देवघर: झारखंड के देवघर में त्रिकुट पर्वत पर रोप-वे हादसे के तीसरे दिन 46 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया। त्रिकूट के पास रोपवे हादसे में ट्रालियों में फंसे सभी लोगों को बचा लिया गया है| हादसे में कुल 4 लोगों की मौत हुई है और 12 से ज्यादा घायल हैं। रेस्क्यू के दौरान हादसा हो गया। ट्रॉली से निकालते समय एक महिला गिर गई। इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई है। सोमवार को भी रेस्क्यू के दौरान हेलिकॉप्टर से गिरने से एक युवक की मौत हो गई थी। मंगलवार को रस्सी टूटने की वजह से एक महिला जमीन पर गिर गई| उसे इलाज के लिए ले जाया गया| लेकिन, उसने दम तोड़ दिया| देवघर में रोप-वे हादसे में कुल 4 लोगों की जान चली गई|
भारतीय सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और जिला प्रशासन ने आपसी सहभागिता से इस पूरे रेस्क्यू को अंजाम तक पहुंचाया है| हालांक, बचाव दलों को सभी लोगों को रेस्क्यू करने में 46 घंटे का वक्त लगा| वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं| साथ ही उन्होंने ट्वीट कर घटना और हादसे में हुई मौतों पर अपनी गहरी संवेदना जताई है| सोरेन ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी|
तीसरे दिन एयरफोर्स और आईटीबीपी के जवानों ने हेलिकॉप्टर से 2500 फीट ऊंचाई पर पहुंचकर रोप-वे की तीन ट्रॉलियों में फंसे 15 को निकाल लिया है। ऊंचाई और तेज हवा होने की वजह से यह सबसे मुश्किल रेस्क्यू हुआ। रेस्क्यू के दौरान एक जवान के पैर में चोट लग गई। इससे पहले दो दिन में 46 लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
एक दिन पहले, सोमवार को सेना, वायुसेना, ITBP और NDRF की टीमों ने 12 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। इसमें 33 लोगों को तीन हेलिकॉप्टर और रस्सी के सहारे बचाया गया था। रेस्क्यू के दौरान सेफ्टी बेल्ट टूट जाने के कारण एक व्यक्ति की हेलिकॉप्टर से नीचे गिर कर मौत हो गई। अंधेरा और कोहरा हो जाने की वजह से ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। अब तक कुल तीन लोगों की मौत हुई है। एक की पुष्टि प्रशासन ने नहीं की है। 12 लोग घायल हैं।
चार लोगों की हुई मौत
इस हादसे में चार लोगों की मौत हुई है। सोमवार दोपहर एक मौत की पुष्टि की गई थी। इसके बाद शाम को एक व्यक्ति हेलीकॉप्टर से नीचे गिर गया। हाथ फिसल जाने के कारण यह हादसा हुआ। मंगलवार को एक महिला और पहाड़ी से नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई।
रात को भूखे-प्यासे रहे
दो ट्रॉली में एक ही परिवार के लगभग लगभग 8 से 10 लोग शामिल थे, जो देवघर के राम मंदिर रोड मोहल्ले के निवासी हैं। इनमें छठी लाल साह, उनकी पत्नी शोभा देवी, पुत्र अमित कुमार, पुत्र वधू खुशबू कुमारी, जया कुमारी, दो बच्चे 3 साल का वीर एवं 10 साल का कर्तव्य शामिल थे। परिवार ने रात भर बिना पानी के ही गुजारा किया। सुबह किसी तरह उन तक पानी पहुंचाया गया। इसमें से अधिकतर को निकाल लिया गया है। फंसे लोगों को खाना और पानी पहुंचाने के लिए पटना से ड्रोन मंगाया गया था, लेकिन शाम होने की वजह से फंसे लोगों तक खाना -पानी पहुंचाया नहीं जा सका। इसमें 3 और 4 साल के बच्चे भी हैं।
झारखंड हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल तक जांच रिपोर्ट मांगी
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने देवघर में रोपवे हादसे पर स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने राज्य सरकार से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट 25 अप्रैल को मांगी है। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2009 में इस तरह की गड़बड़ी हुई थी, लेकिन उससे सबक नहीं लिया गया और दोबारा घटना हुई है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर महाधिवक्ता ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए है। बचाव एवं राहत कार्य जोरों पर है। अब कुछ लोग ही फंसे हैं जिन्हें निकाला जा रहा है।
