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23 अगस्त 2026

महंगाई की मार', नए साल का मोदी उपहार: कांग्रेस का केंद्र पर वार, “मोदी निर्मित महंगाई” के कारण जीवन पर पड़ने वाले 13 दुष्प्रभाव...

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ,' सभी देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं! आपका नया साल मंगलमय हो, सुख-समृद्धि प्रगति उत्साह…

महंगाई की मार', नए साल का मोदी उपहार: कांग्रेस का केंद्र पर वार, “मोदी निर्मित महंगाई” के कारण जीवन पर पड़ने वाले 13 दुष्प्रभाव...
महंगाई की मार', नए साल का मोदी उपहार: कांग्रेस का केंद्र पर वार, “मोदी निर्मित महंगाई” के कारण जीवन पर पड़ने वाले 13 दुष्प्रभाव... | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ,' सभी देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं! आपका नया साल मंगलमय हो, सुख-समृद्धि प्रगति उत्साह से भरा रहे। याद कीजिए हम हर नए वर्ष पर एक दूसरे की समृद्धि की कामना करते हैं, बधाई देते हैं। मगर कभी आपने सोचा है कि हमारी सरकार हमारी सुख-समृद्धि के लिए हमें नए वर्ष पर क्या दे रही है, हमारे लिए क्या कामना कर रही है?



कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि ,'' तो हम बताते हैं, बीते सात वर्षों की तरह इस वर्ष भी देश की जनता को जो उपहार मोदी सरकार द्वारा दिया जा रहा है, वो है - 'महँगाई की मार का उपहार'। 



 2022 के पहले दिन ही मोदी सरकार ने हमें नए साल का तोहफा 2022 की नई महंगाई के रूप में दे डाला। यह नई महंगाई और इसके साथ 2021 के पूरे साल में लगभग 10 प्रतिशत की ऊँची बेरोजगारी दर। क्या इसके लिए हमें मोदी जी को धन्यवाद देना चाहिए?



रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। नवंबर 2021 में होलसेल प्राईज़ इंडेक्स 14.23 प्रतिशत रहा, जो पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा था। नए साल में इसका प्रभाव बहुत जल्दी महसूस होने लगेगा। इसलिए नए साल में प्रवेश करते हुए हमें हर सामान, चाहे वो दैनिक उपयोग का हो या सुख-समृद्धि का, रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुएं हों, या स्टील, सीमेंट व बिजली, सब पर हमें और ज्यादा पैसा खर्च करने की तैयारी कर लेनी चाहिए। रोजमर्रा के कपड़ों से लेकर जूते-चप्पल या एटीएम से पैसे निकालने तक या फिर टोल टैक्स, हर चीज़ महंगी होने वाली है। 



1.जनवरी, 2022 से "मोदी निर्मित महंगाई" के कारण हमारे जीवन पर पड़ने वाले 13 दुष्प्रभाव देखिए:

1. कपड़े होंगे ज्यादा महंगे फिनिश्ड गुड्स जैसे कपड़े, वस्त्र आदि सभी सामान 1 जनवरी, 2022 से और ज्यादा महंगे हो जाएंगे, क्योंकि केंद्र की भाजपा सरकार इन सामानों पर जीएसटी 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर रही है। 1000 रु. तक की कीमत वाले वस्त्रों पर जीएसटी दर को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही, कपड़ों, बुने हुए वस्त्रों, रूमाल, तौलियों आदि तथा आम लोगों द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले होजियरी आईटम्स जैसे मोजे, टॉवल, सूती साड़ी, इनर वियर, शर्ट-पँट तथा सिंथेटिक यार्न, कंबल, टैंट, एवं एक्सेसरीज़ जैसे टेबल पर बिछाने वाले कपड़ों आदि पर भी जीएसटी बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है। कांग्रेस पार्टी व कांग्रेस शासित प्रदेशों के विरोध के चलते तथा 5 राज्यों के चुनाव सामने देख अब इस बढ़ोत्तरी को आनन-फानन में 28 फरवरी तक मुल्तवी कर दिया गया है। चुनावों के कारण शायद यह तिथि 1 महीना और बढ़ जाए। गौर रहे कि निर्णय वापस नहीं लिया गया। चुनाव होते ही जनता पर यह टैक्स फिर लगा दिया जाएगा। 



