नई दिल्ली: प्रधानमंत्री के फिरोजपुर (पंजाब) दौरे पर उठे सवालों पर कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि वो वीडियो आपने भी देखा है और वो वीडियो हम सब लोगों ने देखा है और मैं सतत् ये कहती जा रही हूं कि जिस दिन भारतीय जनता पार्टी मोदी जी को अपना लीडर मानना छोड़ देगी और इस देश का प्रधानमंत्री मानेगी, हम सबका प्रधानमंत्री मानेगी, जो कि वो हैं, उस दिन ये तुच्छ, क्षुद्र मानसिकता की राजनीति करनी छोड़ देगी। जो आज वीडियो आया है पंजाब से और आपके ही किसी साथी के माध्यम से आया है, उसने तो दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है, क्योंकि मोदी जी के आस-पास तो सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ता हैं, जो मोदी जी जिंदाबाद कर रहे हैं, जो भाजपा का झंडा लिए हुए हैं।
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,''मैं तो कुछ और सवाल पूछना चाहती हूं कि प्रोटोकॉल आफटर ऑल क्या होता है और प्रोटोकॉल जो एसपीजी प्रोटेक्टी होता है, उसको फॉलो करने की जिम्मेदारी किसकी है? मोदी जी आज इस देश मैं सिर्फ और सिर्फ अकेले एसपीजी प्रोटेक्टी है। तो आज तो ये सार्वजनिक होना चाहिए था कि आईबी ने क्या इनपुट दिया था, एसपीजी ने क्यों ये फैसला लिया और मुझे सबसे बड़ी आपत्ति ये है कि मेरे देश के प्रधानमंत्री जब वहाँ पर रुके थे 15 मिनट, तो एसपीजी ने प्रधानमंत्री जी की लाइन ऑफ साइड क्यों छोड़ी, कैमरा के लिए कि फोटो खिंच सके? अगर प्रोटेक्ट ही करना था, तो लाइन ऑफ साइड के सामने क्यों नहीं आए। क्योंकि हम सबने देखा है मोदी जी को अपने इर्द-गिर्द कि कैमरे और उनके बीच अगर कुछ और आ जाता है, वो स्वीकार्य नहीं है। असलियत सिर्फ और सिर्फ ये खाली कुर्सियां हैं।
उन्होंने कहा,'''भाजपा को अपनी, प्रधानमंत्री के पद की, उनकी गरिमा की और उनकी सुरक्षा पर गंदी राजनीति छोड़ देनी चाहिए और मेरा अपना मानना ये है कि ये सारा जो किया कराया जा रहा है, इसको छोड़कर जिस तरह से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, जिस तरह से हमने जो रिपोर्ट आपके सामने रखी है वायर की, वो सामने आई है,
कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ' 'गवर्नेस पर ध्यान केन्द्रित करिए, ये सारी बातें बेमानी है और ये आपके अपने लोग हैं और इस देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने विरोध का, प्रदर्शन का सामना किया है। उनको बुलाकर बातचीत की है। चाहे वो इंदिरा जी हों, चाहे वो राजीव जी हों, चाहे डॉ. मनमोहन सिंह जी हों, चाहे कल मुख्यमंत्री चन्नी जी हों, जिन्होने जाकर संवाद स्थापित किया है। ये आपके अपने लोग हैं, तीन करोड़ पंजाबियों को अपनी जान का दुश्मन मत डिक्लेयर करिए, आप पंजाब का विश्व में सिर नीचे मत करिए, ये गलत कर रहे हैं आप। ये पंजाब के साथ आप पाप कर रहे हैं। ये पंजाब वो प्रदेश है, जहाँ पर लोग सरहद पर खड़े होकर मुस्तैदी से देश की सुरक्षा की लड़ाई लड़ते हैं। उन पंजाबियों का पूरे विश्व में सिर नीचा करने का काम मोदी जी, उनकी पार्टी और उनके प्रवक्ता करना बंद करें। ये बिल्कुल गलत है, ये पंजाबियों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने कहा,'''प्रधानमंत्री जब कहते हैं कि मैं जिंदा बचकर आ गया, क्या उत्तर प्रदेश में उन्होंने कहा था? क्या उन्होंने दिल्ली के जाम में फंसने पर ये कहा था? क्यों आपको पंजाब से इतनी नफरत है? क्योंकि वहाँ पर खाली कुर्सियां थी इस तरह की और खाली कुर्सियाँ क्यों थी, एक बार अपने से पूछिएगा। 384 दिन किसानों ने बैठकर आंदोलन किया है। आपसे मिलने की कोशिश करी। आपके दर पर वो बैठे रहे। आपके पास कीलें और तार लगाने का समय था। आपने तो तथाकथित तौर पर अपने गवर्नर तक को ये कहा कि 500 किसानों की मौत हो गई तो मेरे लिए थोड़े ही मरे हैं। तो आपको लग रहा था ये सब करने के बाद लोग दौड़े-दौड़े आपकी रैली में आ जाएंगे। अरे, दो घंटे आप चल चुके थे सड़क पर, उस सड़क पर दो घंटे चलने के बाद आपको आशा थी कि रैली भर जाएगी। रैली नहीं भरी, होता है, आपको वापस जाना पड़ा, तो पंजाबियों से इसका बदला मत लीजिए, इस प्रकरण को यहीं समाप्त करिए। थोड़ी सी मैच्योरिटी, थोड़ी सी डिग्निटी, जिस पद पर आप हैं, उसी की दिखाइए, आपसे तो आशा खैर मैं नहीं करती हूँ।
चीन मुद्दे पर सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ''जहाँ तक आपने राहुल जी की चीन पर सवाल उठाने की बात की, उन्होंने शत प्रतिशत बात सही कही है। चीन ने अगर प्रोपोगैंडा भी किया, अगर मैं भाजपा की बात मान लूं, अगर चीन ने प्रोपोगैंडा भी किया तो इसका जवाब कौन देगा? क्या प्रधानमंत्री चुप रहेंगे, क्या रक्षामंत्री चुप रहेंगे? इस बात का जवाब भी नहीं दिया जाएगा। चीन तो ये दंभ भर रहा है कि उसने गलवान में झंडा फहराया, राष्ट्रगान गाया, हम सबने देखा है। जिस गलवान वैली में हमारे 20 सैनिक शहीद हुए और प्रधानमंत्री चुप रहेंगे।
उन्होंने कहा,'' अरुणाचल से लोग कह रहे हैं चीन घर बसाता जा रहा है। डोकलाम के पूरे प्लैटो पर चीन ने फॉर्टिफिकेशन कर दिया है। हर जगह चीन घुसपैठ कर रहा है। प्रधानमंत्री चीन का नाम तक नहीं लेते हैं और नाम लेना तो दूर की बात है, पिछले वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री जी ने चीन को सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बना दिया। आप एप बैन करेंगे, आप लाल आँखों की बात करेंगे, जब विपक्ष में होंगे। जब सत्ता आपके हाथ में होगी, जब कार्रवाई आपको करनी होगी, जब संवाद आपके हाथ में रहेगा, तो आप मुंह दबाकर उनको सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बना देंगे और आपके लोग राहुल जी को अटैक करेंगे। इस देश की अस्मिता, इस देश के भू-भागीय अखंडता के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं है और चुनी हुई सरकार को, चुने हुए प्रधानमंत्री को उस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
एक अन्य प्रश्न पर कि केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री को मौत के कुंए में फंसाने की साजिश थी और हत्या ड्रोन या टेलिस्कोपिक गन से हो सकती थी, क्या इस पर जवाब देना चाहेंगी, श्रीमती श्रीनेत ने कहा कि मैं इसका इसलिए जवाब नहीं देना चाहँगी क्योंकि इस तरह की विक्षित्त बात एक विकृत दिमाग का विक्षित्त आदमी कर सकता है। इस तरह की बात का जवाब देकर मैं उनकी इज्जत आफजाही नहीं करना चाहूँगी। इस देश के एक राज्य में मोदी जी जाते हैं और जाकर तथाकथित तौर पर, मैं अभी भी कह रही हूँ, प्राइम मिनिस्टर ऑफिस ने अभी तक नहीं कहा है, मीडिया ये दिखा रहा है कि उन्होंने ये कहा कि मैं जिंदा बचकर आ गया, जिसका उन्होंने खंडन नहीं किया।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,'''इस देश के भाग में आपको जान का खतरा है, तो क्या मोदी जी आप दुनिया को ये दिखाना चाह रहे हैं कि हमारे देश में इतनी अराजकता है कि जहाँ प्रधानमंत्री की जान नहीं सुरक्षित है? क्या आप दुनिया को ये दिखाना चाह रहे हैं कि आपको भागकर आना पड़ा? क्या आप दुनिया को ये दिखा रहे हैं कि हमारे किसान, जो आपके विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे, उनसे बजाय संवाद स्थापित करने के उनके सारे राज्य को, उनकी सारी कौम को, उनके सारे लोगों को आप हत्यारा घोषित कर देंगे? क्या आप ये दिखाना चाह रहे हैं कि जो वीडियो ये दिखाता है कि आपके समर्थक खड़े होकर वहाँ पर भाजपा के झंडे लेकर नारेबाजी कर रहे थे, उनको एसपीजी ने नहीं हटाया, ये मुख्यमंत्री चन्नी की गलती है? सच तो ये है कि एक दलित, शोषित, वंचित समाज का गरीब का बेटा मुख्यमंत्री बन गया है, ये भाजपा को गले के नीचे उतर नहीं रहा है, बर्दाश्त नहीं हो रहा है, लेकिन इसकी आदत डाल लीजिए। आदत इसलिए डाल लीजिए क्योंकि कांग्रेस ऐसे लोगों को बढ़ावा देगी, ऐसे लोगों को सशक्त पदों पर बैठाएगी और अगर आपको लगता है कि आप इसको नहीं झेल सकते हैं, तो ये आपकी समस्या है और आपके मंत्रियों की समस्या है।
प्रश्न -उत्तर प्रदेश में वाराणसी के घाट पर कई पोस्टर लगाए गए हैं, जहाँ पर सीधे तौर पर नॉन हिंदुओं को चेतावनी दी गई है, वहाँ पर न आने की, क्या कहेंगी,, श्रीमती श्रीनेत ने कहा कि मेरी जानकारी के अनुसार ये काम किया गया था, वाराणसी में और लोकल लोगों ने ही वो पोस्टर फाड़ डाले, तो आप इस देश को विभाजित करने में कोई भी कोशिश बाकी मत छोड़िएगा, लेकिन ये देश एकजुट होकर आपको सबक सिखाएगा, मोदी जी। लोकल लोगों ने ही वो पोस्टर फाड़कर आपको तिरस्कृत कर दिया। आपकी गंदी विकृत सोच के लोगों को घर बैठा दिया, ये लोकल लोगों ने किया है। इस तरह के काम करने नहीं चाहिए, अगर ऐसे काम होते हैं तो प्रशासन को और पुलिस को तमाशबीन न रहकर इन लोगों को कड़ी सजा सुनानी चाहिए, लेकिन भाजपा के रुल में योगी जी की दया से, मोदी जी की कृपा से शायद ये सारी चीजें होती हैं।
दूसरा प्रश्न- सोनिया गांधी जी ने पंजाब के मुख्यमंत्री को हिदायत दी और तमाम बातें उस प्रकरण (PM Security Breach) को लेकर कही हैं.. श्रीमती सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,''मैं आपके दूसरे सवाल का जवाब देना चाहती हूँ, जवाब इसलिए देना चाहती हूँ क्योंकि ये थोड़ा सा मेरे लिए इमोशनल इशू भी है। कल से सोनिया जी का नाम इसमें आ रहा है। सोनिया गांधी जी इस देश की मुख्य विपक्ष पार्टी कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। हमारे चुने हुए प्रधानमंत्री ने ये आरोप लगाया कि वो जिंदा बचकर आ गए। सोनिया गांधी जी ने राजनीति में दशकों