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24 अगस्त 2026

दस्तावेजों में जन्म तिथि फेरबदल कर लिया सियासी लाभ, योगी सरकार के मंत्री रमापति शास्त्री पर लगे गंभीर आरोप

गोंडा: खबर गोंडा से है। जहाँ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक जारी है। तो वही बीजेपी सरकार के समाज कल्याण कैबिनेट मंत्री व गोंडा के मनकापुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रमाप…

दस्तावेजों में जन्म तिथि फेरबदल कर लिया सियासी लाभ, योगी सरकार के मंत्री रमापति शास्त्री पर लगे गंभीर आरोप
दस्तावेजों में जन्म तिथि फेरबदल कर लिया सियासी लाभ, योगी सरकार के मंत्री रमापति शास्त्री पर लगे गंभीर आरोप | फ़ोटो: TVL News

गोंडा: खबर गोंडा से है। जहाँ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक जारी है। तो वही बीजेपी सरकार के समाज कल्याण कैबिनेट मंत्री व गोंडा के मनकापुर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रमापति शास्त्री पर गंभीर आरोप लगे हैं। दस्तावेजों में जन्म तिथि फेरबदल कर राजनीति लाभ लेने का आरोप लगा है। 



2017 के चुनाव में मनकापुर विधानसभा से चुनाव जीत के बीजेपी सरकार में समाज कल्याण मंत्री का पद मिला था इनके ऊपर आरोप है। इनकी जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1947 है और राजनीतिक लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड में मूल जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1947 कों बदलाव  कर उसमें 15 अक्टूबर 1952 दर्शाया गया है। जिसकी शिकायत लोगों द्वारा मुख्यमंत्री व बीजेपी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी की गई है। 



क्षेत्रीय जनता द्वारा आरोप लगाया गया है कि इनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करते हुए पैसे की रिकवरी के साथ उचित कार्रवाई की जाए तो। वहीं पूरे मामले पर कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री ने सवालों का खंडन करते हुए कहा है कि मेरी जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1947 है। जब जब मैं चुनाव लड़ा हूं जीता हु वही दर्शाया हूं मेरी आधार कार्ड और पैन कार्ड में मेरी जन्म तिथि 15 अक्टूबर 1947 है बाकी जो लोग क्या-कहा से निकाल लेते हैं हमे नही पता।




भ्रष्टाचार का भी आरोप

मुख्यमंत्री को को लिखे गए पत्र में कहा गया है,''उ0प्र0 सरकार में वर्तमान में भ्रष्टाचार की मंत्री रमापति शास्त्री भ्रष्टाचार के सारे आंकड़े क्रास कर बिना पैसे के कोई कार्य नहीं हो रहा है। पूर्व में भी मंत्री रहते हुए तमाम लाभ (स्वय) का कार्य किये, परन्तु इस बार 74 वर्ष की उम्र पार कर चुके मंत्री शास्त्री यह जानते है कि अब मेरी अन्तिम पारी है, जितना लूटना है, लूट लो।  इसी कारण अपने सारे पूर्व सहयोगियों की बातों को दरकिनार कर (चाहे संगठन या अनुसांगिक संगठन या व्यक्तिगत बातों का न मानने की ठान लिया है।'



दस्तावेजों में जन्म तिथि फेरबदल 

शास्त्री जी जब वर्ष 1974 में जनसंघ के टिकट पर पहली बार डिक्सिर विधानसभा में चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए थे, तब इनकी जन्मतिथि 03.01.1947 बताई गई थी और अब 15.10.1952 बताई जा रही है। सन् 2017 विधान सभा चुनाव तक में जो आई0टी0आर0 दिया गया है, उसके पैन में जन्मतिथि 03.01.1947 है। जबकि शपथ पत्र में इनकी उम्र 67 वर्ष बताया गया है, जोकि भ्रामक और अपराधिक प्रतीत होता है।



