नई दिल्ली: freebies vs welfare Schemes Matter: भाजपा ने 'रेवड़ी कल्चर' (फ्रीबीज) को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है| भाजपा ने आरोप लगाते हुए कहा कि, अरविंद केजरीवाल लोगों को लालच का चारा देकर फंसाते हैं|.. केजरीवाल को केवल अपने बारे में चिंता है, वह लगातार झूठ बोलते हैं| उनका सिर्फ एक ही मकसद है कि उनका आधिपत्य बढ़े|
''रेवड़ी कल्चर' बनाम वेलफेयर स्कीम्स' के मामले' पर भाजपा नेता संबित पात्रा कहा कि,''अरविंद केजरीवाल का बस एक ही लक्ष्य है- देश में आप (आम आदमी पार्टी) और अरविंद केजरीवाल की प्रतिष्ठा स्थापित करना, उनकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना, उनकी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना। इसलिए वह दिन-ब-दिन झूठ पेश कर रहे हैं|
संबित पात्रा कहा कि,''‘मुफ्तखोरी लालच का चारा है, जिससे अरविंद केजरीवाल की अपनी महत्वाकांक्षाएं पूरी होती हैं। वह (केजरीवाल) ऐसा दिखाते हैं कि उन्हें जैसे पुरी दुनिया की चिंता है, लेकिन उन्हें (केजरीवाल) केवल अपने बारे में चिंता है, केजरीवाल की सिर्फ एक ही चिंता है - "मैं", "मेरा" और "मेरी पार्टी"!’
गरीब कल्याण योजनाओं का लक्ष्य - गरीब को अर्थिक रूप से सशक्त एवं समृद्ध बनाना है। जबकि अरविंद केजरीवाल का मुफ्तखोरी के माध्यम से सिर्फ एक ही लक्ष्य है - 'Short Term Benifit', की कैसे मैं और मेरी पार्टी को लाभ प्राप्त हो। जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी विभिन्न गरीब कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और गरीबों के कल्याण के लिए कार्य करते हैं।
पात्रा ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल टीवी पर दिखाई देते थे और कहते थे कि प्रदूषण है इसलिए उन्होंने एक जैव-अपघटित रसायन विकसित किया। उन्होंने कहा कि इसे छिड़का जा रहा है और यह दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाएगा। बाद में पता चला कि 60 लाख रुपये के केमिकल के लिए 24 करोड़ रुपये का विज्ञापन किया गया था|
पात्रा ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने कौशल विकास गारंटी योजना के तहत 2021-22 में सिर्फ 2 छात्रों को लोन दिया। जबकी इस योजना के विज्ञापन पर 19.47 करोड़ रुपए खर्च किये। ये तो वहीं हुआ कि - जेतने क बबुआ (छोटा बच्चा) नाहीं ओतने क छुनछुना (खिलौना) यही है केजरीवाल सरकार की सच्चाई और उनका विकास मॉडल।