 इसका दुष्परिणाम क्या होगा 

 जीएसटी बढ़ाए जाने से कपड़ा उद्योग की 15 लाख से ज्यादा नौकरियां समाप्त हो जाएंगी।

 देश में बखों का 80 फीसदी उत्पादन असंगठित क्षेत्र द्वारा किया जाता है। बस्त्रों पर जीएसटी बढ़ाकर 12 प्रतिशत किए जाने से पॉवरलूम एवं हथकरघा बुनकरों के व्यवसाय व रोजगार के अवसर छिन जाएंगे। 

 कच्चे माल जैसे सूत, पैकिंग सामग्री एवं माल ढुलाई के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि से जल्द ही बाजार में कपड़ों के मूल्यों में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। गारमेंट इंडस्ट्री के मुताबिक 85 फीसदी कपड़ों की बिक्री ₹1000 से कम कीमत की होती है। 



2. चैप्टर 50 से 63 जीएसटी कानून में आने वाले टैक्सटाईल की डाईंग या प्रिंटिंग जॉब सेवाओं पर 12 प्रतिशत जीएसटी (रजिस्टर्ड संस्थाएं) या 18प्रतिशत जीएसटी (गैर रजिस्टर्ड संस्थाएं) लगेगा। 

3. जूते-चप्पलों की भी बढ़ेंगी कीमतें जूते-चप्पलों (प्रति जोड़ा ₹1000 तक की कीमत वाले) पर जीएसटी दर को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। यह गरीब तथा आम जनमानस पर प्रहार है। 

4. फूड डिलीवरी सेवाओं तथा रेस्टोरेंट सर्विस के तहत आए "क्लाउड किचन" पर 5 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। 

5. FMCG (Fast Moving Consumer Goods) उपभोक्ता वस्तुओं में 10 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी FMCG उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत 6 प्रतिशत से 10 प्रतिशत बढ़ेगी। वो डाबर हो, पारले, ब्रिटानिया, मैरिको या अन्य कंपनियां, सबके सब बिस्कुट से लेकर साबुन तक की कीमतें बढ़ा रहे

6. एटीएम से अपना ही पैसा निकालने के लिए देना होगा और टैक्स आरबीआई ने निशुल्क ट्रांजैक्शन की निर्धारित सीमा पूरी होने के बाद एटीएम से क???श निकालने पर शुल्क बढ़ाने की अनुमति दे दी है। आरबीआई के मुताबिक, निशुल्क ट्रांजैक्शन की सीमा पूरी होने के बाद, बैंक अपने ग्राहकों से ₹21 प्रति ट्रांजैक्शन शुल्क की वसूली करेंगे।

7. ऑनलाईन टैक्सी/ऑटो रिक्शा की बुकिंग भी अब पड़ेगी जेब पर ज्यादा भारी ओला और ऊबर जैसे ऐप एग्रीगेटर्स द्वारा ऑटो रिक्शा की राईड्स बुक करने पर ज्यादा पैसे चुकाने के लिए तैयार हो जाईये। 1 जनवरी से सरकार मौजूदा छूट को समाप्त कर ऑनलाईन ऑटो राईड बुक करने पर 5 प्रतिशत का जीएसटी शुल्क वसूलना शुरू कर देगी। 

8. कार या ऑटोमोबाईल खरीदना हो जाएगा महंगा नए साल, 2022 में मारुति सुजुकी, रेनॉल्ट, होंडा, टोयोटा, और स्कोडा सहित लगभग सभी कार एवं ऑटो कंपनियों की कारें खरीदना और ज्यादा महंगा हो जाएगा। लागत बढ़ने के कारण ऑटो कंपनियां कीमतों में बढ़ोत्तरी करेंगी। टाटा मोटर्स ने 1 जनवरी, 2022 से अपने कमर्शियल वाहनों के मूल्य में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा कर दी है। 

