नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण पर AIIMS के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने कहा कि,'''बच्चे, बुजुर्ग, जिनके के फेफड़े और हार्ट कमजोर हैं उनको ऐसी जगहों पर नहीं जाना चाहिए जहां प्रदूषण ज्यादा है। जाना है तो दिन में जाएं जब धूप निकल गई हो और मास्क लगा कर जाएं।
वायु प्रदूषण को हम एक साइलेंट किलर कह सकते हैं| प्रदूषण से लोगों की मृत्यु हो रही हैं और जीवन स्तर कम हो रहा है। AIIMS में वायु प्रदूषण बढ़ते ही सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।
AIIMS के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने कहा कि,'''गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चों पर भी इसका बुरा असर होता है|
वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद जहरीली हो गई है। दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 500-600 के बीच पहुंच गया है। एनसीआर के शहरों के लोग कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं से जुझ रहे हैं। इस बीच नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बाद अब दिल्ली में भी स्कूलों को बंद करने का ऐलान हो गया है।
दिल्ली सरकार ने आज शुक्रवार को कक्षा एक से पांचवीं तक के स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया है। दिल्ली में शनिवार (5 नवंबर) से स्कूल बंद होंगे। कब तक स्कूल बंद रहेंगे? इस पर बाद में विचार किया जाएगा, क्योंकि वायु प्रदूषण नियंत्रित होने में कुछ दिन लग सकते हैं। इससे पहले बृहस्पतिवार को दिल्ली से सटे यूपी के गौतमबुद्धनगर प्रशासन ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा में पहली से लेकर आठवीं तक कक्षा तक की अवकाश की घोषणा की थी।
दिल्ली सरकार ने ऐलान किया है कि राजधानी दिल्ली में 5 नवंबर से प्राइमरी स्कूल बंद होंगे। इसके साथ ही यह भी कहा कि वायु प्रदूषण के स्तर को काबू करने के लिए ऑड-इवेन भी लागू किया जा सकता है। इस पर विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। लोगों का सांस लेने में तकलीफ हो रही है। डाक्टरों/विशेषज्ञों ने लोगों से बेवजह घरों से नहीं निकलने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।