नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,''बंठिडा वापस आकर प्रधानमंत्री बयान देते हैं कि मैं सुरक्षित लौट आया इसलिए धन्यवाद। क्या आपकी गाड़ी पर पथराव हुआ, क्या आपको काले झंडे दिखाए गए? ऐसी क्या घटना घट गई कि आपको ये बयान देने की जरूरत पड़ी, इसका मतलब है कि आप विशुद्ध रूप से राजनीति कर रहे हैं|
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,''पंजाब की कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए ये षड्यंत्र रचा गया, चुनी हुई सरकार को बदनाम करके कैसे अपदस्थ किया जा सके इसके लिए सारी योजनाएं बनाई गईं। कुर्सियां खाली थीं तो वहां जा क्यों रहे थे?
भूपेश बघेल ने कहा,''प्रधानमंत्री जी को इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए था, इतना नीचे आकर बयान नहीं देना चाहिए था कि जान बच गई। राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह से बयान दिया, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है|
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुख्य बातें
● सुरक्षा सिर्फ एक बहाना है, प्रधानमंत्री वहां सिर्फ राजनीति चमकाने गए थे|
● पहले भी प्रधानमंत्री कई बार जाम में फंस चुके हैं, तब भाजपा के लोग कहते थे कि प्रधानमंत्री आम आदमी हैं
● प्रधानमंत्री से पंजाब में एक दलित मुख्यमंत्री बर्दाश्त नहीं हो रहा है।
● प्रधानमंत्री इस घटना पर विशुद्ध रूप से राजनीति कर रहे हैं।
● प्रधानमंत्री की सुरक्षा में 10,000 जवान तैनात थे|
● अगर सड़क मार्ग से लेकर जाना था तो पहले बताना था, पंजाब सरकार व्यवस्था करती।
● क्या प्रधानमंत्री सिर्फ कुर्सियों को भाषण देने जा रहे थे? 70000 Kursi 700 Bande (70000 कुर्सी 700 बंदे)
● BJP के द्वारा तैयार की हुई यह स्क्रिप्ट है। जिसका मकसद चुनी हुई सरकार को बदनाम करना है।
● सबसे पहले तो केंद्र सरकार यह बताए कि वो केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्यवाई कर रही है?
● क्या भारत सरकार के अधिकारियों को मौसम के बारे में पहले से पता नहीं था?
● SPG, IB, मौसम विभाग के खिलाफ अब तक क्या कार्यवाई हुई?
मालूम हो कि,प्रधानमंत्री मोदी, हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाने के लिए पंजाब के बठिंडा पहुंचे थे, उन्हें हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पर ले जाया जाना था, लेकिन बारिश और खराब दृश्यता के कारण, उन्होंने मौसम साफ होने के लिए लगभग 20 मिनट तक इंतजार किया|
जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो यह फैसला लिया गया कि वह सड़क मार्ग से राष्ट्रीय शहीद स्मारक का दौरा करेंगे, जिसमें दो घंटे से अधिक समय लगेगा|' स्मारक से लगभग 30 किमी दूर, जब पीएम का काफिला एक फ्ला??ओवर पर पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों ने सड़क को बंद कर रखा था| प्रधानमंत्री 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर फंसे रहे|
प्रधानमंत्री के दौरे में हुई सुरक्षा चूक की जांच के लिए पंजाब सरकार ने उच्चस्तरीय टीम का गठन किया है| जांच टीम तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी|