नई दिल्ली: पीएम मोदी ने आज यानि 2 सितंबर को भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत सौंप दिया। विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को लेकर श्रेय लेने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले की सरकार के योगदानों को उचित स्थान न देकर पाखंड किया है। पूर्व रक्षा मंत्री एंटनी का वीडियो साझा करते हुए जयराम रमेश ने कहा, ‘तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने 12 अगस्त 2013 को भारत के पहले स्वदेश निर्मित विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत को लांच किया था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ‘INS विक्रांत को कमीशन करने में 20-22 साल लगे हैं। अगर आप इसका इतिहास देखेंगे तो यह 1999 से शुरू होता है और कमीशन आज हुआ। लेकिन आज के प्रधानमंत्री इसका श्रेय खुद लेंगे और कहेंगे कि मैं जब 2014 में आया उसके बाद इसकी शुरुआत हुई|
जयराम रमेश ने कहा, ‘शासन में निरंतरता होती है लेकिन हमारे PM ने कभी उसको स्वीकार नहीं किया। यह (INS विक्रांत) एक बड़ी उपलब्धि है जिसकी शुरूआत 22 साल पहले हुई थी जिसमें वाजपेयी जी की सरकार, मनमोहन जी की सरकार और फिर मोदी जी की सरकार सबको श्रेय मिलना चाहिए|
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अगस्त 2013 में आईएनएस विक्रांत का उद्घाटन करते पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी का एक वीडियो साझा किया और कहा कि चूंकि मोदी सरकार सत्ता में है, इसलिए वह इस विमानवाहक पोत को राष्ट्र को समर्पित कर रही है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘मोदी सरकार का इससे कोई लेना देना नहीं है। जब इसे बेड़े में शामिल किया जा रहा है तब मोदी सरकार सत्ता में हैं। सच्चाई यह है कि कई साल पहले रक्षा मंत्री रहते हुए ए के एंटनी ने आईएनएस विक्रांत को लांच किया था। डिजाइन से लेकर निर्माण और लांच से लेकर देश को समर्पित करने में 22 साल लगे हैं। मोदी सरकार ने बस, इसे बेड़े में शामिल किया है और वह इसका श्रेय ले रही है।’
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘, आइए मूल आईएनएस विक्रांत को भी याद करें जिसने 1971 के युद्ध में हमारी अच्छी सेवा की थी| कृष्णा मेनन ने इसे यूके से प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी|
आईएनएस विक्रांत को भारतीय नेवी को सौंपे जाने को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि,'' INS विक्रांत के सपने को साकार करने वाली कई वर्षों की कड़ी मेहनतक के लिए भारतीय नौसेना, नौसेना डिदाइन ब्यूरो औऱ कोचीन शिपयार्ड को बहुत-बहुत बधाई। भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत समद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री ने नौसेना को सौंपा एयरक्राफ्ट कैरियर शिप 'आईएनएस विक्रांत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के कोच्चि में ही बने विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत को नौसेना में शामिल किया। स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर IAC विक्रांत भारत के समुद्री इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और जटिल युद्धपोत है इसका नाम 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले भारत के पहले एयरक्राफ्ट कैरियर के नाम पर रखा गया है| यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर शिप है।