नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी हिंसा को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा सुनियोजित साजिश करार दिए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि, योगी सरकार ने इसकी पूरी जांच की है और आरोपियों को पकड़ा है, अगर इसमें साजिश है तो सजा होगी| आठवले ने कहा कि,राहुल गांधी के आरोपों में बिल्कुल तथ्य नहीं हैं। लखीमपुर खीरी की घटना में किसानों की मौत हुई थी और जीप में बैठे लोग भी मारे गए थे। योगी सरकार ने इसकी पूरी जांच की है और आरोपियों को पकड़ा है, अगर इसमें साजिश है तो सजा होगी|
बता दें कि,''उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों को गाड़ी से रौंदने के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम ने जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को लिखित दस्तावेज सौंपकर बताया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों को मारने की सुनियोजित साजिश रची थी|
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि यह घटना एक "पूर्व नियोजित साजिश" थी, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए| SIT ने लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा और बाकी साथियों पर IPC की धाराओं 279,338,304A को हटाकर 307, 326, 34 जैसी सख़्त धाराएँ लगाने के लिए कोर्ट में ऐप्लिकेशन डाली है। SIT ने कहा है कि लखीमपुर नरसंहार जानबूझकर प्लानिंग करके किया गया था।
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में SIT के खुलासे के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि, मोदी जी, फिर से माफ़ी माँगने का टाइम आ गया… लेकिन पहले अभियुक्त के पिता को मंत्री पद से हटाओ। सच सामने है!|
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने छानबीन और साक्ष्यों के आधार पर कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के पुत्र और उसके सहयोगियों द्वारा जानबूझकर, सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया| एसआईटी के मुख्य जांच निरीक्षक विद्याराम दिवाकर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दिये गये आवेदन में आरोपियों के विरुद्ध उपरोक्त आरोपों की धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है| केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत उसके 13 साथियों द्वारा लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप से कुचलने का आरोप है|
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि,''अब तक की विवेचना व संकलित साक्ष्यों से यह प्रमाणित हुआ कि अभियुक्तगणों द्वारा उक्त आपराधिक कृत्य को लापरवाही एवं उपेक्षा से नहीं बल्कि जानबूझकर पूर्व से सुनियोजित योजना के अनुसार जान से मारने के नियत से कारित किया है. जिससे पांच लोगों की मृत्यु हो गयी है और कई गम्भीर रुप से घायल हुये ह एवं कई के फ्रक्चर होना पाया गया| प्रकरण में धारा 279,338,304ए का होना नहीं पाया गया बल्कि धारा 307,326,34 भा0द0वि0 व धारा 3/25/30 शस्त्र अधिनियम का भी अपराध होना पाया गया. इस कारण धारा 279,338,304ए का विलोपन किया गया एवं अन्य धाराओं के साथ थारा 307,326.34 आईपीसी व 3/25/30 भा0द0वि0 की बढ़ोत्तरी की गयी।