसे वसूली के मामले में STF Haryana ने 31 जुलाई 2022 को Mumbai व Bihar से 6 आरोपी गिरफतार किए थे| बिहार के बेतिया जिले के रहने वाले दुलेश आलम और उत्तर प्रदेश के जिले के बदरे आलम को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था| चार अन्य अमित यादव, सादिक अनवर, सनोज कुमार, काश आलम को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया था , ये सभी बिहार के रहने वाले हैं|
STF ने बताया कि, आरोपियों के पास से मिले सभी नम्बर 'Middle East' देशों के हैं| Pakistan मे बैठकर ''operate'' किए जा रहे थे | आरोपियों के पास से 55 ATM, 24 Mobile, 56 SIM, 22 पासबुक/चैकबुक, Rs 3.97 लाख, 1 car बरामद हुआ था|
Mumbai से ये हुए गिरफ्तार
1. दुलेश आलम निवासी जिला बेतिया Bihar
2. बदरे आलम निवासी जिला बस्ती UP
मुज्जफरपुर (Bihar) से इनको दबोचा
3. अमित यादव उर्फ राधेश्याम कुमार यादव जिला गोपालगंज बिहार
4. सद्दीक अनवर जिला मोतीहारी बिहार
5. सनोज कुमार बिहार
6. कैश आलम बिहार
बता दें कि जिन विधायकों को धमकी भरा फोन आया था उनमें एक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का है, जबकि आधा दर्जन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हैं और अधिकांश फोन अज्ञात नंबरों से विधायकों के मोबाइल फोन पर की गई रंगदारी की धमकी से संबंधित हैं|