गोंडा: मनरेगा घोटाले में गोंडा अव्वल| ब्लॉको पर मनरेगा में घोटालों की भरमार, झंझरी के बाद अब वजीरगंज में बड़ा घोटाला| 3 साल में हुआ डेढ़ करोड़ का घोटाला| मजदूरी से ज्यादा सामग्री खरीद में भुगतान| एक दो नहीं 35 ग्राम पंचायतों में हुआ खेल| जिम्मेदारों ने सरकारी धन का किया जमकर बंदरबांट| व्यवस्था को किया तार-तार| शिकायत पर डीएम ने दिए मामले की जांच के आदेश।
आपको बता दें कि,'' मनरेगा घोटाले में फंसे जिले के दो अफसरों से ब्लाकों का प्रभार छीन लिया गया था। पंडरीकृपाल, बेलसर व झंझरी में नए बीडीओ की तैनाती की गई है। 18 अप्रैल 2022 को नवागत बीडीओ ने कार्यभार संभाल लिया था। वहीं, दागी अफसर व कर्मियों की पड़ताल शुरू हो गई है।
बीडीओ शेरबहादुर सिंह के पास पहले वजीरगंज ब्लाक में तैनात थे। मनरेगा के तहत हजरतपुर गांव में मृतक को रोजगार देने का मामला प्रकाश में आया था। इसके बाद उनका तबादला पंडरीकृपाल ब्लाक में कर दिया गया था। बीडीओ समेत तीन के खिलाफ वजीरगंज में एफआइआर कराई गई थी।
वहीं, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरुण कुमार सिंह बेलसर में बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। इससे पहले उनके पास झंझरी ब्लाक का चार्ज था। अफसरों के मुताबिक बीडीओ ने ग्राम पंचायतों में बिना जनसूचना बोर्ड लगाए भुगतान कर दिया था।
जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। डीएम डा. उज्ज्वल कुमार ने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी अरुण कुमार सिंह से बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया था। यहां नवागत बीडीओ प्रणय कृष्ण की तैनाती की गई है। बीडीओ शेर बहादुर सिंह को पंड़रीकृपाल ब्लाक से हटाकर जिला विकास अधिकारी के कार्यालय से संबद्ध किया गया थी। यहां झंझरी में तैनात रहे बीडीओ ओम प्रकाश सिंह यादव को तैनात किया गया है। नवागत बीडीओ मृत्युंजय यादव को झंझरी ब्लाक में तैनाती मिली है।
रिपोर्ट-अतुल कुमार यादव