गोंडा: खबर गोंडा से है जहां करोड़ो रूपये की लागत व भष्ट्राचार से बना गोंडा का बहुचर्चित भिखारीपुर-सकरौर बांध आखिरकार कट ही गया। और इस बांध का लगभग 50 मीटर का हिस्सा कटकर नदी में समा गया। सरकार के तमाम दावों के बावजूद भी हर साल यह बांध काट जाता है। औऱ हर साल इस बांध पर करोड़ो निकल लिया जाता है।
कुछ दिन पहले सुबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा पहुंचकर इस बांध का दौरा करके ग्रामीणों को आश्वस्त किया था। कि बांध किसी दशा में नहीं कटेगा साथ ही उन्होंने यह भी कहा था। कि अगर बांध कटता है तो अधिकारी कार्यवाही के लिए तैयार रहें। इसके बाद लगातार यहां पर मंत्रियों का दौरा लगा रहा जिसमें जलशक्ति मंत्री के साथ ही अभी 2 दिन पहले ही गन्ना मंत्री ने भी हवाई सर्वेक्षण करते हुए बैठक किया था। लेकिन इन सबके बावजूद भी इस बांध को कटने से नहीं बचाया जा सका। और अब यंहा स्थिति भयावह हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है की बाढ़ खंड के जो इंजीनियर व कर्मचारी यहां पर राहत बचाव कार्य के लिए लगाए गए वह यहां पर नहीं बल्कि अलग एक कमरा लेकर वहां आराम फरमा रहे हैं।
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने बांध न काटने का किया था दावा
पिछले दिनों गोंडा पहुँचे जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने भी दावा किया था। कि अबकी बंधा नहीं कटेगा लेकिन मुख्यमंत्री व जल मंत्री जी के तमाम दावों के बावजूद भी तरबगंज के बिसुनपुरा गांव के पास भिखारीपुर -सकरौर बांध कट गया है। बांध का करीब 50 मीटर हिस्सा नदी में समा गया है। और घाघरा का पानी गांव मे घुसकर तबाही मचा रहा है। बांध कटने से आसपास के लोगों के घरों मे पानी घुस गया है। और ग्रामीण गांव छोड़कर पलायन मे जुट गए हैं। बांध कटने से ग्रामीणों मे दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही जिले के प्रशासनिक अधिकारी मौके पहुंचे लेकिन जिले के व बाढ़ खण्ड के अफसरों की यह लापरवाही तरबगंज ??े सैकड़ों गांवों में भारी पड़ी है।
स्थानीय ग्रामीण
जी हां तस्वीरें विचलित कर देने वाली और भयावह है। कहीं बांध का हिस्सा कटकर बह जाते हुए तस्वीरें सामने आई। तो कहीं एक विशालकाय पेड़ इस बांध के कट जाने के बाद नदी में यकायक समा गया। जिले के तरबगंज क्षेत्र में घाघरा नदी पर बने भिखारीपुर- सकरौर बांध में 4 दिन पहले ही दरार आ गई थी। और बांध का कुछ हिस्सा नदी में समा गया था। चैनल ने इस बांध कटने की खबर को प्रमुखता से दिखाया था। चैनल ने उसी दिन इस बांध के कटने की आशंका जता दी थी। और मौके पर मौजूद बाढ़ खंड के एक्सईएन बी.एन शुक्ला से बांध की सुरक्षा को लेकर सवाल भी किया था। लेकिन उन्होने बांध को पूरी तरह से सुरक्षित बताते हुए। इस आशंका को खारिज कर दिया था।
हालांकि डीएम डा.नितिन बंसल ने रात में न्यूज़ पर चली खबर का संज्ञान लेते हुए रात मे ही मौके का निरीक्षण किया था। और बाढ खंड के अफसरों को फटकार लगाते हुए बगल में ही दूसरा बंधा बांधा। और बचे बांध को बचाने के सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन बाढ़ खण्ड के अफसरों की लापरवाही भारी पड़ गई। और घाघरा की विकराल रूप ले चुकी लहरों के सामने भिखारीपुर सकरौर बांध ताश के पत्तों की तरह भरभराकर नदी मे समा गया। बांध का करीब 50 मीटर हिस्सा कट गया है। और अब घाघरा की धारा गांव की तरफ मुड़ गई है। बिसुनपुरा गांव पूरी तरह से पानी मे डूब गया है। और यहां के ग्रामीण पलायन मे जुट गए हैं। बांध कटने से यहां के सैकड़ों गांव में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही जिले के प्रशासनिक अफसर मौके पहुँचे।
वही सूचना पाकर मौके पर पहुँचे जिला अधिकारी डॉ.नितिन बंसल से बात की गई। तो उन्होंने बांध काटने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि तरबगंज में बिसुनपुरा गांव के पास भिखारीपुर सकरौर बांध 40 से 45 मीटर कट गया है। और जब ये नदी से एक दम पानी नीचे की तरफ जा रहा था नदी का बहाव तेज होने से कटान हुई है। अभी तक जो जानकारी मिली है की धीरे धीरे आबादी की तरफ पानी पहुच रहा है।
जितने भी आबादी में लोग है अभी तक जो हमारी गणना है 42 परिवार है जिसमें 162 लोग का उन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुचाया जा रहा है जिसको भी जरूरत होगी राहत के पैकेट दिये जायेंगे इसके अतिरिक्त लोगो को खाद्य सामग्री है वो भी दी जाएगी अगर हमारी कोशिश है कि ठोकर यानि रिंग बांध बनाते हुए इसको आबादी क्षेत्र में जाने से रोक सकें। आगे पानी का बहाव कम होगा जिससे कि कटान कम होगी। मौके पर टीमें लगाई गई राहत बचाव का कार्य चल रहा है।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव