गाजियाबाद: गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच ने लड़कियों के नाम से फेसबुक आईडी बनाकर ठगी करने वाले को पकड़ा है। सोशल मीडिया पर वीडियों कॉलिंग कर ब्लैक-मेल करके देश के विभिन्न राज्यों में सैकड़ों लोगों को ठगने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान जासिम के रूप में हुई है। वह राजस्थान के जनपद नूंह के थाना फिरोजपुर झिरका स्थित बाईखेड़ा गांव का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने इस तरह के फ्रॉड की 300 से ज्यादा घटनाएं करना कुबूला है।
पूछताछ में जासिम ने बताया, हम लोग सर्वप्रथम फेसबुक पर लड़की के नाम से फर्जी आई-डी बनाते हैं और फेसबुक पर लोगों से दोस्ती करके चैट के माध्यम से उनसे शुरूआती बातचीत करते हैं एवं उनसे प्यार करने का नाटक करते हुए Whatsapp नम्बर प्राप्त कर लेते हैं और फिर फर्जी नम्बर, जो कि पूर्वोत्तर राज्यों की फर्जी आई-डी पर रजिस्टर्ड होते हैं, फर्जी आई-डी के सिम मेरा बहनोई मुफीक निवासी रायपुर जनपद भरतपुर द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।
इन सिम के द्वारा लोगों से चैट करना शुरू कर देते हैं एवं जब हमें यह विश्वास हो जाता है कि सामने वाला व्यक्ति पूरी तरह से हमारे जाल में फस चुका है तब हम उसे वीडियो कॉल पर प्यार भरी बातें करने के लिए उकसाते हैं और सामने वाला व्यक्ति यह विश्वास करके कि वह एक लड़की से बात कर रहा है वीडियो कॉल के लिए तैयार हो जाता है।
वीडियो कॉल शुरू करने से पहले हम दूसरे फोन में मौजूद अश्लील वीडियो चलाकर उस फोन के सामने रखते हैं, जिससे हमें वीडियो कॉल पर सामने वाले व्यक्ति से बात करनी होती है। जैसे ही वीडियो कॉल शुरू होती है तो सामने वाले व्यक्ति को हमारी तरफ लड़की का चलचित्र दिखाई देता है। जिसकी हम स्क्रीन रिकॉडिंग और स्क्रीन शॉट ले लेते हैं और 03 से 04 बार हम ऐसी वीडियो कॉल की रिकॉडिंग कर लेते हैं।
पहले क्राइम ब्रांच, फिर यूट्यूब ऑफिसर बनकर ठगी
इसके उपरान्त हम दूसरे फर्जी नम्बर के Whatsapp नम्बर से क्राइम ब्रान्च DCP/Dy.SP/अधिकारी विक्रम राठौर व अन्य नाम से पुलिस वाला बनकर सामने वाले को कॉल करके धमकी देना शुरू करते हैं कि तुमने किसी लड़की के साथ ऑनलाइन गलत हरकत की है। जिसके सम्बन्ध में लड़की द्वारा शिकायत की गई है और यह भी धमकी देते हैं
यह तुम्हारा वीडियो यू-ट्यूब पर वायरल होने वाला है एवं गिरफ्तार करने की धमकी भी देते हैं कि अगर तुम अपनी इज्जत और मान-सम्मान बचाना चाहते हो तो तुरन्त यू-टयूब मैनेज?? गौरव मल्होत्रा जिसका नम्बर हम खुद सामने वाले को देते हैं और फिर उससे बात करके अपनी वीडियो डिलीट करवाकर डिलीटिंग आई-डी देने के लिए कहते हैं, इसके बाद जब वह हमारे द्वारा दिये गये यू-टयूब मैनेजर के नम्बर पर बात करता है तो हम उसे डिलीट करने के बदले पैसे मांगते हैं।
उसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए भी हम लोग सामने वाले व्यक्ति से पैसे की मांग करते हैं, जो व्यक्ति हमारी इन धमकियों से ज्यादा डर जाता है वह हमारे द्वारा दिये गये Paytm/Phonepe/Googlepay/Airtel Payment Bank नम्बर एवं फर्जी पते पर खुलवाये गये बैंक खाते में पैसे डाल देते हैं।
इसके बाद डरे हुए व्यक्ति को 01-02 बार और धमकाया जाता है और ज्यादा से ज्यादा पैसे ऐंठ लिए जाते हैं। सामने वाला व्यक्ति अपनी समाज में बेज्जती होने के कारण किसी से शिकायत भी नहीं करता है। हम ज्यादा मोटी रकम लेने के लिए अक्सर क्राइम ब्रान्च अधिकारी बनकर स्वयं ही कैश लेने चले जाते हैं।
सिम आईडी से लेकर बैंक खाते तक फर्जी
ऑनलाइन पैमेन्ट लेने के लिए हम हमेशा फर्जी सिम, मोबाइल व फर्जी पते पर खुलवाये गये बैंक खाता का प्रयोग करते हैं। पिछले 2-3 वर्षों से हमारे गैंग द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में सैकड़ों लोगों से इस प्रकार की ठगी की गयी है। अभी तक हम लोग कहीं पकडे नहीं गये हैं।
गैंग के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने के लिए दबिश
पुलिस ने बताया कि,''अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हेतु टीम बनाकर दविश दी जा रही है। इस प्रकार के अपराध के सम्बन्ध में जनपद गाजियाबाद, दिल्ली एनसीआर, मेरठ, आगरा, मथुरा व आसपास के जनपदों में अभियोग पंजीकृत हुये हैं।
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकि ने बताया कि यह गैंग पूर्वोत्तर राज्यों की फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम खरीदता है, ताकि पकड़ा न जाए। इसी तरह फर्जी आईडी पर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं, जिसमें ठगी का पैसा लोगों से ट्रांसफर कराया जाता है। क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि यह गैंग पूरे देश में ठगी करता है। इस गैंग के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।