बस्ती– जिले में दिल्ली से आने वाली प्राइवेट बसों में सवारियों के बजाय माल लादने का चलन बढ़ता जा रहा है। बस संचालक यात्री परिवहन से ज्यादा माल ढुलाई पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
ओवरलोडिंग से बढ़ रहा हादसे का खतरा
बड़ेवन चौराहे और हाईवे पर यह नजारा आम हो गया है। बस्ती और सिद्धार्थनगर से रोजाना 15 से 20 प्राइवेट बसें दिल्ली और अन्य शहरों के लिए संचालित होती हैं। खासतौर पर दिल्ली से लौटने वाली बसों में सवारियों की तुलना में व्यापारियों का माल अधिक भरा होता है। बसों की छतों और अंदरूनी हिस्सों में भारी मात्रा में सामान ठूंस दिया जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
परिवहन विभाग और सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। इन बसों में हो रही ओवरलोडिंग के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। यदि जल्द ही इस पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह यात्रियों के लिए घातक साबित हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्राइवेट बसों में हो रही ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।