नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नियुक्त किए गए राज्यपाल महोदय, सत्यपाल मलिक जी और प्रधानमंत्री मोदी जी की जो बातचीत हुई, जिसका खुलासा सामने आया है, उसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। प्रधानमंत्री के अहंकार का, प्रधानमंत्री की किसान विरोधी मानसिकता का, प्रधानमंत्री की किसान और अन्नदाता विरोधी सोच का इससे बड़ा जीता – जागता ज्वलंत सबूत कोई नहीं हो सकता।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि ,''मोदी जी को अब सामने आकर बताना चाहिए कि क्या उन्होंने गवर्नर सत्यपाल मलिक जी को देश के अन्नदाता किसान को अपमानित करते हुए अहंकारी तरीके से यहाँ तक कह डाला कि अगर किसान मरे हैं, तो क्या ये भाजपा या मोदी के लिए मरे हैं। देश के अन्नदाता किसान दिल्ली की सीमा पर न्याय की गुहार लगाते हुए दम तोड़ रहे थे और मोदी जी चंद पूंजीपतियों की दुकान चलाने की बिसात बिछा रहे थे।
ऐसा अहंकार, ऐसी किसान विरोधी सोच और ऐसा किसान विरोधी रवैया, जो नरेन्द्र मोदी जी और अमित शाह जी का सामने आया है, ये शायद इस देश के 75 वर्ष के इतिहास में किसी प्रधानमंत्री का नहीं आया।
सुरजेवाला ने कहा कि,''हमारी ये मांग है इस देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं की ओर से कि प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, दोनों सामने आकर देश के अन्नदाता किसानों से माफी मांगे बगैर शर्त और ये बताएं कि किस तारीख तक जो हमारे 700 किसान शहीद हुए उनके परिवारजनों को मुआवजा, परिवारजनों को एकएक सरकारी नौकरी, जो झूठे मुकदमें उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक दर्ज हुए हैं, उनकी वापसी और एमएसपी की कमेटी का जो वायदा किया था, जिसका गठन भी नहीं हुआ, वो एमएसपी की कमेटी का गठन कब तक होकर, कितने दिनों में वो रिपोर्ट सामने आएगी, ताकि किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य का एक गारंटीशुदा आर्किटेक्चर मिल सके।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''हमारी ये मांग है कि कमेटी अगले 24 घंटे में पूर्णतया गठित हो और 30 दिन के अंदर उसकी रिपोर्ट आए। दुर्भाग्य है देश का कि जब देश के प्रधानमंत्री ही इस प्रकार का असंवेदनशील, इस प्रकार की किसान विरोधी मानसिकता का परिचय देंगे और पूंजीपतियों के नुमाइंदे के तौर पर काम करेंगे, खेत और खलिहान को बेचने के लिए षड़यंत्र में शामिल मिलेंगे, जैसा गवर्नर सत्यपाल मलिक ने कहा है, तो इस देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा कौन करेगा और मोदी जी, वो किसान आपके लिए नहीं मरे, वो ना भाजपा के लिए मरे, वो किसान जिन्होंने अपने जीवन की आहुति दी, वो दी देश की खाद्य सुरक्षा के लिए। उन्होंने जीवन की आहुति दी देश के 140 करोड़ देशवासियों के लिए। उन्होंने जीवन की आहुति दी न्याय और अधिकार के लिए और अगर कोई प्रधानमंत्री इसका अपमान करेगा, तो वो पाप का भागीदार भी होगा और उन्हें फौरन बगैर देरी के माफी मांगनी चाहिए।
एक प्रश्न - भाजपा में प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई नहीं बोलता है, परंतु जिस तरह से सत्यपाल मलिक का ये बयान सामने आया है, आप इसे किस तरह से लेते हैं? जिसके जवाब रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,'' आदरणीय मित्र, सच्चाई बयां कर रहे हैं मोदी जी के खुद के राज्यपाल। जैसा मैंने कहा राज्यपाल, सत्यपाल मलिक जी अगर ये सामने आकर कह रहे हैं कि मोदी अहंकारी हैं, मोदी जी ने ये कहा कि 500 किसान मरे तो मरे, तो क्या वो बीजेपी या मोदी के लिए मरे हैं। अगर मोदी जी ने अपने ही राज्यपाल को ये कहा कि किसानों की मांग को वो मानने को तैयार नहीं।
