गोंडा: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार किसान के हितों की बात करती है और चाहे धान खरीद का पैसा हो या गन्ने का भुगतान सभी को जल्द किसानों को भुगतान कराने का दावा करती है लेकिन किसानों की स्थिति जस की तस बनी हुई है |गोंडा जिले में स्थित यूपी की सबसे बड़ी कुंदरकी चीनी मिल का गन्ना भुगतान नहीं होने से किसान परेशान हैं| किसानों को अपने बच्चों की पढ़ाई और शादी के खर्चे की चिंता सता रही है।
गोंडा में तीन चीनी मिलों में पेराई की शुरुआत हो गई है, लेकिन अभी तक किसानों का पिछला बकाया भुगतान ना होने के कारण वे मायूस हैं। बजाज चीनी मिल को छोड़कर लगभग सभी चीनी मिलों में पिछले बकाया का भुगतान हो गया है, लेकिन प्रदेश की सबसे बड़ी चीनी मिल कुंदरकी पर अब भी किसानों का पैसा बकाया है।
गोंडा में बजाज चीनी मिल के अलावा मनकापुर बभनान और मैजापुर चीनी मिल है जिसमें बजाज चीनी मिल को छोड़कर लगभग सभी चीनी मिलों में पिछले बकाया का भुगतान हो गया है लेकिन उत्तर प्रदेश के सबसे बड़ी चीनी मिल बजाज कुंदरखी में किसानों का 146 करोड़ रुपया पुराने गन्ना का भुगतान बकाया है| 152 करोड़ का बकाया पिछला भुगतान मिल ने किसानों को भुगतान कर दिया है लेकिन भुगतान बकाया होने के बाद भी चीनी मिलों में गन्ना पेराई सत्र शुरुआत कर दी गई है।
वही गन्ना किसानों का कहना है कि हम लोगों का अभी तक पिछले साल का गन्ना जो भेजा गया था उसका पैसा नहीं मिल पाया है+ अब गन्ना बेचने का भी समय आ गया है और हम लोग मजबूरन उसकी चीनी मिल को भुगतान करेंगे लेकिन भुगतान न होने के चलते काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है| शादी का सीजन है बच्चों के पढ़ाई में खर्चा हो रहा है और रोजमर्रा के साथ तमाम खर्चे हैं| अगर समय से भुगतान हो जाए तो ऐसी स्थिति ना हो। खेती में भी पैसे की जरूरत पड़ती है तो हर तरीके से किसान परेशान है।
वहीं जब पूरे मामले पर जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह से जब बात कि, तो उन्होंने बताया कि बजाज कुंदरकी चीनी मिल को छोड़कर शेष सभी चीनी मिलों में पिछला गन्ने का भुगतान हो गया है और लगभग एक करोड़ के आसपास इस बजाज चीनी मिल में किसानों का भुगतान पड़ा हुआ है|जो भी चीनी मिल से बिकेगी उसका सारा पैसा किसानों को भुगतान किया जाएगा।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव