नई दिल्ली: कथित तौर पर मांसाहारी खाना खाने को लेकर JNU में दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हुई। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार देर शाम मांसाहार के मुद्दे पर दो गुटों में झड़प हो गई| इस हिंसक झड़प में 50-60 से ज़्यादा छात्र घायल हुए हैं| बताया जा रहा है कि, ABVP के छात्रों ने मेस सेक्रेटरी पर भी हमला किया। लड़कियों पर भी हमला किया। कई लड़कियों के सर फूटने की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं।
जेएनयू के कावेरी होस्टल में रविवार दोपहर साढ़े तीन नॉनवेज खाना खाने को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई। यहां हर रविवार को स्पेशल मील के तहत नॉनवेज बनता है। बताया जा रहा है कि, ABVP वालों का कहना था कि राम नवमी के दिन नॉनवेज नहीं बनने देंगे। इसी को लेकर विवाद बढ़ा और बात हिंसा तक बढ़ गई।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) ने आरोप लगाया है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने मेस सचिव के साथ मारपीट की और कर्मचारियों को होस्टल में नॉनवेज खाना परोसने से रोका|
JNUSU की पूर्व उपाध्यक्ष और PHD की छात्रा सारिका ने बताया, "ABVP के छात्रों ने नॉन वेज खाने के लेकर हंगामा किया। उन्होंने धक्का-मुक्की की। 50-60 से ज़्यादा लोगों को चोट लगी है।"
DCP साउथ वेस्ट मनोज सी का कहना है कि,''फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है, दोनों छात्र पक्ष शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं, शिकायत मिलने पर उचित क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी|
ABVP के JNU विंग के अध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया,''रामनवमी के मौके पर विश्वविद्यालय में पूजा के दौरान वामपंथी और NSUI कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। नॉनवेज को लेकर कोई विवाद नहीं है|
JNUSU ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी ने हंगामा करने के लिए 'मारपीट और गुंडागर्दी' की है| छात्र संघ ने एक बयान में कहा, 'वे सभी छात्रों के लिए डिनर के मेनू को बदलने और उसमें सामान्य नॉनवेज खाने को हटाने के लिए मेस कमेटी पर हमला कर रहे थे| जेएनयू और इसके होस्टल सभी वर्गों के छात्रों के लिए है, ये केवल एक विशेष वर्ग के लिए नहीं है|
JNUSU के आरोपों का एबीवीपी ने खंडन किया है| एबीवीपी ने कहा, रामनवमी के शुभ अवसर पर दोपहर साढ़े तीन बजे कावेरी होस्टल में कुछ छात्रों ने पूजा और हवन कार्यक्रम का आयोजन किया था. इस पूजा में बड़ी संख्या में जेएनयू के आम छात्र शामिल हुए. जिसके बाद वामपंथी विचारधारा वाले छात्र वहां पर विरोध करने, बाधा डालने और पूजा को रोकने के लिए पहुंचे. उन्होंने 'भोजन के अधिकार' (नॉनवेज खाना) के मुद्दे पर झूठा हंगामा किया है
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा एबीवीपी ने दावा किया कि वामपंथी संगठनों के सदस्यों ने होस्टल में एक पूजा आयोजित करने से रोकने की कोशिश की| दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव करने और उनके सदस्यों को घायल करने का आरोप लगाया है|