नई दिल्ली: चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एक नया गाँव बनाया है| अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक भारतीय सीमा के करीब 4.5 किमी अंदर स्थित है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एक नया गांव बसाया है, जिनमें लगभग 101 घर हैं| चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में 'बसाए गए नए गांव' पर अरुणाचल प्रदेश से भाजपा सांसद तापिर गाओ ने मंगलवार को कांग्रेस पर निशाना साधा है।
अरुणाचल प्रदेश के बीजेपी सांसद ने कहा,चीन 80 के दशक से जमीन पर कब्ज़ा करके बैठा है, आर्मी इंटेलिजेंस ने उस समय की भारत सरकार को रिपोर्ट जरूर दी होगी। उस समय कांग्रेस ने कार्रवाई क्यों नहीं की? वहां(अरुणाचल प्रदेश) सिर्फ गांव ही नहीं है वहां पर मिलिट्री बेस, हाइड्रो पावर भी बनाए हैं| तापिर गाओ ने कहा,''आज उन्होंने गांव बनाया होगा और भी चीजें बनाते जाएंगे अगर हम इसका कोई हल नहीं निकालते। भारत सरकार चीन की सरकार के साथ चर्चा करे और मेक मैकमोहन लाइन के आधार पर हम सीमा-निर्धारण करें और एग्रीमेंट करें|
सांसद ने कहा,''80 के दशक से आज तक, वे (चीन) इस क्षेत्र पर कब्जा कर रहे हैं और गांवों का निर्माण कोई नई बात नहीं है। वे पहले से ही भारतीय क्षेत्र के तहत मैकमोहन रेखा के अंदर मौजूद बीसा और माज़ा के बीच सैन्य अड्डे का निर्माण कर चुके हैं| गाओ ने आगे कहा, '80 के दशक से ही चीन यहां पर रोड बना रहे है| उन्होंने लौंगजू से माज़ा तक रोड बनाई है... राजीव गांधी के कार्यकाल में चीन ने तवांग में सुमदोरोंग चू वैली में घुसपैठ कर ली थी|तत्कालीन आर्मी चीफ ने इसके खिलाफ एक ऑपरेशन करने की योजना बनाई लेकिन राजीव गांधी ने उन्हें चीनी सेना को खदेड़ने की अनुमति नहीं दी|
गाओ ने कहा, 'कांग्रेस शासन के दौरान सरकार की एक गलत नीति थी। उन्होंने उस सीमा तक सड़क का निर्माण नहीं किया, जो 3-4 किमी के एक बफर ज़ोन को छोड़ दिया था जिस पर चीन ने कब्जा कर लिया था। नए गांवों का निर्माण कोई नई बात नहीं है, यह सब कांग्रेस के जमाने से हो रहा है|