कोकराझार: गृह मंत्री अमित शाह रविवार को असम के कोकराझार पहुंचे। कोकराझार में एक रैली को संबोधित करते गृह मंत्री ने कहा,आज से ठीक एक साल पहले देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बोडो शांति समझौता हुआ और बोडो शांति समझौते के साथ प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि पूरे उत्तर-पूर्व में जहां-जहां अशांति है, वहां बातचीत कीजिए और शांति का मार्ग प्रशस्त कीजिए|
पहले BTR समझौते दिवस के उद्घाटन समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,''जो कांग्रेस पार्टी अपने कालखंड में शांति और विकास नहीं ला सकी वो आज हमें सलाह दे रही है। मैं कांग्रेस पार्टी से पूछना चाहता हूं कि इतने सालों तक असम रक्त रंजित रहा, आपने क्या किया..? जो भी किया वो नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार ने किया|उन्होंने कहा,''आत्मसमर्थन करने वाले सभी शरणार्थियों को 4 लाख रुपये की जो आर्थिक सहायता देनी थी उसकी भी आज चेक के माध्यम से आपके सामने देने की शुरुआत भाजपा सरकार ने की है।
अमित शाह ने कहा,''बोडो भाषा को सम्मान देने का हमने वादा किया था। असम सरकार ने असम की सह राज्य भाषा का दर्जा बोडो भाषा को देकर आज वर्षों पुरानी मांग समाप्त कर दिया है।मुझे ये घोषणा करते हुए बहुत आनंद हो रहा है कि 500 करोड़ रुपये सिर्फ बोडो क्षेत्र के रोड नेटवर्क के लिए आवंटित किए गए हैं। ये रोड़ का जाल समस्त बोडो क्षेत्र को विकास के रास्ते पर ले जाएगा। बोडो शांति समझौते के बाद ब्रू-रियांग समझौते का प्रयास किया गया। 8 अलग-अलग हत्यारे ग्रुपों ने हथियार डालकर शांति का रास्ता चुना। ये सारी प्रक्रिया विकास के रास्ते में हमें ले जाने वाली है।
अमित शाह ने कहा,'' पिछले 5 साल में असम में जो विकास हुआ है, वो पिछले 70 साल में नहीं हुआ। असमी-गैरअसमी, बोडो-गैर बोडो करने वालों को पहचानिए। ये लोग ऐसी बाते राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए कर रहे हैं। भ्रष्टाचार मुक्त, घुसपैठिये मुक्त, आतंकवाद से मुक्त और प्रदूषण से मुक्त असम अगर बनाना है तो मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ही बना सकती है। आने वाले चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ असम में NDA की सरकार बनाइए और बोडो लैंड के विकास को सुनिश्चित करिए।