नई दिल्ली: ''''यूपीए सरकार के दौरान 2014 में ईंधन पर ₹1,42,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी। आज वही सब्सिडी ₹1,42,000 करोड़ से घटाकर ₹12,000 करोड़ से नीचे कर दी गई है। यह सब्सिडी सरकार ने जान-बूझकर छीनी है| एक बार में ₹25 बढ़ा देना और पिछली 6 बार में ₹240 बढ़ा दिये हैं। यह महंगाई की मार और भी बड़ी हो जाती है, यह पीड़ा और भी बड़ी हो जाती है, क्योंकि देश अभी एक बहुत बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है|
पिछली 6 बढ़ोतरियों में ₹240 दाम बढ़ाया गया है। इस सरकार में नवबंर 2020 में गैस का सिलेंडर ₹594 था और बढ़ते-बढ़ते वो सिलेंडर ₹834 पर आ गया है|'''' जिस गैस के सिलेंडर का दाम ₹552 होना चाहिए था, उस सिलेंडर का दाम ₹834 क्यों है? यहाँ मुनाफाखोरी कौन कर रहा है, कौन लोगों की जेब पर डाका डाल रहा है|
एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,'मोदी सरकार एक बार फिर घाव पर नमक छिड़कने और लोगों को व्यथित करने का मन बना लिया है। एलपीजी सिलेंडर का दाम ₹25 बढ़ाया गया है| पिछली 6 बढ़ोतरियों में ₹240 दाम बढ़ाया गया है। इस सरकार में नवबंर 2020 में गैस का सिलेंडर ₹594 था और बढ़ते-बढ़ते वो सिलेंडर ₹834 पर आ गया है|
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,'ऐसा प्रतीत होता है कि जो गरीब हैं, निम्न आय के लोग हैं, मध्यमवर्गीय हैं; जिनकी वोट की बदौलत सरकार की सल्तनत चल रही है। कहीं न कहीं उनकी पीठ में छुरा घोंपने का काम हुआ है| एक बार में ₹25 बढ़ा देना और पिछली 6 बार में ₹240 बढ़ा दिये हैं। यह महंगाई की मार और भी बड़ी हो जाती है, यह पीड़ा और भी बड़ी हो जाती है, क्योंकि देश अभी एक बहुत बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहा है|
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,'''हमारा एलपीजी का दाम सऊदी अरामको के हिसाब से तय होता है। सऊदी अरामको के हिसाब से मार्च के महीने में उनका रसोई गैस दाम $587 प्रति मीट्रिक टन था। तब हमारे यहाँ दाम ₹814 थे| आज जब वह $587 प्रति मीट्रिक टन से घटकर $523 हो जाता है। हमारा डॉलर का एक्सचेंज रेट ₹74.35 होता है; इन दोनों को मिलाकर आज रसोई गैस का दाम ₹552 होना चाहिए|
जिस गैस के सिलेंडर का दाम ₹552 होना चाहिए था, उस सिलेंडर का दाम ₹834 क्यों है? यहाँ मुनाफाखोरी कौन कर रहा है, कौन लोगों की जेब पर डाका डाल रहा है|
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,'आप उज्जवला का झुनझुना बजाते रहे। इस देश में करीब 29 करोड़ लोगों के पास एलपीजी कनेक्शन है। आप कहते रहे कि हमने 8-9 करोड़ कनेक्शन उज्जवला में दे दिये। क्या आज उज्जवला योजना के वो लोग ₹834 का सिलेंडर खरीद सकते हैं?
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,'''सच तो यह है कि आज सब्सिडाइज्ड और नॉन-सब्सिडाइज्ड एक ही है, कोई सब्सिडी नहीं आ रही है। क्योंकि मार्केट प्राइस और कंट्रोल्ड प्राइस को एक कर दिया गया है| यूपीए सरकार के दौरान 2014 में ईंधन पर ₹1,42,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी। आज वही सब्सिडी ₹1,42,000 करोड़ से घटाकर ₹12,000 करोड़ से नीचे कर दी गई है। यह सब्सिडी सरकार ने जान-बूझकर छीनी है|
देश के लोगों के प्रति संवेदना दिखाते हुए कांग्रेस पार्टी की सरकार से करबद्ध मांग है- -इस महामारी से जूझते देश को राहत दीजिये
- एलपीजी के ऊंचे दामों को कम कीजिये