गौरतलब है कि झारखंड के देवघर में त्रिकूट पहाड़ियों पर रविवार को रोपवे की कई ट्रॉलियां आपस में टकरा गई थीं, इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है| रविवार के इस हादसे में 12 केबिनों में कई दर्जन लोग फंस गए थे| घायलों को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल भेजा गया है|
2500 फीट की ऊंचाई पर फंस गई थीं 48 जिंदगियां
देवघर में देवघर में रविवार को रामनवमी की पूजा करने और घूमने के उद्देश्य से यहां सैंकड़ों की संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। इस दौरान रोपवे की एक ट्राली नीचे आ रही थी, जो ऊपर की ओर जा रही ट्राली से टकरा गई। इस दौरान कई ट्रालियां ऊपर ही फंस गईं, जिसमें 48 लोग सवार थे। रविवार शाम चार बजे हादसा हुआ। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया था।
सोमवार तक 32 लोगों को रेस्क्यू किया गया: उपायुक्त
सोमवार रात को देवघर के उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजंत्री ने कहा था कि ,''आज-सोमवार सुबह से भारतीय सेना, NDRF, आर्मी रेस्क्यू ऑपरेशन कर रही है। अभी तक हादसे में 32 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है और अब तक 2 लोगों की मृत्यु हुई है, अभी भी 15 लोग फंसे हुए हैं जिन्हें कल सुबह निकाला जाएगा, फंसे हुए लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है|
सोमवार को झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे पर ITBP के PRO विवेक पांडे ने कहा था कि,''12 ट्रालियों में 48 लोगों के फंसे होने की हमें सूचना मिली थी। थोड़ी देर पहले 60 फीट नीचे वाली ट्राली से 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एक अन्य ट्राली से भी 4 लोगों को निकाला है। कुल 8 लोग निकाले गए हैं| बाकी के 40 लोगों को निकालने के लिए ऑपरेशन जारी है। उन्हें खाना भी पहुंचाया जा रहा है। सेना, NDRF, वायु सेना, स्थानीय पुलिस और प्रशासन के द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है। आज देर शाम तक शायद हम सभी लोगों को सुरक्षित ट्रालियों से बाहल निकाल दें|
झारखंड के देवघर में हुए रोपवे हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि,''NDRF, भारतीय वायुसेना और गरुड कमांडो के द्वारा सहायता ली जा रही है। जिन्होंने उस रोपवे को बनाया था उनकी टीम भी वहां पहुंच गई है। बचाव के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। चीज़ों पर हम लोगों की नज़र हैं|
देवघर के डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि,';;देवघर रोपवे हादसे में एक महिला की मृत्यु हुई। रोपवे पर एक ट्राली अपनी जगह से हिल गई। जिसकी वजह से रोपवे को रोक दिया। घटना में 2 लोग घायल हुए। बाद में उन्हें अस्पताल भेज दिया। अभी कुछ लोग रोपवे में फंसे हुए हैं। हमारी NDRF की टीम काम कर रही है। हम फंसे हुए लोगों के लिए बचाव अभियान चला रहे हैं| हैं|
सोमवार को भारतीय वायु सेना के अधिकारी ने कहा कि,''झारखंड के देवघर ज़िले में दो Mi-17 हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में लगे हुए हैं। कई लोग दुर्घटना के कारण रोपवे ट्रॉली में फंस गए हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है:
सोमवार को झारखंड के मंत्री हाफिजुल हसन ने था कहा,'' NDRF, वायुसेना और भारतीय सेना बचाव कार्य कर रही है। मेंटेनेंस के अभाव में दुर्घटना हो सकती है। मामले में जांच की जाएगी और जो भी लोग दोषी होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी। जान बचाना हमारी प्राथमिकता है|