नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच फिर झड़प हुई|दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे को डराने-धमकाने और पीछे धकेलने के लिए हवा में गोलीबारी की। यह घटना सोमवार को पैंगोंग सो (झील) के दक्षिणी तट के पास शेनपाओ पर्वत के पास हुई।चीनी सेना ने दावा किया है कि पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी तट पर भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करते हुए फायरिंग की है।चीन ने भारतीय सैनिकों पर फायरिंग कर चेतावनी देने का आरोप लगाया है।
अब इसपर भारतीय सेना ने बयान जारी किया है।भारत ने LAC पर फायरिंग किए जाने के चीन के आरोपों को खारिज किया है|भारत ने मंगलवार को चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों पर हवा में फायरिंग कर भारतीय सेना के सैनिकों को धमकाने का आरोप लगाया है।भारतीय सेना ने एक बयान में कहा कि चीन सीमा पर लगातार "उकसाने वाली गतिविधियां" करके तनाव बढ़ा रहा है। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों ने ही भारतीय सैनिकों को डराने-धमकाने का प्रयास करते हुए "हवा में कुछ राउंड फायर" किए थे।
भारतीय सेना का कहना है कि हमारे जवानों ने सीमा पार नहीं की और भारतीय सेना को उकसाने के लिए हवा में गोलीबारी की थी। भारतीय सेना ने कहा, जहां भारत LAC पर डिसइंगेजमेंट और हालात को डी-एस्केलेट करने के लिए प्रतिबद्ध है, चीन स्थिति को बढ़ाने के लिए उकसावे वाली गतिविधियों को जारी रखे हुए है। किसी भी चरण में भारतीय सेना ने LAC को पार नहीं किया और फायरिंग समेत किसी भी आक्रामक तरीके का इस्तेमाल नहीं किया|
सेना ने कहा, 'सात सितंबर को हुए तात्कालिक मामले में, चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सैनिकों ने एलएसी पर हमारी फॉरवर्ड पोजिशन के करीब पहुंचने की कोशिश की। जब उसके साथी फौजियों ने उसे रोका तो उसने भारतीय सेना को उकसाने के लिए हवा फायरिंग की।'