नई दिल्ली: फेसबुक पर अमेरिकी अखबार के खुलासे के बाद सि??ासत में भूचाल मची हुई है| अमेरिकी मीडिया के खुलासे को लेकर कांग्रेस लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है| कांग्रेस ने कहा कि,'फेसबुक-भाजपा मिलकर आरएसएस के नफरत के एजेंडे को देश में आगे बढ़ाने में लगी हुई है। फेसबुक की व्यवसायिकता, फेसबुक ने कैसे चुनावों को प्रभावित किया और भारतीयों में नफरत फैलाई; फेसबुक और व्हाट्सएप्प के कर्मचारी भाजपा से कैसे जुड़े? जेपीसी को इसकी जाँच करनी चाहिए।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोमवार को कहा कि,''कोई भी संस्था, व्यक्ति, सोशल मीडिया माध्यम अगर हमारी लोकतान्त्रिक जड़ों को कमजोर करता है, तो उससे सवाल पूछा जाएगा। उसको कटघरे में खड़ा किया जाएगा। उसकी जवाबदेही बनेगी| सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि, मैं पूरी ज़िम्मेदारी के साथ यह जरूर कहना चाहती हूँ कि कहीं न कहीं जो फेसबुक कर रहा है, वह हमारे लोकतंत्र को अस्थिर करता है, कमजोर कर रहा है|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''भारत जैसे देश में जब आप नफ़रत की जहरीली आग को लहलाने देते हैं, इस नफरत की खेती को उगने देते हैं या आप नफरत वाले भाषणों को अपने प्लैटफ़ार्म पर रहने देते हैं, शिकायतों के बाद भी नही हटाते, तो इसमें कहीं न कहीं आप भी complicit होते हैं| सुप्रिया ने कहा कि,सिंगापुर में फेसबुक ने कहा कि हम एक सोशल मीडिया माध्यम हैं और बिना शिकायत हम कंटेन्ट को हटा नहीं सकते। जब भारत में आपके पास शिकायत आती है, तब आप कंटेन्ट को क्यों नहीं हटाते? ये आप कौन सी दोगली नीति की बात कर रहे हैं|
सुप्रिया ने कहा कि,''अभी हाल ही में 5-7 दिन पहले मुंबई में किसी ने फ़ेसबुक के माध्यम से आत्महत्या करने की कोशिश की थी और मैं शुक्रगुज़ार हूँ फ़ेसबुक की कि आप तुरंत पुलिस के पास गए, सूचना दी और हम सब इसे टाल सके| उन्होंने कहा कि,''जब फेसबुक की पहल से एक आत्महत्या टल सकती है, तो आपकी पहल तब भी होनी चाहिए तब नफरत वाले भाषण, डर और अफवाहों से बड़े-बड़े दंगे हो जाते हैं और लोगों की जान चली जाती है. तब आपकी पहल कहाँ जाती है?
सुप्रिया ने कहा कि,''मैं ये भी कहना चाहती हूँ कि जब आप अलग-अलग तरह की बातें करते हैं कि आप चाहे यूएस में हो या टर्की जैसे देशो में, आपने लगातार पेजों को हटाया है फ़ेसबुक से- ये कह कर कि ये समन्वित अमानवीय व्यवहार होता है| हमारे देश में आपने आज तक ऐसा क्यों नहीं किया? क्या हमारे देश में इंटरनेट पर जो व्यवहार है, वो बहुत ज़िम्मेदाराना है। बिलकुल भी नहीं, बहुत गैरजिम्मेदाराना है। यहाँ भी नफरत वाले पोस्ट और डर का माहौल और महिलाओं, बच्चों के लिए अभद्र व्यवहार आपको दिखेगा|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''फेसबुक:-
1- सिंगापुर में कुछ कहते हैं और भारत में उसका उल्टा
2- जब मन होता है, स्वेच्छा से चीजों को नियंत्रित कर लेते हैं और चलने देते हैं। चित भी मेरी पट भी मेरी
3- आत्महत्या वाले मामले पर विश्वसनीयता पा लेते हैं लेकिन नफरत वाले पोस्ट पर चुप हो जाते हैं:
सुप्रिया ने कहा कि,''आप विश्व के बाकी देशो में पेज हटा देते हैं लेकिन हमारे यहाँ क्यों नहीं हटाते? क्या आपको हमारे यहाँ समन्वित अमानवीय व्यवहार नहीं दिखा? क्या आप हिंदुस्तान में अपनी आँखों पर पट्टी बांध लेते हैं?फ़ेसबुक और उसकी खबरों को लेकर हमने फ़ेसबुक के शीर्ष लोगों से और अमेरिका तक बात की, लेकिन हमें कुछ नही मिला। कोई कारवाई नहीं हुई|
उन्होंने कहा कि,'मैं ये पूछना चाहती हूँ कि सरकार WSJ की बात का खंडन क्यों नही करती है? आप वो खंडन नहीं करेंगे, क्योंकि आपका गिरेबान साफ नहीं है। फिर किस मुंह से आप कांग्रेस पर हमला करते हैं? फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी निदेशक मिस अंखी दास ने कहा है कि कार्रवाई करने से कंपनी की भारत में बिजनेस संभावनाओं को नुकसान हो सकता है|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''फ़ेसबुक ने रिलायंस जियो में 10% के लगभग ₹43,574 करोड़ के स्टेक्स ख़रीदे। तो कहीं न कहीं ये तार जुड़े हुए हैं| सुप्रिया ने कहा कि,''मैं फिर से वही बात दोहराना चाहती हूँ जो कांग्रेस पार्टी ने कही है कि जेसीपी का गठन होना चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए| फ़ेसबुक से हम आशा करते हैं कि आप तुरंत कोई न कोई उपाय करेंगे और ये जो कुछ भी हो रहा है उसको ध्यान में रखते हुए उसे अपने संज्ञान में लेंगे और उस पर कोई न कोई कारवाई करेंगे