नई दिल्ली: Demonetisation 6th Anniversary: नोटबंदी की छठी बरसी पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बड़ा करते हुए कहा कि ,''नोटबंदी हिंदुस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी ऑर्गेनाइज्ड लूट थी| नोटबंदी की छठी बरसी पर कांग्रेस प्रवक्ता गौरव बल्लभ ने कहा कि,''8 नवंबर 2016 का दिन सबको याद होगा, आज भारत की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने के फैसले की छठी बरसी है।
प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि,''नोटबंदी के 50 दिन के बाद आज तक सरकार ने नोटबंदी का नाम तक नहीं लिया है| हिंदुस्तान के इतिहास की सबसे बड़ी ऑर्गेनाइज्ड लूट 8 नवबंर 2016 को नोटबंदी के माध्यम से सरकार ने की|
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि,''पिछले 6 साल में अर्थव्यवस्था में जो कैश-इन-सर्कुलेशन है, वो 72% बढ़ा है। 2016 में अर्थव्यवस्था में कैश सर्कुलेशन 17.97 लाख करोड़ था, जो आज 30.88 लाख करोड़ हो चुका है। कैशलेस से लेस कैश होते-होते कैश सर्कुलेशन 72% बढ़ा है|
नोटबंदी पर सरकार के दावे धराशायी:
- कालाधन कम नहीं हुआ, स्विस बैंक में भारतीयों का धन 14 साल के उच्चतम स्तर पर |
- फेक करंसी भी कम नहीं हुई, RBI की 2021-22 की रिपोर्ट अनुसार 500 के नकली नोटों में 102% की बढ़त, 2000 के नकली नोटों में 55% की बढ़त|
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गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 की शाम 8 बजे अचानक से नोटबंदी का एलान किया था| नोटबंदी में 500 और 1,000 रुपये के नोटों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया| नोटबंदी से पहले 4 नवंबर 2016 को जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में 17.97 लाख रुपये कैश था| नोटबंदी के 6 साल बाद देश में कैश सर्कुलेशन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है|
आरबीआई द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में 30.88 लाख करोड़ कैश सर्कुलेशन में है| 21 अक्टूबर 2022 को खत्म हुए पखवाड़े में जनता के पास 30.88 लाख करोड़ रुपये कैश होने की बात सामने आई है, जो 4 नवंबर 2016 को मौजूद 17.97 लाख करोड़ रुपये से 71.84% ज्यादा है|
इसी साल जून 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक,' आरबीआई ने वर्ष 2020-21 की तुलना में 500 रुपये मूल्य के 101.9 प्रतिशत अधिक नकली नोट और 2,000 रुपये मूल्य के 54.16 प्रतिशत अधिक नकली नोटों का पता लगाया|
इसी तरह दस रुपए के नकली नोटों में 16.4 फ़ीसदी, 20 रुपए के नकली नोटों में 16.5 फ़ीसदी और 200 रुपए के नकली नोटों में 11.7 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. केवल 50 और सौ रुपए के नकली नोटों में क्रमशः 28.7 फ़ीसदी और 16.7 फ़ीसदी की गिरावट पाई गई|
आरबीआई के मुताबिक़ 2021-22 के दौरान बैंकिंग क्षेत्र में पाए गए कुल नकली भारतीय मुद्रा नोटों (FICN) में से 6.9 प्रतिशत रिजर्व बैंक में और 93.1 प्रतिशत अन्य बैंकों में पाए गए|