नई दिल्ली: अन्ना हजारे द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखे जाने के कुछ घंटों बाद उन्होंने दावा किया कि भाजपा हजारे को उन्हें निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। दिल्ली की नई शराब नीति पर केजरीवाल ने कहा,''भाजपा अन्ना हजारे के कांधे पर बंदूख रख के चला रही है| दरअसल,अन्ना हजारे ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने दिल्ली की आबकारी नीति की आलोचना करते हुए और सत्ता के नशे में चूर होने का आरोप लगाते हुए अपनी पुस्तक 'स्वराज' की कुछ पंक्तियों को याद दिलाया। अन्ना हजारे ने कहा,''हर वार्ड में उन्होंने (CM केजरीवाल) शराब की दुकान खोली और आयु सीमा 25 वर्ष से 21 वर्ष कर दी। वे शराब का प्रचार कर रहे हैं। मैंने इसके खिलाफ उनको पहली बार चिट्ठी लिखी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा,''वे (भाजपा) कहते रहे हैं कि शराब नीति में घोटाला हुआ है, लेकिन CBI ने कहा कि कोई घोटाला नहीं है। जनता इनकी बात नहीं मान रही है तो अब ये अन्ना हजारे जी के कांधे पर बंदूख रख के चला रहे हैं|
केजरीवाल ने कहा,''हमें किसी भी जांच के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। सीबीआई ने अपनी सारी जांच पूरी कर ली है। मनीष सिसोदिया से 14 घंटे तक पूछताछ की। उन्होंने उनके सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। उनके लॉकर में कुछ नहीं मिला। उन्हें अनौपचारिक क्लीन चिट दे दी गई है|
अरविंद केजरीवाल ने कहा,'मनीष के घर से कुछ नहीं मिला, लॉकर से कुछ नहीं मिला। CBI जाँच में कुछ नहीं निकला। मनीष की ईमानदारी और देशभक्ति फिर से पूरे देश के सामने साबित हो गई। ज़ाहिर है कि इनकी पूरी कार्रवाई गंदी राजनीति से प्रेरित है। उम्मीद करता हूँ अब ये गंदी राजनीति बंद करके हमें अपना काम करने देंगे।
दिल्ली शराब 'घोटाले' में CBI ने सिसोदिया के बैंक लॉकर की तलाशी
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और AAP नेता मनीष सिसोदिया के गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर -4 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के लॉकर की CBI द्वारा जांच की गई|। जांच दिल्ली के आबकारी नीति मामले के संबंध में है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दावा किया कि उनके परिवार को 'क्लीन चिट' मिल गई है क्योंकि उनके घर और उनके बैंक लॉकर में कुछ भी नहीं मिला।
नई शराब नीति पर आम आदमी पार्टी के नेता और सीएम अरविंद केजरीवाल को लिखी चिट्ठी में अन्ना हजारे ने कहा,' दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने के बाद आप लोकपाल और लोकायुक्त कानून को भुल गए। इतनाही नहीं, दिल्ली विधानसभा में आपने एक सशक्त लोकायुक्त कानून बनाने की कोशिश तक नहीं की। और अब तो आप की सरकार ने लोगों का जीवन बरबाद करने वाली, महिलाओं को प्रभावित करने वाली शराब नीति बनाई हैं। इससे स्पष्ट होता हैं की, आपकी कथनी और करनी में फर्क हैं।
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दिल्ली राज्य में आपकी सरकारने नई शराब नीति बनाई। ऐसा लगता हैं की, जिससे शराब की बिक्री और शराब पिने को बढ़ावा मिल सकता हैं। गली गली में शराब की दुकानें खुलवाई जा सकती हैं। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता हैं। यह बात जनता के हित में नहीं हैं। फिर भी आपने ऐसी शराब नीति लाने का निर्णय लिया हैं। इससे ऐसा लगता हैं कि, जिस प्रकार शराब की नशा होती हैं, उस प्रकार सत्ता की भी नशा होती हैं। आप भी ऐसी सत्ता की नशा में डुब गये हो, ऐसा लग रहा