हरिद्वार:हरिद्वार 'धर्म संसद' अभद्र भाषा मामले (Haridwar 'Dharm Sansad' hate speech case) में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी को हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किया| वसीम रिजवी' (पुराना नाम) को हरिद्वार में धर्मसंसद (Haridwar Dharm Sansad) में भड़काऊ भाषण मामले में हरिद्वार जिले के नारसन बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया है|
हरिद्वार सिटी के एसपी स्वतंत्र कुमार ने बताया,''उत्तराखंड पुलिस ने वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी को हरिद्वार 'धर्म संसद' अभद्र भाषा मामले में नरसन सीमा,रुड़की से गिरफ्तार किया है|
हरिद्वार में धर्म संसद आयोजित कर विशेष सुमदाय के खिलाफ हेट स्पीच के मामले में जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी हुई है। कुछ दिन पहले स्थानीय निवासी की तहरीर पर हेट स्पीच मामले में हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने 153A के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वासिम रिजवी, साध्वी अन्नपूर्णा सहित कई अन्य संतों के नाम से हरिद्वार कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। नारसन बॉर्डर से हरिद्वार पुलिस ने जितेंद्र सिंह त्यागी को गिरफ्तार किया। वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को पुलिस गिरफ्तार कर शहर कोतवाली हरिद्वार लेकर आ गई।
एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ सिटी शेखर सुयाल ने बंद कमरे में वसीम रिजवी से कई घंटों तक पूछताछ की। इसके बाद वसीम रिजवी को मेडिकल के लिए भेज दिया गया। डीआइजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल ने बताया कि वसीम रिजवी को गिरफ्तार किया गया है। मेडिकल कराने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
वसीम रिजवी ऊर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी के साथ जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं गाजियाबाद के डासना स्थित देवी मंदिर के महंत स्वामी नरसिंहानंद गिरी भी उनके साथ मौजूद थे। भड़काऊ भाषण मुकदमे में स्वामी नरसिंहानंद गिरी भी नामजद हैं। लेकिन पुलिस ने सिर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी की है। पुलिस के मुताबिक वसीम रिजवी और स्वामी नरसिंहानंद गिरी एक ही वाहन में हरिद्वार से बाहर जा रहे थे। डीआईजी गढ़वाल करण सिंह नगन्याल के मुताबिक कानूनी कारणों से स्वामी नरसिंहानंद गिरी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।