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25 अगस्त 2026

Unnao Case: बेटी बचाओ भाजपा के लिए सिर्फ एक नारा, विशवास नही, कांग्रेस ने कहा-योगी सरकार एक अभिशाप बन चुकी है बेटियों के लिए

नई दिल्ली: यूपी के यूपी के उन्नाव जिले में लड़कियों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुआ-भतीजी के शव व चचेरी बहन के गंभीर हालत में मिलने से हर कोई हतप्रभ है। दो लड़कियों की मौत हो चुकी है जबकि त…

Unnao Case: बेटी बचाओ भाजपा के लिए सिर्फ एक नारा, विशवास नही, कांग्रेस ने कहा-योगी सरकार एक अभिशाप बन चुकी है बेटियों के लिए
Unnao Case: बेटी बचाओ भाजपा के लिए सिर्फ एक नारा, विशवास नही, कांग्रेस ने कहा-योगी सरकार एक अभिशाप बन चुकी है बेटियों के लिए | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  यूपी के यूपी के उन्नाव जिले में लड़कियों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुआ-भतीजी के शव व चचेरी बहन के गंभीर हालत में मिलने से हर कोई हतप्रभ है। दो लड़कियों की मौत हो चुकी है जबकि तीसरी लड़की कानपुर के रिजेंसी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है|विपक्ष इस मामले में लड़की को दिल्ली एयरलिफ्ट करने की मांग कर रहा है| इस घटना को लेकर कांग्रेस नेता अलका लांबा ने योगी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है| 

 


उन्ना घटना को लेकर BJP सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि,'''अब बिल्कुल यकीन हो चुका है- 'बेटी बचाओ' नारा भाजपा की तरफ से दी गई चेतावनी था कि देश और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आ रही है, अपनी बेटी बचाओ|




अल्का लांबा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं अपनी बात आपके सामने रखू, उससे पहले एक वीडियो है, वो आपके साथ शेयर करना चाहती हूं और फिर अपनी बात रखूगी। (वर्ष 2017 की यूपी चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री के चुनाव प्रचार की वीडियो दिखाई गई, जिसमें वो ये कह रहे हैं कि तत्कालीन सरकार के समय उस सरकार के कारण उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा की भयावह स्थिति है और कोई भी महिला अंधेरा होने के बाद घर से बाहर निकलते हुए डरती है।)




अल्का लांबा ने कहा कि अपनी बात को रखने से पहले, ये वीडियो दिखाना इसलिए भी बेहद जरुरी था, क्योंकि महिला सुरक्षा का मुद्दा, क्या मात्र अब एक चुनावी मुद्दा रह चुका है? ये जो दहाड़ थी, ये 2017, उत्तर प्रदेश के चुनावों में देश के प्रधानमंत्री जी की ये दहाड़ थी। ये खामोश क्यों हो गई, ये सुनाई क्यों नहीं देती? आज हम सबको मालूम है 17 फरवरी, कल उन्नाव में, ये केवल दलित बेटियों की बात नहीं है, कोई भी बेटी उत्तर प्रदेश में सुरक्षित नहीं रही। 




अल्का लांबा ने कहा कि,''कल की घटना मानवता को शर्मसार करती है एक बार फिर से। प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में कहा, शाम होते बेटियां घर से नहीं निकल पाती थी। ये बेटियां जो उन्नाव की तीन, तीनों नाबालिग बेटियां, 13 साल उम्र, 16 साल की उम्र और 17 साल की उम्र, खेतों में चारा लेने जाती हैं दोपहर को, शाम तक घर नहीं लौटती, परिवार उन्हें खोजने के लिए पहुंचता है। बेटियों के हाथ और पैर बंधे हुए और चारों तरफ झाग फैली हुई। परिवार बेटियों को लेकर अस्पताल पहुंचता है, तो दो बेटियों वहाँ पर पहुंचते ही दम तोड़ देती है।




उन्होंने कहा,''एक बेटी 17 साल की जो जिंदगी और मौत के बीच में संघर्ष कर रही है। उम्मीद की जा रही थी कि सरकार संवेदनशीलता दिखाएगी, गंभीरता दिखाएगी और मांग उठ रही है, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी जी ने भी लोगों की मांग के साथ, आवाज के साथ, आवाज मिलाते हुए मांग की है कि 24 घंटे लगभग-लगभग होने वाले हैं। क्यों तीसरी बच्ची, जो जिंदगी और मौत के बीच में जूझ रही है, उसे एयरलिफ्ट करके अभी तक जो मांग है कि भारत की राजधानी दिल्ली के एम्स में तुरंत लाया जाए। उस बेटी का जिंदा रहना अपराधियों तक पहुंचने के लिए, उन्हें फांसी के तख्ते पर पहुंचाने के लिए भी बेहद जरुरी है। 




अल्का लांबा ने कहा कि,''लेकिन देखने में आ रहा है कि हाथरस की घटना में भी बेटी को इलाज में देरी की वजह से जब वो दिल्ली लाई गई, देर हो चुकी थी और हाथरस की हमारी बेटी ने दम तोड़ दिया  था तब तक। अभी भी सरकार किसका इंतजार कर रही है, समझ से परे है। क्यों इस बेटी को एक अच्छा इलाज, समय पर इलाज देते हुए उसे जिंदा रखने की जरुरत है और ये सरकार, बिल्कुल, मैं कहूंगी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक अभिशाप बन चुकी है। एक अभिशाप बन चुकी है पूरी बेटियों के लिए।




अल्का लांबा ने कहा कि,'लगातार इस तरह की घटनाएं अपराधियों में डर खत्म हो चुका है, ये घटना एक ताजा उदाहरण वापस हम सबके सामने है। नहीं है अपराधियों में खौफ और डर और यहाँ तक कि ये बताया जाता है कि अपराधी तो खुले घूम रहे हैं। इस घटना में भी, परिवार को जो बंदी बना दिया गया है। क्यों परिवार तक मीडिया हो, कानूनी मदद हो, ये जो उन्हें ताकत दे रहे हैं, उन्हें पहुंचने से ये सरकार की पहली कोशिश होती है कि उन्हें रोका जाए। श्री राहुल गांधी ने भी ट्वीट करके परिवार को पूरी तरह से यकीन दिलाया कि कांग्रेस इस न्याय की लड़ाई में पूरी तरह से पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है, हम अन्याय नहीं होने देंगे। 




उन्होंने कहा,'मैं ये कहना चाहती हूँ, हाथरस के मामले में सड़कों पर आए, यहाँ पर भी अगर जरुरत पड़ी, सरकार नहीं जागेगी. तो सड़कों पर आना पड़ेगा. उम्मीद ये की जाती है कि बेटी को इलाज मिले। ये महिला सम्मान, मनावाधिकारों को लगातार देखने में आ रहा है कि अपनी छवि बचाने के लिए कुचलते जा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या ये राम राज्य है, क्या ऐसा होता है राम राज्य? जहाँ अपराधी बेखौफ हैं और बेटियां डर और खौफ के साए में पल रही हैं। 




उन्होंने कहा,''जब भूकंप आता है कि उसका एक एपिसेंटर होता है, केन्द्र होता है, अब तो ऐसा लगता है कि बेटियों के साथ देश में जो हर रोज बलात्कार और हत्याएं हो रही हैं, उसका केन्द्र जो है, उत्तर प्रदेश बनकर रह गया है। सरकार पूरी तरह असंवेदनशील है। कोई गंभीरता इसमें देखने को नहीं मिलती है। लोगों को पूरा दबाव बनाना पड़ रहा है, चाहे सोशल मीडिया है, इलेक्ट्रोनिक मीडिया अपनी आवाजों को उठा रहे हैं कि किसी तरह सोती हुई सरकार को जगाए। हमारे देश की महिला बाल विकास मंत्री बहुत से मुद्दों पर बेबाकी से बोलती हैं, हर भाषा में ट्वीट करती हैं। हमें समझ नहीं आ रहा है कि स्मृति ईरानी जी आपको कौन सी भाषा समझ आएगी, जिस भाषा में हम आपको समझाएं उनके ट्विटर हैंडल पर? देश की महिला बाल विकास मंत्री उत्तर प्रदेश से आती हैं, सांसद हैं, एक ट्वीट संवेदनशीलता का, एक ट्वीट ये विश्वास दिलाते हुए कि न्याय होगा, उनकी नजर बनी हुई है। 




उन्होंने कहा,''पीड़िता को अगर इलाज की भी जरुरत होगी तो उससे भी सरकार पीछे नहीं हटेगी। जरा सी भी संवेदनशीलता नहीं है। देश का महिला बाल विकास मंत्रालय भी मुझे लगता है सिर्फ उन्हीं मुद्दों पर बोलता है, जो मुद्दे भाजपा की राजनीति को सूट करते हैं। यहाँ तो डबल इंजन की सरकार है ना। पूछना चाहते हैं प्रधानमंत्री जी, केन्द्र में आपकी सरकार, यूपी में आपकी सरकार, पुलिस प्रशासन, कानून व्यवस्था सब आपकी जिम्मेदारी है, किससे सवाल किए जाएं? क्यों ये डबल इंजन की सरकार फेल हो रही है, क्यों अपराधियों में खौफ नहीं बन पा रहा है? अब ये मान लें कि उत्तर प्रदेश में अगर बदलाव आएगा तो अब सत्ता के साथ ही बदलाव आएगा। 




उन्होंने कहा,'अगर यही हकीकत है, तो मुझे लगता है कि अब आंदोलित होना होगा। अब सड़कों पर आना होगा, अगर सत्ता के साथ ही बदलाव संभव है तो फिर इस सत्ता को उखाड़ फेंकना होगा, जो हमारी बेटियों को सुरक्षा देने में पूरी तरह से नाकामयाब हो रही है।




अल्का लांबा ने कहा कि,'योगी आदित्यनाथ लगातार एक के बाद एक उन्नाव हो, हाथरस हो, आज फिर ये घटना कल घटित हुई, योगी आदित्यनाथ जी पूरी तरह से असफल और फेल मुख्यमंत्री साबित हो रहे हैं, ये एक के बाद एक घटना साबित कर रही है। कोई डर पैदा नहीं हो रहा। बेटी बचाओ का नारा अब तो बिल्कुल ही यकीन हो चुका है कि एक चेतावनी थी कि भाजपा की सरकार आ रही है, देश और उत्तर प्रदेश में बेटी बचाओ। गंभीरता से लोगों ने नहीं लिया कि सरकार आ रही है और उस सरकार से ही अपनी बेटियां बचाना आज एक सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है देश के लिए। आप सभी मीडिया साथियों से कहूंगी कि खामोश कर दिया जाता है, हर उस उठती हुई आवाज को जो इस सत्ता के खिलाफ उठती है। 




उन्होंने कहा,'लेकिन ये आवाज पीड़िता और उसके परिवार के लिए उनके कानों तक पहुंचेगी, तो यकीन है उस पीड़ित परिवार के लिए भी न्याय की उम्मीद जिंदा रह पाएगी। वो हमारी बेटी, जिसे अभी भी इलाज से, अच्छे इलाज से मैं कहूंगी वंचित रखा गया है, किन कारणों से, नहीं समझ आ रहा है। हमने देखा है कि किसी वीआईपी को कुछ भी होता है, एक सेंकड के अंदर हवाई जहाज, प्लेन, डॉक्टरों की टीम खडी रहती है और तुरंत उसे दिल्ली लाकर अच्छे से अच्छा इलाज देने की कोशिश होती है। जब हमारी बेटियों के साथ जघन्य अपराध, जिंदगी और मौत के बीच जूझती है, तो कहाँ सरकार जो है, वो पीछे हट जाती है?




