जौनपुर: लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) के खुलासे के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि,'' भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं को राज्य के गृह मंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव बनाना चाहिए| अखिलेश यादव ने कहा कि,'''जांच के बाद यह साबित हो गया है कि मंत्री और उनके बेटे ने साजिश रची थी। अब सरकार और भाजपा के सदस्यों को गृह राज्य मंत्री पर इस्तीफा देने का दबाव बनाना चाहिए|
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि यह घटना एक "पूर्व नियोजित साजिश" थी, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए| SIT ने लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा और बाकी साथियों पर IPC की धाराओं 279,338,304A को हटाकर 307, 326, 34 जैसी सख़्त धाराएँ लगाने के लिए कोर्ट में ऐप्लिकेशन डाली है। SIT ने कहा है कि लखीमपुर नरसंहार जानबूझकर प्लानिंग करके किया गया था।
इससे पहले कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर लखीमपर किसान नरसंहार में उनकी भूमिका की भी जांच की मांग की है| उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘न्यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्य मंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था’|
इसी ट्वीट में उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इस बात की जांच होनी चाहिए कि साजिश में गृह राज्य मंत्री की क्या भूमिका थी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने किसान विरोधी मानसिकता के चलते उन्हें पद से भी नहीं हटाया है’|
कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' पीएम मोदी जी किसानों को आपकी खोखली बातें नहीं सुननी हैं। प्रधानमंत्री होने के नाते अपनी संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए लखीमपुर किसान नरसंहार की साज़िश में गृह राज्यमंत्री की भूमिका की जाँच अविलम्ब शुरू करवाइये एवं उन्हें तुरंत बर्खास्त करिए।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि,''UP SIT जांच कहती है कि लखीमपुर में जो किसानों की हत्या हुई वो सुनियोजित साजिश थी। लेकिन अब तक गृहराज्य मंत्री टेनी का इस्तीफा नहीं हुआ? वे भाजपा सरकार के गले की माला बने हुए हैं। अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे तक हम प्रियंका जी के नेतृत्व में संघर्ष करते रहेंगे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि,एक मंत्री खुलेआम मंच से किसानों को धमकाता है। उसका बेटा किसानों को रौंद देता है। पुलिस कहती है यह पूर्व नियोजित था। उनमें ये हिम्मत कहां से आई? लोकतंत्र को रौंदने की यह हिम्मत उस तानाशाही का नतीजा है जिसने पूरे देश को एक आदमी का बंधक बना दिया है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि,''सुप्रीम कोर्ट ने पहली सुनवाई में ही कहा कि 'स्वाभाविक वजहों से' CBI को जांच नहीं दे सकते। फिर भी टेनी को मंत्री पद से नहीं हटाया गया। मोदी जी ऐसी सरकार चला रहे हैं जो किसानों के अपराधी को बचाने के लिए अपना इकबाल और सारी संवैधानिक संस्थाएं दांव पर लगा सकती है।
कांग्रेस ने कहा कि,'धाराएं बदलने और साजिश का खुलासा होने के बीच गृहराज्य मंत्री जेल में बेटे से मिलने पहुंच गए। क्या मंत्रीजी जांच और प्रशासन को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं? क्या वे बेटे से कहने गए थे कि मैं गृह राज्यमंत्री हूं और किसान विरोधी मोदी जी हमारे साथ हैं?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि,''कोर्ट ने धाराएं बदलने और 307, 326, 34 जैसी सख़्त धाराएं लगाने को मंजूरी दे दी है। जांच में ये भी खुलासा हो गया है कि टेनी के बेटे ने साजिशन किसानों को रौंदा और टेनी मंत्री की हैसियत से जांच को प्रभावित करते रहे। मोदी जी अब बताएं कि टेनी को बर्खास्त कब करेंगे?
का???ग्रेस ने कहा कि,'किसानों का नरसंहार अगर 'सुनियोजित साजिश' का अंजाम है तो यह साजिश रची किसने? मंत्री के भड़काऊ बयान ने? खुद मंत्री ने? बाप-बेटे ने मिलकर? या मोदी-शाह के आदेश पर? अगर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री इसमें खुद शामिल नहीं है तो वे आरोपी को लगातार संरक्षण क्यों दे रहे हैं?
बता दें कि 3 अक्टूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी में आंदोलन कर रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने तेज रफ्तार एसयीवू गाड़ी चढ़ा दी थी| इसमें चार किसानों की और एक पत्रकार की मौके पर ही मौत हो गई थी| बाद में भड़की हिंसा में चार और लोगों की मौत हो गई थी|
गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने छानबीन और साक्ष्यों के आधार पर कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के पुत्र और उसके सहयोगियों द्वारा जानबूझकर, सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया| एसआईटी के मुख्य जांच निरीक्षक विद्याराम दिवाकर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में दिये गये आवेदन में आरोपियों के विरुद्ध उपरोक्त आरोपों की धाराओं के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है| केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा मोनू समेत उसके 13 साथियों द्वारा लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे किसानों को जीप से कुचलने का आरोप है|