अगर वास्तव में इनकी जन्मतिथि 15.10.1952 है तो 1974 में यह विधानसभा चुनाव कैसे लड़ पाये और विधायक निर्वाचित हुए, क्योंकि श्री शास्त्री जी उम्र उस वक्त मात्र 22 वर्ष की थी। जबकि सेण्ट्रल गवर्नमेंट एक्ट 173(बी) इन द कान्स्टीट्यूशन ऑफ इण्डिया 1949(बी) के अनुसार 25 वर्ष से कम आयु का व्यक्ति विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ सकता है। इनका पैन नं0 AZZPS3848Q, आधार नं0 9903 6481 8479 है।



फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के जरिये अपने भाई अध्यापक बनाय

वर्ष 1991 में जब ये समाज कल्याण मंत्री थे तो फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के जरिये अन्य लोगों के अलावा अपने भाई राम नायक को भिलावाँ आलमबाग में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित स्कूल में अध्यापक बनाया।


जमीन घोटाला

वर्ष 1991-92 में राजस्वमंत्री के रूप में अपने परिवार के लोगों के नाम खेतिहर जमीन पहले नदी के किनारे की कराई ताकि कोई ध्यान न दे और बाद में उसी जमीन को सेमरा शेखपुर में खेती योग्य अच्छी जगह करा लिया।साथ ही तत्कालीन जिलाधिकारी से सांठ-गांठ करके पड़ाव नवाबगंज में जमीन अपने पुत्र के नाम करा ली, जिसमें अब आवास बना लिया है।




वर्ष 1997-98 में उ0प्र0 के स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अवैध नियुक्तियों से लेकर स्थानान्तरण उद्योग चलाया जिसमें इनके भाईगण रामनायक (मास्टर), बाबूलाल शारी ने खुलेआम पैसा लेकर अपने बल पर तथा अपने स्वलिखित कागज अधिकारियों को दिया गया| जिसका  परिणाम ये हुआ कि- इतने लोगों से पैसा ले लिया गया कि कोई पोलिंग बूथ ऐसा नहीं बचा जहाँ विरोध नहीं हुआ, जिसका परिणाम यह हुआ कि लगातार 2002, 2007 व 2012 का चुनाव बुरी तरह हारे।


 अपने अध्यापक भाई को स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति करा दिया, 7-8 महीने तक दो जगह से सैलरी लेते रहे

2017 में BJP ने किसी तरह टिकट और राजा मनकापुर की कृपा से चुनाव जीत गये। पार्टी ने मंत्री बनाया, परन्तु इस बार इनकी कार्य शैली और भी बदल गई। अपने भाई श्री राम नायक (मास्टर) का जब भिलावाँ आलमबाग से फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र सम्बन्धी पोल खुलने लगा तो वर्ष 1998-99 में स्वास्थ्य विभाग के 1998-99 में स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया में कीट संग्रहकर्ता चतुर्थ श्रेणी में नियुक्ति करा दिया तथा एक साथ समाज कल्याण एक साथ समाज कल्याण के भिलावाँ स्कूल और मलेरिया में एक साथ दो जगह से 7-8 महीने तक सैलरी लेते रहे। वर्तमान में राम नायक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।



मंत्र को उपलब्ध कराई गई इनोवा गाड़ी से चल रहा है भाई 

विभाग द्वारा श्री शास्त्री को उपलब्ध कराई गई इनोवा गाड़ी से चल रहा है तथा श्री शास्त्री के लिए उपलब्ध कराई गई सुरक्षा का सिपाही नायक के साथ ही चलता है।  सारे विभागीय अधिकारी, मुंशी पुलिया इन्दिरा नगरर आवास पर दस्तक दे रहे हैं। स्थानान्तरण से लेकर नियक्ति व समाज कल्याण निर्माण निगम (एस0आई0डी0आई0सी0ओ0) ठेका आवंटन भी इसी के इशारे पर किया जाता है। मंत्री ने अपने भाई राम नायक को अपने निजी स्टाफ में रखने हेतु स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। 




tvlnews

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यह रिपोर्ट 29 जनवरी 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 23 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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