देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में भारत की पहली महिला दिव्यांग शूटर दिलराज कौर को आर्थिक तंगी के कारण सड़क के किनारे चिप्स बेचना पड़ रहा है। देहरादून में रहने वाली देश की पहली दिव्यांग निशानेबाज दिलराज कौर पारिवारिक संकट के कारण मुश्किल हालात में हैं।उन्होंने बताया, ''मैंने 2004 में शूटिंग शुरू की थी और 2017 तक मैंने राष्ट्रीय स्तर पर 28 गोल्ड , 8 सिल्वर और 3 कांस्य मेडल जीता है।''
महिला दिव्यांग शूटर दिलराज कौर ने बताया,'मेरे पिता लंबी बीमारी के बाद नहीं रहे और जल्द भाई की भी मौत हुई है। सरकार से कहना है कि मेरी शैक्षिक योग्यता और खेल में मेरी उपलब्धियों के आधार पर मुझे नौकरी दी जाए। किसी ने भी मेरी बात आज तक नहीं सुनी। पहली महिला एथलीट होने का जो सम्मान मुझे मिलना चाहिए वो नहीं मिला|
मेरे पिता का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। मेरे भाई का भी हाल ही में निधन हो गया। हमें उनके इलाज पर बहुत पैसा खर्च करना पड़ा और कर्ज लिया था। मैं और मेरी मां किराए के मकान में रहते हैं। हम अपनी मां की पेंशन से किराया और ईएमआई का भुगतान करते हैं|
दिलराज कौर ने बताया,''हर महीने की 20 तारीख के बाद, हमारे पास पैसे नहीं बचते हैं। मैंने बार-बार सरकारी अधिकारियों से शिक्षा और खेल में मेरी योग्यता के अनुसार मुझे नौकरी देने का अनुरोध किया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जब खिलाड़ी पदक जीतते हैं तो लोग ताली बजाते हैं लेकिन कोई नहीं पूछता कि वे अपना घर कैसे चलाते हैं|

सड़क पर मां के साथ दिलराज कौर