नई दिल्ली: एम्स नर्स यूनियन छठे केंद्रीय वेतन आयोग से संबंधित मांगों और अपनी अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।नर्सिंग अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि,''हमने एम्स प्रशासन को एक महीने पहले से नोटिस दिया हुआ है, फिर भी हमें मिलने के लिए नहीं बुलाया गया। हमसे बात करने की भी कोशिश नहीं की और मंत्रालय के द्वारा डराया-धमकाया जा रहा है। हमारे पास इसके(हड़ताल) अलावा कोई विकल्प नहीं है|
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि,'सरकार के संज्ञान में जो भी बातें आएंगी हम उसपर सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे और हम चाहेंगे कि एम्स प्रशासन उनकी उचित समस्याओं को दूर करे। मेरा आग्रह है कि वो हड़ताल वापस लें|
उधर, एम्स में चल रही नर्सों की हड़ताल की वजह से मरीज़ों और उनके परीजनों को काफी परेशानी हो रही है। अभिषेक ने बताया, "हमारा भांजा इमरजेंसी में है, हमे उससे मिलने नहीं दे रहे हैं। हम कल भी ऐसे बैठे थे, हमें अभी तक मिलने नहीं दिया है।"
एम्स नर्सिंग यूनियन के प्रेजिडेंट हरीश कुमार काजला ने कहा कि वे इस तरह स्ट्राइक पर नहीं जाना चाहते थे| लेकिन 1 महीना बीत जाने के बाद भी सरकार और एम्स प्रशासन ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया| जिसके चलते 16 दिसंबर से शुरू होने वाली स्ट्राइक को 14 दिसंबर से ही शुरू कर दिया गया| काजला ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाएंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी|