नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में COVID19 की स्थिति को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नॉर्थ ब्लॉक में एक उच्च स्तरीय बैठक। बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल और CM अरविंद केजरीवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल ने कहा,दिल्ली में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए आज गृह मंत्रालय में बैठक हुई। इस स्थिति में जरूरी है कि सभी एजेंसी और सभी सरकारें मिलकर काम करें। मैं केंद्र सरकार और गृह मंत्री जी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने ये बैठक बुलाई| केजरीवाल ने कहा,'इस समय सबसे ज्यादा परेशानी ICU बेड को लेकर हो रही है। कोविड बेड अभी ठीक संख्या में हैं परन्तु ICU बेड की काफी जरूरत है। केंद्र सरकार ने आज आश्वासन दिया है कि अगले 2 दिनों में DRDO सेंटर में 500 ICU बेड उपलब्ध करा दिए जाएंगे और अगले कुछ दिनों में 250 और बेड दिए जाएंगे
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,''दिल्ली के अंदर कोविड-19 के बढ़ते मामलों और यहां मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा करने के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की। मई 2020 में मोदी सरकार ने दिल्ली की जनता को कोरोना से बचाने के लिए दिल्ली सरकार के साथ विभिन्न कदम उठाये थे जिनके सकारात्मक नतीजे सभी को देखने को मिले थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,''आज बैठक में विभिन्न निर्देश दिये। 1) सर्वप्रथम दिल्ली में RT-PCR टेस्ट में दो-गुना वृद्धि की जाएगी। 2) दिल्ली में लैबों की क्षमता का अधिक से अधिक उपयोग करके, जहां कोविड होने का खतरा ज़्यादा है, वहां स्वास्थ्य मंत्रालय तथा ICMR की मोबाइल टेस्टिंग वैनों को तैनात किया जाएगा।
3) दिल्ली में अस्पतालों की क्षमता तथा अन्य मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता में वृद्धि की जानी चाहिए। इसी दिशा में मई में बनाए गये धौला कुआं स्थित DRDO के कोविड अस्पताल में 250 से 300 ICU बेड और शामिल किए जाएंगे, जिसे गम्भीर कोविड रोगियों का वहाँ इलाज किया जा सके।
4) ऑक्सीजन की सुविधा वाले बेडों की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से छतरपुर के 10,000 बेड वाले कोविड सेंटर को और सशक्त किया जाएगा। 5) MCD के कुछ चिन्हित अस्पतालों को हल्के-फुल्के लक्षण वाले कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए डेडिकेटेड अस्पतालों के रूप में परिवर्तित किया जाएगा।
6) कोविड-19 संबंधी मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता तथा मरीजों की भर्ती की स्थिति के इंस्पेक्शन तथा पहले लिए निर्णय के अनुसार, बेडों की उपलब्धता की सही स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए, डेडिकेटेड बहु-विभागीय टीमें, दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पतालों में जाएंगी।
7) पहले शुरू किए गए सारे कंटेनमेंट उपायों की समीक्षा हो, जैसे कंटेनमेंट जोनों की स्थापना, कंटेक्ट ट्रेसिंग तथा क्वारंटीन और स्क्रीनिंग। विशेषकर वह लोग जिन्हें कोविड होने का खतरा अधिक है उनकी लगातार समीक्षा की जानी चाहिए ताकि रोकथाम उपायों को लागू करने में कोई कमी ना रह जाए।
8) केंद्रीय सशक्त पुलिस बलों ने कोरोना से लड़ने में देश और दिल्ली की जनता का बहुत सहयोग किया है। मोदी सरकार ने दिल्ली में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को देखते हुए CAPF से अतिरिक्त डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ देने का निर्णय किया है, उन्हें शीघ्र ही एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया जायेगा।
9) आज की बैठक में यह भी निर्देश दिए कि कोविड-19 के होम आइसोलेशन में रह रहे रोगियों की ट्रैकिंग रखने तथा तत्काल मेडिकल सुविधा की आवश्यकता पड़ने पर उनको तुरंत कोविड अस्पतालों में शिफ्ट करने की जरूरत पर विशेष रूप से बल दिया जाए। जिससे अधिक से अधिक लोगों के जीवन को बचाया जा सके।
10) गंभीर कोरोना मामलों में प्लाज्मा डोनेशन और प्रभावित व्यक्तियों को प्लाज्मा प्रदान किए जाने के लिए प्रोटोकॉल तैयार करने के निर्देश दिए। डॉ. वी के पॉल, निदेशक एम्स और महानिदेशक ICMR के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति इसपर जल्द ही रिपोर्ट देगी।
11) दिल्ली में अधिक से अधिक लोगों की जान बचने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली को ऑक्सीजन सिलिंडर, High Flow Nasal Cannula व् अन्य सभी जरुरी स्वास्थ्य उपकरण उपलब्ध करवाएगी।
12) सुरक्षा ही कोरोना का एक मात्र उपाय है, इसलिए लोगों को COVID-19 Behaviour के बारे में बताने तथा लंबे समय में मेडिकल और स्वास्थ्य मानदंडों पर इससे पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बारे में जानकारी देने के लिए दिल्ली में ठोस संवाद कार्यनीति होनी चाहिए। इसके लिए भी निर्देश दिए।