नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी, संचार और कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज एक प्रेस वार्ता में घोषणा की कि दूरसंचार विभाग ने अन्य सेवा प्रदाताओं (ओएसपी) के लिए दिशानिर्देशों को और अधिक उदार बनाया है। ये संस्थाएं भारत और विदेशों में वॉयस आधारित सेवाएं देने वाले बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) संगठन हैं। आज जारी दिशानिर्देशों ने नवंबर, 2020 में पहले ही घोषित और लागू किए गए प्रमुख उपायों के अतिरिक्त ओएसपी को दी गई विशेष व्यवस्था को और अधिक उदार बना दिया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा,''आज जो गाइडलाइन जारी की जा रही है वो देश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास में एक बहुत बड़ी क्रांति है। भारत की BPO इंडस्ट्री आज क़रीब 2.8 लाख करोड़ है और इसमें इस बात की संभावना है कि ये 2025 तक 3.9 लाख करोड़ हो जाएगी|
रविशंकर प्रसाद ने कहा, हमने गाइडलाइन्स में सुधार किया है वो दुनिया के उच्चस्तर मानकों के अनुसार हैं। भारत में हिंदी, अंग्रेजी और बाकी भाषाएं बोलने वाले नौजवान हैं। भारत का IT और टेलीकॉम का बैकबोन बहुत मजबूत है। भारत अपने डिजिटल लैंडस्केप के कारण दुनिया के BPO उद्योग का बड़ा केंद्र बनेगा|
प्रसाद ने कहा,'''घरेलू और अंतरराष्ट्रीय OSP (अन्य सेवा प्रदाता) के बीच का अंतर हटा दिया गया है। एक साझा दूरसंचार संसाधन वाला बीपीओ केंद्र अब भारत सहित दुनिया भर में स्थित ग्राहकों की सेवा करने में सक्षम होगा। यह एक बड़ा सुधार है जो हमने लिया है| दूसरे, ओएसपी (अन्य सेवा प्रदाता) का इलेक्ट्रॉनिक निजी स्वचालित शाखा एक्सचेंज (ईपीएबीएक्स) दुनिया में कहीं भी स्थित हो सकता है।
ओएसपी (अन्य सेवा प्रदाता) के रिमोट एजेंट अब ब्रॉडबैंड, वायरलाइन, वायरलेस आदि सहित किसी भी तकनीक का उपयोग करके ग्राहक के केंद्रीकृत ईपीएबीएक्स (इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट ऑटोमेटिक ब्रांच एक्सचेंज) से सीधे जुड़ सकते हैं। ये दिशानिर्देश पूरे अंतरराष्ट्रीय बीपीओ उद्योग, आवाज से संबंधित उद्योग में भारत को एक बहुत ही केंद्रीय और गंभीर खिलाड़ी के रूप में रखने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं|
आज घोषित की गई उदारीकृत दिशानिर्देशों की मुख्य विशेषताएं हैं :-
● घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ओएसपी के बीच भेद हटा दिया गया है। आम दूरसंचार संसाधनों वाला एक बीपीओ केंद्र अब भारत में पूरे विश्व के ग्राहकों को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा।
● ओएसपी का ईपीएबीएक्स (इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट ऑटोमेटिक ब्रांच एक्सचेंज) विश्व में कहीं भी स्थित हो सकता है। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं की ईपीएबीएक्स सेवाओं का उपयोग करने के अलावा ओपीएस भारत में तीसरे पक्ष के डेटा केंद्रों में अपने ईपीएबीएक्स स्थापित कर सकते हैं।
● घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ओएसपी केंद्रों के बीच भेद को हटाने के साथ, अब सभी तरह के ओएसपी केंद्रों के बीच इंटर कनेक्टिविटी की अनुमति दी गई है।
● ओएसपी के दूरस्थ एजेंट अब वायरलाइन/वायरलेस पर ब्रॉडबैंड सहित किसी भी तकनीक का उपयोग करके ग्राहक के ओएसपी/ईपीएबीएक्स के केंद्रीकृत ईपीएबीएक्स से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
● एक ही कंपनी या समूह कंपनी या किसी असंबंधित कंपनी के किसी भी ओएसपी केंद्रों के बीच डेटा इंटरकनेक्टिविटी के लिए कोई प्रतिबंध नहीं।
● इस बात को दोहराया जा सकता है कि दूरसंचार विभाग ने ओएसपी विनियमनों से डेटा आधारित सेवाओं को पहले ही छूट दे दी है। इसके अतिरिक्त, विनियमनों ने किसी भी पंजीकरण की जरूरत से ओएसपी को छूट दी है। इसके अलावा, कोई भी बैंक गारंटी नहीं दी गई। घर से काम करने और कहीं से भी काम करने की अनुमति भी दी गई।
● उल्लंघन के लिए जुर्माने पूरी तरह से हटा दिया गया, कुल मिलाकर विश्वास की पुष्टि करना सरकार का काम है.
● आज घोषित दिशानिर्देशों का और अधिक उदारीकरण भारत में ओएसपी उद्योग को विकास के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन प्रदान करेगा। यह भारत में बहुत अधिक मौके, आय और रोजगार बनाएगा।