9.सीमेंट की कीमतें बढ़कर हो जाएंगी ₹400 प्रति बैग 2021 में भी सीमेंट की कीमतें 15 प्रतिशत - 20 प्रतिशत तक बढ़ीं। हालत यह है कि एक साल पहले तक ₹330/3340 में बिकने वाला सीमेंट का 50 किलो का बैग अब ₹400 पार करने की तैयारी में है। 

10. स्टील की कीमत भी आसमान पर पहुँची साल 2020 से दिसंबर 2021 के बीच स्टील की कीमतों में स्टील कंपनियों ने 215 प्रतिशत वृद्धि की। अकेले नवंबर, 2021 में स्टील कंपनियों ने स्टील की कीमत ₹3000-33500 प्रति टन बढ़ाई। कारण - स्टील उद्योग में कंपटीशन खत्म और अब ये मुट्ठीभर कंपनियों के हाथ में है - टाटा स्टील, जिंदल स्टील, आर्सलर मित्तल स्टील। मोदी सरकार की मूक सहमति है, कीमतें बढ़ रही हैं और लोग पिस रहे हैं। 2022 में फिर कीमतें बढ़ाने की तैयारी है। 

11. इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने शुल्क बढ़ाया इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) खाताधारकों को 1 जनवरी से एक विशेष सीमा के ऊपर कैश निकालने या जमा करने के लिए शुल्क देना पड़ेगा। बेसिक बचत खाते से हर माह 4 बार पैसा निकालना निशुल्क होगा। इसके बाद, हर बार पैसा निकालने पर 0.50 प्रतिशत शुल्क अदा करना होगा। 

12. क्लब या एसोसिएशन द्वारा अपने सदस्यों को दी जाने वाली सेवाओं पर पिछली तारीख
यानि 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी लागू होगा। 

13. नर्सरी के बच्चों की ड्राईंग टूल किट पर अब 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा अब प्रि-स्कूल बच्चों की ड्राईंग शीट किट पर भी 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। याद रहे कि किताबों पर जीएसटी नहीं है। पर अगर बच्चों को सिखाने वाली ड्राईंग शीट जिल्द की शक्ल में नहीं हैं, तो अजीबोगरीब बात है कि उस पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।  नए साल के इन उपहारों के लिए मोदी जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!



https://www.thevirallines.net/india-news-existing-gst-rates-in-textile-sector-to-continue-beyond-1st-january-2022


 

जानिए 2014 में सत्ता में आने के बाद, बीते सात सालों में मोदी सरकार ने महंगाई से कैसे आपको लूटा है:

● 71 प्रति लीटर का पेट्रोल और 256 प्रति लीटर का डीज़ल 100 रु. पार कर दिया। 

₹400 का खाना बनाने की गैस का सिलेंडर ₹1000 पार कर दिया। 

खाने का तेल ₹90 से बढ़ाकर 200 से 250 तक कर दिया। 

'दाल' के दाम ₹60 प्रति किलो से बढ़कर ₹150 किलो को पार कर गए। 

लोग सुकून से एक चाय की प्याली भी नहीं पी सकते। ₹120 किलो की चाय अब ₹300 से ₹400 किलो
तक महंगी हो गई है। इतना ही नहीं, जिस जनता का नमक खाकर सत्ता की सौगंध खाई थी, भाजपा के लोगों ने उस नमक के साथ भी धोखा किया। नमक की कीमत भी 12 प्रति किलो से बढ़कर 222 प्रति किलो तक हो गई है। दाल, चना, राजमा, टमाटर, प्याज, सब्जी - हर खाने-पीने की चीज़ गरीब की थाली से दूर होती जा रही है। 


साफ है कि देश की जनता कह रही है::• मोदी है तो महंगाई है। • मोदी सरकार ही महंगाई है। • मोदी और महंगाई, दोनों देश के लिए हानिकारक हैं।





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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 1 जनवरी 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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