●सरकार हमसे 12-12 घंटे काम कराती है और बदले में ऐसा खाना देती है'
●फिरोजाबाद मुख्यालय में तैनात UP पुलिस के सिपाही मनोज कुमार ने रो रो कर सुनाई अपनी व्यथा
● पुलिस मेस में अच्छा खाना नहीं मिलने पर सिपाही मनोज कुमार ने किया हंगामा
● सिपाही मेस के खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए फूट-फूटकर रोया
फिरोजाबाद: फिरोजाबाद में पुलिस लाइन के सामने हाईवे पर भोजन की थाली हाथ में थामे एक सिपाही ने पुलिस मेस में खाना अच्छा ना मिलने की शिकायत करने के लिए सड़क पर आना पड़ा| सिपाही पुलिस मेस के खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए फूट-फूटकर रोया। उसने कहा कि वह दो दिन से भूखा है, लेकिन कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है।
सिपाही मनोज कुमार सड़क पर लोगों को प्लेट में रखी रोटी, दाल चावल दिखाकर रोता रहा...उसने कहा कि दाल पानी जैसी मिलती है, कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं| उसने रो-रोकर गुणवत्ताहीन भोजन के बारे में बताया| काफी हंगामें के बाद फोर्स भेजकर सिपाही को पुलिस लाइन लाया गया। एसएसपी ने मामले की जांच सीओ लाइन हीरालाल कन्नौजिया को सौंपी है।
इस मामले में फिरोजाबाद पुलिस ने कहा- "खाने की गुणवत्ता संबंधी जांच हो रही है, साथ ही कॉन्स्टेबल मनोज कुमार पर अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोप भी लगाए"|
फिरोजाबाद पुलिस ने कहा,''मैस के खाने की गुणवत्ता से सम्बन्धित शिकायती ट्वीट प्रकरण में खाने की गुणवत्ता सम्बन्धी जांच सीओ सिटी कर रहे है। उल्लेखनीय है कि उक्त शिकायतकर्ता आरक्षी को आदतन अनुशासनहीनता, गैरहाजिरी व लापरवाही से सम्बन्धित 15 दण्ड विगत वर्षो में दिये गये है|
महोत्सव के नाम पर भूखोत्सव क्यों?
इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,अमृत महोत्सव के छद्म उत्सव के शोर शराबे में भूख से रोते यूपी के पुलिसवाले की बात सुननेवाला कोई है क्या? महोत्सव के नाम पर भूखोत्सव क्यों?
वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने कहा ,'फिरोजाबाद की यह तस्वीर देखकर मर्माहत हूं। कौन सुने सिपाहियों की पीड़ा? अधिकारियों पर Elite सोच हावी है। 18 घंटे काम के बाद भी यह नहीं बदला। Visionless CM योगी आदित्यनाथ