नई दिल्ली: दिल्ली की अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सत्येंद्र जैन की ईडी हिरासत 13 जून तक बढ़ा दी है| प्रवर्तन निदेशालय को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की हिरासत 13 जून तक और मिली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने सत्येंद्र जैन को 30 मई को गिरफ्तार किया था।इसके बाद उन्हें 9 जून तक एजेंसी की हिरासत में भेज दिया गया था। आज उनकी हिरासत खत्म हो रही थी|
प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की टीम गुरुवार सुबह दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को लेकर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के समक्ष पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने उनको 13 जून तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया।
सत्येंद्र जैन के वकील ऋषिकेश कुमार ने कहा कि,''यह क़ानूनी प्रक्रिया है। हमें भरोसा है कि जल्द ही हमें इस मामले में जमानत मिलेगी। पुलिस हिरासत 13 तारीख को खत्म होगी और हमें यकीन है कि 13 को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी|
दिल्ली की केजरीवाल सरकार के स्वास्थ्य और गृह मंत्री मंत्री सत्येंद्र जैन के ठिकानों से 6 जून को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में करीब 3 करोड़ रुपए कैश, सोने के सिक्के- बिस्किट और भारी मात्रा में चांदी भी बरामद हुआ था। ED ने बताया था,'' प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगी के परिसरों में 6 जून को की गई छापेमारी के दौरान गुप्त किए जाने वाले अस्पष्ट स्रोतों से PMLA के तहत 2.82 करोड़ रुपए नकद और 1.80 किलोग्राम वजन वाले 133 सोने के सिक्के जब्त किए गए। आगे की जांच जारी है|
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6 जून से कोलकाता की एक कंपनी से संबंधित हवाला लेनदेन के सिलसिले में दिल्ली के स्वास्थ्य और गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के आवास सहित दिल्ली में 6 और गुरुग्राम में 7 स्थानों पर छापेमारी शुरू की थी।
इससे पहले अप्रैल महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत जैन के परिवार और कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की थी। इसमें अकिंचन डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों की संपत्तियां शामिल थीं।
जैन पर कथित आरोप हैं कि उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियों को लॉन्च किया या खरीदा था। उन्होंने कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटरों की 54 शेल कंपनियों के माध्यम से 16.39 करोड़ रुपये के काले धन को भी सफेद किया था। जैन के पास प्रयास, इंडो और अकिंचन नाम की कंपनियों में बड़ी संख्या में शेयर थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2015 में केजरीवाल सरकार में मंत्री बनने के बाद जैन के सभी शेयर उनकी पत्नी के नाम कर दिए गए थे।