अल्का लांबा ने कहा कि,'हम मांग करते हैं कि हमारी ये जो तीसरी, 17 साल की नाबालिग बेटी जिंदगी और मौत से जूझ रही है, उसे तुरंत दिल्ली शिफ्ट करके, उसको अच्छे से अच्छा इलाज दिया जाए, ताकि अपराधियों तक हम लोग पहुंचने में कामयाब रहें, उन्हें सजा दे पाएं, उदाहरण पेश कर हो। आज सच में बहुत दुख और पीड़ा के साथ कहना पड़ रहा है कि ये घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही, क्योंकि प्रधानमंत्री जी ने अपने भाषण में भी इस बात का जिक्र किया कि इच्छा शक्ति होना बेहद जरुरी है। सत्ता होना एक बात है, उस सत्ता में जो बैठा है क्या उसकी नीयत और उसके पास इच्छा शक्ति है? उस चीज का अभाव पूरी तरह से लगातार हम देख रहे हैं।





अल्का लांबा ने कहा कि,'प्रधानमंत्री जी से हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहेंगे कि बेटियां, बेटियों के साथ हो रहे जघन्य अपराध राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकते हैं, लेकिन 2017 के उत्तर प्रदेश के चुनाव का आपका भाषण, आपकी ये हुंकार, आपकी ये ललकार, जो कहीं ना कहीं खामोश और शांत हो चुकी है, क्योंकि आपको भी पता है कि उंगली आपकी सरकार पर, आपके उन नेताओं पर उठ रही है, जो कहीं ना कहीं अपराधियों के समर्थन में या उनकी ताकत बन जाते हैं और पीड़ित न्याय से दूर चला जाता है। उम्मीद करते हैं कि ये बात देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कानों तक पहुंचेगी। हाथरस के मामले में उन्होंने बहुत देर बाद ही सही उन्होंने एसआईटी के गठन की बात की थी। 





अल्का लांबा ने कहा कि,'उम्मीद करते हैं कि देश के प्रधानमंत्री जी एक फोन की दूरी पर हैं आपके मुख्यमंत्री, तुरंत आदेश करिए बिना समय गवाएं। पीड़ित बेटी को तुरंत दिल्ली शिफ्ट करके अच्छा इलाज दिया जाए, ताकि अपराधियों तक पहुंचा जाए और बेटी के साथ न्याय हो और ऐसी सजा मिले कि कम से कम अब आगे रुह कांप जाए अगर कोई भी इस तरह से हमारी बेटियों को, नाबालिग बेटि??ों को खासतौर से मैं कहूंगी शिकार बनाने की कोशिश करता है तो।





एक प्रश्न पर कि '''महिला सुरक्षा को लेकर कानून भी है, उसके बावजूद भी इस तरह की घटनाओं की खबर अलग-अलग राज्यों से आती है, इस पर क्या कहेंगी'''अल्का लांबा ने कहा कि देखिए, आपने बिल्कुल ठीक कहा। संवेदनशीलता, नीयत, विल होना बहुत जरुरी है, जो इस सरकार, योगी आदित्यनाथ सरकार में पूरी तरह से उसका अभाव है। न ये सरकार संवेदनशील है, न इसकी कोई' दिख रही है, क्योंकि अपराध कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहे हैं। अपराधियों में खौफ खत्म हो रहा है, ये घटना फिर ये बताती है। न्याय नहीं मिल पा रहा है, ये दिखता है कि बेटी को समय पर जो इलाज मिलना चाहिए, उससे भी उसको वंचित रखा जा रहा है, यहाँ तक की मांग उठी है कि जो बेटियों ने दम तोड़ दिया है, उनका पोस्टमार्टम भी दिल्ली के एम्स में करवाना चाहिए क्योंकि पोस्टमार्टम के साथ भी हमने देखा, पुराने जो मामले हुए छेड़छाड़ के उनको किसी तरह इस तरीके से दिखाया जाता है कि वो तो एक घटना हादसा था, वो इस तरह का अपराध नहीं था। 




