ABG Shipyard Bank Fraud Case: देश में बैंकिंग इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। यह घोटाला जहाज निर्माण कंपनी ABG शिपयार्ड द्वारा की गई है। CBI ने ABG शिपयार्ड और उसके निदेशकों के ख़िलाफ़ 28 बैंकों को 22,842 करोड़ रुपए के तथाकथित धोखाधड़ी के आरोप में FIR दर्ज़ की। सीबीआई ने एसबीआई की शिकायत पर एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड, उसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक ऋषि अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े घोटाले पर अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी बात कही है| ABG शिपयार्ड द्वारा 22,842 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी पर SBI ने कहा,'' ICICI बैंक के नेतृत्व में 2 दर्जन से अधिक उधारदाताओं ने पैसे दिए थे। कंपनी के खराब प्रदर्शन के कारण नवंबर 2013 में खाता NPA हुआ था। कंपनी के संचालन को ठीक करने के लिए कई प्रयास किए गए लेकिन सब विफल रहे|
मार्च 2014 में सभी उधारदाताओं द्वारा CDR के तहत खाते का पुनर्गठन किया गया था। शिपिंग उद्योग मंदी के दौर से गुजर रहा था इसलिए कंपनी का संचालन पुनर्जीवित नहीं हो सका|
SBI ने कहा,''पुनर्रचना विफल होने के कारण, खाते को नवंबर 2013 से जुलाई 2016 में NPA के रूप में वर्गीकृत किया गया था।। अप्रैल 2018 में उधारदाताओं द्वारा E&Y को फोरेंसिक ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया गया था। धोखाधड़ी मुख्य रूप से धन के विचलन, दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात का है|
SBI ने कहा,''ICICI और IDBI बैंक कंसोर्टियम में पहले और दूसरे अग्रणी ऋणदाता थे और SBI सबसे बड़ा PSB ऋणदाता था इसलिए यह तय हुआ कि CBI के पास शिकायत दर्ज़ SBI कराएगा। CBI के पास पहली शिकायत नवंबर 2019 में दर्ज़ की गई थी। CBI का अन्य बैंकों के साथ लगातार संपर्क में था|
SBI ने कहा,'वर्तमान में खाता NCLT संचालित प्रक्रिया के तहत परिसमापन के दौर से गुजर रहा है... किसी भी समय प्रक्रिया में देरी करने का कोई प्रयास नहीं किया गया|
गौरतलब है कि एबीजी शिपयार्ड के 22 हजार करोड़ के स्कैम मामले में एजेंसी ने कमलेश अग्रवाल के अलावा एबीजी शिपयार्ड के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशकों- अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेतिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी कथित रूप से आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आधिकारिक दुरुपयोग जैसे अपराधों के लिए मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा किया गया है।
घोटाले के पैसे से विदेशों में खरीदी गई प्रॉपर्टी
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार घोटाला करने वाली दो प्रमुख कंपनियों के नाम एबीजी शिपयार्ड और एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड हैं। दोनों कंपनियां एक ही समूह की हैं। कंपनियों पर आरोप है कि घोटाले किए गए पैसे को विदेश में भेजकर अरबों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी गईं।