नई दिल्ली: जहांगीरपुरी हिंसा मामले में एक और आरोपी को गिरफ़्तार किया गया है। अब तक 21 आरोपियों को गिरफ़्तार किया गया है और 2 नाबालिगों को पकड़ा गया है| डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट ने बताया,,''जहांगीरपुरी हिंसा मामले में एक और आरोपी को गिरफ़्तार किया गया | वह पहले जहांगीरपुरी थाने के तहत डकैती और हत्या के प्रयास के मामले में शामिल था।
जहांगीरपुरी में वर्तमान स्थिति पर विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने बताया,,पुलिस यहां मौजूद है और हम लोगों से भी बात कर रहे हैं, पूरे इलाके में शांति व्यवस्था कायम है। अफवाहों को रोका जा रहा है और सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है|
दीपेंद्र पाठक ने बताया,,''मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है और 2 किशोरों को भी हिरासत में लिया है, सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। दिल्ली के सभी इलाकों में पुलिस लगातार निगरानी रख रही है|
वहीँ,उत्तम नगर क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव शोभा यात्रा पर DCP (द्वारका) शंकर चौधरी ने बताया,,'यात्रा लंबी थी और 3 घंटे लगे। हमने अमन कमेटी की बैठक रखी थी और पिछले दो दिनों में ऐसा माहौल तैयार किया गया था कि शोभायात्रा सबके सहयोग से अच्छी दिखे|
इससे पहले,अदालत ने आरोपी मोहम्मद असलम और सह-आरोपी मोहम्मद अंसार को सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेजा है। जबकि अन्य 12 आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया था और कहा था कि अंसार और असलम मुख्य साजिशकर्ता हैं।
रोहिणी अदालत में दिल्ली पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अंसार और असलम को 15 अप्रैल को शोभायात्रा के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने हिंसा की साजिश रची। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए हमें सीसीटीवी फुटेज देखने होंगे।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने हिंसा मामले में बच्चों को शामिल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दिल्ली पुलिस आयुक्त को लिखे एक पत्र में एनसीपीसीआर ने कहा कि तस्वीरों और वीडियो में कई बच्चों को पथराव करते देखा जा सकता है। उन्हें भीड़ के हिस्से के रूप में भी देखा जा सकता है जिसने हिंसा शुरू की। इसको देखते हुए किशोर न्याय अधिनियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए।
वहीँ,'जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन के एएसआई अरुण कुमार ने कहा कि अन्य पुलिस बल वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया। ज़्यादातार दंगाइयों के पास तलवार और चाकू थे। जुलूस में कुछ लोगों ने सरिया, डंडों और तलवारों से हमला किया। दंगाइयों ने गाड़ियों में आग लगा दी। मैं कुछ गाड़ियां हटा रहा था इसी दौरान एक ईंट आकर मेरे कंधे पर लगी। एक पत्थर मेरे पीठ और पैर में भी लगा।