नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के चलते पूरे NCR में नए प्रतिबंध लागू किए गये है| पूरे दिल्ली-एनसीआर में आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर सभी तरह के निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी| इसके अलावा ईटों के भट्टों, माइनिंग व उससे जुड़ी गतिविधियों समेत कई पाबांदियां लागू की गई हैं|
दिल्ली वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कुछ परियोजनाओं को छोड़कर, पूरे NCR में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया। वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण के कार्यान्वयन को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश भी दिया।
प्रतिबंधों में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा, रेलवे और मेट्रो रेल सहित अन्य आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध शामिल है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई 368) 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गया। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के आंकड़ों से पता चला है कि नोएडा में एक्यूआई गंभीर श्रेणी के तहत 411 था, जबकि गुरुग्राम में यह 349 या बहुत खराब था।
Delhi Air Quality: दिल्ली की हवा 'गंभीर' श्रेणी में पहुंची
आज शनिवार दोपहर 1 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक राष्ट्रीय राजधानी के कई क्षेत्रों में 400-500 रेंज यानी गंभीर" श्रेणी में था| शुक्रवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 357 था, जबकि शनिवार सुबह नौ बजे दिल्ली का एयर इंडेक्स 400 के नजदीक 396 पहुंच गया था। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण शनिवार सुबह में आधी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रही, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।