नहीं बिताए हैं, सोनिया गांधी जी वो स्त्री हैं, जिनकी गोदी में एक लहूलुहान प्रधानमंत्री ने शहादत दी है। सोनिया गांधी जी वो हैं, जिन्होंने अपने पति को आतंकियों के हाथों शहीद होते हुए देखा और उनकी शहादत देखी है। तो सोनिया गांधी जी का नाम इतने हल्के से भाजपा लेना बंद कर दे। उन्होंने अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का निर्वहन किया। अगर प्रधानमंत्री इस तरह का दुष्प्रचार करके इस तरह से ओछी, छोटी, क्षुद्र बातें करेंगे, तो उन्होंने अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य का निर्वहन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन किया और जानना चाहा कि आखिर क्या हुआ था और प्रधानमंत्री की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। ये किरदार सोनिया गांधी जी ने अदा किया, लेकिन भाजपा उनके लिए, उनसे संबंधित लोगों के लिए, उनकी पार्टी के लिए क्या किरदार अदा करती है, आज भाजपा को शायद थोड़ा आत्ममंथन करने की जरुरत है।
प्रश्न-सुप्रीम कोर्ट ने आज पंजाब पुलिस को और सेन्ट्रल एजेंसीज को कहा है कि जो पूरा रिकॉर्ड है उस दिन का, वो हाई कोर्ट में सब्मिट करे- सवाल के जावब सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि, आपका जो सबसे पहला सवाल था, पंजाब का जो मामला कोर्ट में आया है, उसको लेकर, वो मैं आपको बता देती हूं, कि कोर्ट में जब ये प्रोसीडिंग चल रही थी और ये जो तथाकथित एनजीओ है, जिसके कर्ताधर्ता नीरज जी हैं, जो भाजपा की दिल्ली लीगल सेल से भी संबंध रखते हैं, कोर्ट ने बिल्कुल कैटेगोरिकली कहा, जब वहाँ पर कहा गया कि ये सेन्ट्रल एजेंसीज को सौंप दिया जाए और इस पर एडवोकेट जनरल ऑफ पंजाब ने आपत्ति जताई तो कोर्ट ने बिल्कुल उनकी बात मानी और कोर्ट ने इस सब्मिशन को एग्री किया कि जो डीएस पाटवालिया जी थे, उनके सब्मिशन से एग्री किया और वो प्ली रिजेक्ट कर दी कि ये मामला सेन्ट्रल एजेंसी को सौंपा जाए।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि,''''ये सोनिया जी का नेतृत्व है, ये कांग्रेस की सोच है, ये चन्नी जी की ईमानदारी है कि आपके अनर्गल आरोपों की भी हम जांच कराएंगे। इस पर पूरी तरह से हमने कमेटी घोषित की है। हम इस मामले की तह तक जाएंगे, जबकि सच तो ये है कि एसपीजी का डिसीजन था। आप वहाँ पर खाली कर्सियों की वजह से नहीं गए। आपको गया था अल्टरनेटिव रुट से जाने का।
उन्होंने कहा,''आपको ऑप्शन दिया गया था जहाँ पर आप फंसे थे, वहाँ से हैलिकॉप्टर से जाने का, लेकिन आपने वापस आकर इस तरह की ओछी हरकतें करने का मन बना लिया था, क्योंकि कुर्सियाँ खाली थीं। मैं फिर कहूँगी इस तरह की हरकतें, इस तरह का व्यवहार प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता है, प्रधानमंत्री के कार्यालय को शोभा नहीं देता है और सबसे ज्यादा ये भाजपा के लोगों को इसलिए शोभा नहीं देता क्योंकि कहीं न कहीं ये सारी कवायद है, ये प्रधानमंत्री के पद को धूमिल करती है। 791 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री की सुरक्षा पर हर साल खर्च होते हैं। क्या आपको लगता है ये देश प्रधानमंत्री को सुरक्षित नहीं रख सकता है?