नई दिल्ली: किसान आंदोलन बुधवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच एक 65 वर्षीय किसान ने सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर आत्महत्या कर ली।पीड़ित की पहचान हरियाणा के करनाल जिले के सिंघरा गांव के बाबा राम सिंह के रूप में हुई है, किसान ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।सुसाइड नोट में चल रहे किसान आंदोलन के प्रति सरकार के रवैये को लेकर बात कही है| संत बाबा राम सिंह की खुदकुशी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दुख जताया है|
बाबा राम सिंह की मौत पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दुख जताया है और मोदी सरकार पर हमला बोला है| राहुल गांधी ने कहा कि,'' मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है| कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके है, ज़िद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, करनाल के संत बाबा राम सिंह जी ने कुंडली बॉर्डर पर किसानों की दुर्दशा देखकर आत्महत्या कर ली। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएँ और श्रद्धांजलि। राहुल गांधी ने कहा कि,''कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है। ज़िद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो!
मध्य प्रदेश के पूर्व CM कमलनाथ ने भी संत बाबा राम सिंह की खुदकुशी पर दुख जताया है| कमलनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा,'' दिल्ली की सीमा पर पिछले 21 दिनो से तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में चल रहे किसानो के प्रदर्शन में अभी तक कई किसान अपनी जान गँवा बैठे है। आज संत बाबा राम सिंह जी नानकसर सिंगरा वालों की किसानो के समर्थन में ख़ुदकुशी की ख़बर बेहद दुखद। उन्होंने दुखी होते हुए अपनी जान दे दी। परिवार के प्रति शोक संवेदनाएँ। पता नहीं केन्द्र की मोदी सरकार कब नींद से जागेगी , किसान विरोधी इन काले क़ानूनों को कब वापस लेगी ?
मिली जानकारी के मुताबिक, करनाल से आए संत बाबा राम सिंह ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी की है| करनाल के नानकसर सिंगरा गुरुद्वारे के संत बाबा राम सिंह (65) ने बुधवार को कुंडली धरनास्थल के पास पिस्तौल से कनपटी पर गोली मार ली।
उनके परिचित अमरजीत सिंह ने बताया कि शाम को उन्होंने खुद को गोली मार ली। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत पानीपत के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि धरनास्थल पर कई किसान मौजूद थे। इसी दौरान संत बाबा राम सिंह ने आंदोलन में बलिदान देने की बातें करते हुए अन्य किसानों को स्टेज पर भेज दिया। उसके बाद अपने वाहन में जाकर खुद को गोली मार ली।
राम सिंह ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है| सुसाइड नोट में चल रहे किसान आंदोलन के प्रति सरकार के रवैये को लेकर बात कही है| उन्होंने लिखा- “किसानों का दुख देखा, अपने हक लेने के लिए सड़कों पर हैं| दिल बहुत दुखी हुआ, सरकार न्याय नहीं दे रही, जुल्म है, जुल्म करना पाप है, जुल्म सहना भी पाप है| किसानों के समर्थन में कुछ लोगों ने सरकार को अपने पुरस्कार लौटा दिए.....यह जुल्म के खिलाफ आवाज है और मजदूर किसान के हक में आवाज है|