अगर मोदी जी ने अपने ही गवर्नर सत्यपाल मलिक जी को ये कहा कि वो किसानों की जायज मांगों के प्रति असंवेदनशील ही नहीं, तो क्या ये नहीं दिखाता कि देश के प्रधानमंत्री का चेहरा ही किसान विरोधी है। उनकी सोच और मानसिकता ही किसान विरोधी है, उनका रास्ता ही किसान विरोधी है, क्योंकि मोदी सरकार सिक्कों की खनक में अंधे होकर चंद पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है, देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं के लिए नहीं। इसीलिए मैंने कहा हम चैलेंज करते हैं, चुनौती देते हैं प्रधानमंत्री जी और मोदी सरकार को, अगर गवर्नर सत्यपाल मलिक जी गलत कह रहे हैं, तो बर्खास्त करिए और अगर वो सही कह रहे हैं, तो प्रधानमंत्री और अमित शाह जी का किसान विरोधी, मजदूर विरोधी, खेत-मजदूर विरोधी चेहरा देश के सामने है। प्रधानमंत्री को सामने आकर माफी मांगनी चाहिए।
एक अन्य प्रश्न पर कि इसी में दूसरा पहलू भी है कि उन्होंने अमित शाह के लिए भी कहा है? जिसके जवाब सुरजेवाला ने कहा कि जो प्रधानमंत्री मोदी और सत्यपाल मलिक और अमित शाह की बातचीत जो सार्वजनिक तौर पर उन्होंने आकर बताई है, वो ये दिखाता है कि ये सरकार किस प्रकार से तानाशाही तरीके से सिक्कों की खनक में अंधी होकर कुछ चुने हुए उद्योगपतियों की दासी बनकर काम कर रही है, देश के लिए नहीं, चंद उद्योगपतियों के लिए ये सरकार है।
उन्हीं के द्वारा निर्मित सरकार है और उन्हीं के लिए काम कर रही है और देशवासियों का खून चूसने वाली सरकार है। जिस प्रकार का विरोधाभास एक राज्यपाल, एक गृहमंत्री और प्रधानमंत्री के अंदर भी नजर आया, जिस प्रकार का अहंकार और जिस प्रकार की अपमानजनक शब्दावली देश के अन्नदाता के लिए सामने आई, ये दर्शाता है कि अब इस सरकार को चलता करने के अलावा और प्रधानमंत्री को उनकी गद्दी पर शायद अब बने रहने का अधिकार नहीं रहा, इस सरकार को चलता करने के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा।
एक अन्य प्रश्न पर कि ‘मति मारी गई है', इस बयान को लेकर क्या आपको लगता है कि ऐसी कोई बात कही होगी प्रधानमंत्री जी के बारे में अमित शाह ने?.. इस पर सुरजेवाला ने कहा कि इसका जवाब भी देश के गृहमंत्री अमित शाह को देना चाहिए, क्योंकि एक संवैधानिक पद पर बैठे राज्यपाल जिनकी नियुक्ति खुद नरेन्द्र मोदी ने की और जो सीधे अमित शाह जी को रिपोर्ट करते हैं, ये बात उन्होंने कही है।
सुरजेवाला ने कहा कि,''अगर देश के गृहमंत्री ये मानते हैं कि प्रधानमंत्री की अक्ल मारी गई है, तो क्या ये नहीं बताता कि इस देश की सरकार में कितना विरोधाभास भी है और क्या कुछ गलत है। अगर देश के गृहमंत्री को ही देश के प्रधानमंत्री पर विश्वास नहीं और राज्यपाल के सामने दोनों देश के अन्नदाताओं को जिस प्रकार की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं, ये दर्शाता है कि ये सरकार, संविधान निर्मित सरकार तो कागज पर हो सकती है, पर ये सरकार संविधान के मुताबिक नहीं, पूंजीपतियों के सिक्कों की खनक के मुताबिक चलाई जा रही है।
PM मोदी ने कहा क्या किसान मेरे लिए मरे?, बहुत ‘घमंड’ में थे PM मोदी
बता दें कि, मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक और पीएम मोदी के बीच की बातचीत हुई। बातचीत के बाद मलिक ने कहा कि जब मैं किसानों के मामले में प्रधानमंत्री से मिलने गया तो मेरी उनसे पांच मिनट में लड़ाई हो गई। वह बहुत ‘घमंड’ में थे। जब मैंने उनसे कहा कि हमारे 500 लोग मर है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- किसान मेरे लिए मरे हैं?” मैंने कहा आपके लिए ही तो मरे थे, क्योंकि आप राजा जो बने हुए हो, इसको लेकर मेरा उनसे झगड़ा हो गया।”
अमित शाह ने कहा इसकी (PM मोदी) अक्कल मार रखी है लोगों ने: सत्यपाल मलिक
सत्यपाल मलिक ने कहा कि,'' मेरा और मोदी का झगड़ा हो गया | पीएम मोदी ने कहा कि तुम अमित शाह से मिलो। जब मैं अमित शाह से मिला तो उन्होंने कहा कि ‘ इसकी अक्ल मार रखी है लोगो ने , तुम बेफिक्र रहो मिलते रहो , ये किसी न किसी दिन समझ में आ जायेगा|
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