नई दिल्ली: अर्थव्यवस्था और रोजगार को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस के प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि,'' अर्थव्यवस्था में निवेश तीन जगह से आता है - सार्वजनिक निवेश, निजी निवेश और घरेलू निवेश| गौरव वल्लभ ने कहा कि,'' जीएसटी लागू करने से पहले जो संविधान में संशोधन किया था कि राज्यों को 14% का मुआवजा देंगे, लेकिन आज कहते हो कि जाओ RBI से पैसा ले लो| अप्रैल से जुलाई के बीच में 1.89 करोड़ वेतनभोगी लोगों ने अपनी नौकरी गंवा दी। एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति जो स्थायी नौकरी के लिए अपनी जी जान लगा देता है, जिसकी नौकरी में कटौती की जा रही है, तो आप सोचिए कि एक घरेलू निवेशक कैसे निवेश करेगा|
कांग्रेस के प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि,''देश में इस समय कुल 3.60 करोड़ लोगों के पास रोजगार नहीं है। ये CMIE का आंकड़ा है, जिसमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को शामिल किया गया है| RRB ग्रुप D के लिए 23 फरवरी 2019 को एक अधिसूचना जारी की गई थी। यहां स्थिति पूरी तरह से समझ से बाहर है। क्योंकि 18 महीने के बाद भी परीक्षा तिथि के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है|
कांग्रेस के प्रवक्ता प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि,''RRB NTPC परीक्षा के लिए अधिसूचना 28 फरवरी 2019 को जारी की गई थी। यहां भी 18 महीने के बाद परीक्षा तिथि में कोई स्पष्टता नहीं है। 35,277 रिक्तियों के लिए लगभग 1.26 करोड़ आवेदन आए और परीक्षा शुल्क से ₹500 करोड़ से अधिक एकत्र किए गए|
गौरव वल्लभ ने पूछा कि,'चुनाव से 3 महीने पहले इन अधिसूचनाओं को जारी क्यों किया गया? क्या ये नौकरियां वास्तव में मौजूद हैं या मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए हर किसी के खाते में 15 लाख की तरह यह भी सिर्फ एक राजनीतिक नौटंकी थी? जब भारतीय रेलवे में नए बल को शामिल करने की समयावधि लंबी है, तो इस वर्ष निकली अन्य रिक्तियों का क्या? क्या इसमें भी अब लंबा समय लगेगा और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कर रही है कि यह सब दोहराया न जाए?
कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट के मुताबिक़ करोड़ों महिलाएँ अब गरीबी के गर्त में दूसरे गरीबों के साथ पिछड़ जाने वाली हैं। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के मुताबिक़ 40 cr भारतीय गरीबी की गर्त में गरीबी रेखा से नीचे धकेले जा रहे हैं लेकिन सरकार कहाँ है?|
कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "अबकी बार, ग़रीबों पर वार हार्ड वर्क और फ़्रॉड वर्क में यही अंतर है... UN की ताज़ा रिपोर्ट करोड़ों महिलाओं में तेज़ी से बढ़ती ग़रीबी बताती है.. ILO के मुताबिक़ 40 करोड़ भारतीय ग़रीबी रेखा के गर्त में धकेले जा रहे हैं.. मोदीजी नचाए मोर, मस्त हैं चोर, गरीब के हाथ कटोरा, देश गया किस और?