तो ये गंभीरता दिखाता है और मुझे लगता है, उम्मीद है देश की महिला बाल विकास मंत्री, स्मृति ईरानी जी, आप सिर्फ यूपी से सांसद नहीं, देश की महिला बाल विकास मंत्री हैं, आप ही के राज्य में लगातार ये घटनाएं हो रही हैं और आप अपनी चुप्पी नहीं तोड़ती, आपका मुंह खुलता है तो सिर्फ राजनीतिक बयानबाजियों के लिए और चुनौती देने के लिए कभी राहल गांधी जी को चुनौती दे रही हैं। 




अल्का लांबा ने कहा कि,' बेहतर होगा अगर देश की महिला बाल विकास मंत्री राहुल जी को चुनौती देने के बजाय इन अपराधियों के खिलाफ आवाज उठातीं, जिनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई है, उन्हें चुनौती देते हुए दिखती तो हम उम्मीद करते हैं कहीं कोई आप बदलाव देख सकती थीं, पर वो चुनौती सिर्फ राजनीतिक चुनौती देना समझती हैं इसलिए उनके रहते हुए हम अब उम्मीद छोड़ चुके हैं, उत्तर प्रदेश उम्मीद छोड़ चुका है|




हमारी उत्तर प्रदेश की बेटियाँ उम्मीद छोड़ चुकी हैं कि इस सरकार के. योगी आदित्यनाथ सरकार के रहते हए कहीं किसी को कोई भी न्याय मिल सकता है और यहाँ तक जो बेटी जिंदगी और मौत के बीच में अभी वहाँ के एक अस्पताल में है, यहाँ तक लोगों में एक चर्चा है कि जिन्होंने ये जघन्य, शर्मसार करने वाला अपराध किया है, वो अब भी इस कोशिश में हैं कि उस अस्पताल में जाकर किसी तरह भी उस बेटी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करें, क्योंकि वहाँ सुरक्षा की अगर बात करेंगे, कौन- कैसे अस्पताल में जा रहा है, कोई सीसीटीवी कैमरा, कोई रिकॉर्डिंग किसी का सबूत नहीं है, तो मुझे लगता है दो बेटियो के दम तोड़ने के बाद अंतिम उम्मीद अपराधियों तक जो पहुंचना है, इस बेटी का जिंदा रहना उसके लिए जरुरी है और मझे लग रहा है सरकार हमेशा देखने में आया है कि अपराधियों को बचाने में, अपनी छवि को बचाने में सब चीज पर लीपापोती करने का प्रयास करती है तो कहीं न कहीं पूरी व्यवस्था उस बेटी की जिंदगी के लिए खतरा बन चुकी है, जिसके लिए हमारी मांग है कि उसको तुरंत एयरलिफ्ट करके दिल्ली के एम्स में शिफ्ट किया जाए। 




एक अन्य प्रश्न के उत्तर में अल्का लांबा ने कहा कि मैं आपको कह रही हूं उत्तर प्रदेश की जो आगे की जांच पर ही तो भरोसा नहीं है। क्योंकि आपको पता है वहाँ की पुलिस, प्रशासन, सरकार ये अपने आप में कोई पहला मामला नहीं है, पुराने मामले उन्नाव और यही हाथरस का मामला आपके सामने पहले भी आया है कि किस तरीके से पहली लाइन ले ली जाती थी कि जो है, वो असली में है ही नहीं, ये साबित करने का प्रयास अंत तक होते रहे। तो विश्वास उठ चुका है|




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 18 फ़रवरी 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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