गया: बिहार में रेलवे भर्ती बोर्ड की एनटीपीसी परीक्षा में धांधली के विरोध में आज छात्र बहुत ज्यादा उग्र हो गए। तीसरे दिन के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने गया में आज ट्रेन में आग लगा दी। गया में रेल भर्ती (RRB-NTPC) में अनियमितताएं को लेकर प्रदर्शनकारी कुछ छात्रों ने ट्रेन के डिब्बों में आग लगाई।
गया के SSP आदित्य कुमार ने कहा, "छात्र किसी के बहकावे में न आएं। रेलवे ने एक कमेटी का गठन किया है जो जांच करेगी। कुछ छात्रों की पहचान हुई है। कार्रवाई जारी है।"
पूर्वी-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने कहा,''RRB-NTPC (रेलवे) के परिणाम आने के बाद छात्रों में असंतोष देखा गया है। रेलवे बोर्ड ने छात्रों की समस्या को सुलझाने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। मेरा छात्रों से निवेदन है कि वह अपने घर जाएं और शांति बनाए रखें|
गौरतलब है कि हाल ही में जारी किए गए RRB-NTPC के रिजल्ट के खिलाफ छात्रों में काफी आक्रोश है। राज्यभर में विभिन्न स्टेशनों पर छात्रों का भारी जमावड़ा है। इन छात्रों ने रिजल्ट में धांधली का आरोप लगाया है और हजारों की संख्या में अभ्यर्थी एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध का आलम ये है कि रेल यातायात बाधित हो गया है। छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही है।
बता दें कि एनटीपीसी अभ्यर्थियों का यह आंदोलन सोमवार से शुरू है। पटना के राजेन्द्र नगर टर्मिनल पर छात्रों की एकजुटता और पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद इस विरोध की आग विभिन्न जिलों तक पहुंच गई। RRB-NTPC रिजल्ट में हुई गड़बड़ी को लेकर मंगलवार को छात्रों ने बक्सर में भी प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्रों ने बक्सर रेल स्टेशन पर एकत्रित होकर रेलगाड़ियों को रोक दिया। घंटों तक अहमदाबाद-दानापुर एक्सप्रेस और एक पैसेंजर ट्रेन खड़ी रही थी। छात्र घंटों तक पटरी पर बैठे रहे।
NTPC रिजल्ट का क्यों छात्र कर रहे हैं विरोध
दरअसल, रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा एनटीपीसी भर्ती सीबीटी -1 परीक्षा के परिणाम 14-15 जनवरी को जारी किए गए थे। परीक्षा में एक करोड़ से अधिक उम्मीदवार पंजीकृत हैं। इस परिणाम के आधार पर उम्मीदवारों को सीबीटी -2 यानी दूसरे चरण II परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाना है।
उम्मीदवारों का आरोप है कि आरआरबी एनटीपीसी रिजल्ट में धांधली की गई है। छात्रों का कहना है कि आरआरबी एनटीपीसी भर्ती अधिसूचना के मुताबिक, सीबीटी-1 सिर्फ एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। इसके अंक मुख्य परीक्षा में नहीं जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, आरआरबी को क्षेत्रवार कुल पदों के 20 गुना योग्य उम्मीदवारों की घोषणा करनी थी। लेकिन, आरआरबी द्वारा विभिन्न स्लॉट में पदों की संख्या को देखते हुए, उम्मीदवारों को प्रत्येक स्लॉट के लिए अलग से 20 गुना योग्य घोषित किया गया है।
2019 में जारी की गई थी अधिसूचना
गौरतलब है कि देशभर में 35 हजार पदों के लिए आरआरबी एनटीपीसी भर्ती के लिए चयन प्रक्रिया शुरू करने के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा 2019 में अधिसूचना जारी की गई थी। इस भर्ती में विभिन्न ग्रेड की 13 रिक्तियां हैं, जिन्हें सात स्लॉट में विभाजित किया गया है। इसमें सीबीटी-1 और सीबीटी-2 परीक्षा के माध्यम से दो चरणों के लिए क्रमश: 20 और 8 गुना अभ्यर्थियों को पास करने का प्रस्ताव था। हालांकि, नोटिफिकेशन में आरआरबी इस बात का उल्लेख कर चुका था कि इसे जरूरत के हिसाब से बढ़ाया या घटाया जा सकता है।