नई दिल्ली: मन की बात की 76वीं कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''आज आपसे ‘मन की बात’, एक ऐसे समय कर रहा हूँ जब कोरोना, हम सभी के धैर्य, हम सभी के दुःख बर्दाश्त करने की सीमा की परीक्षा ले रहा है । बहुत से अपने, हमें, असमय, छोड़ कर चले गए हैं । कोरोना की पहली वेव का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के बाद देश हौंसले से भरा हुआ था, आत्मविश्वास से भरा हुआ था, लेकिन इस तूफ़ान ने देश को झकझोर दिया है ।
PM मोदी ने कहा कि,'''कोरोना की पहली वेव का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के बाद देश हौसले और आत्मविश्वास से भरा हुआ था लेकिन इस तूफान (दूसरी वेव) ने देश को झकझोर दिया है| इस समय हमें इस लड़ाई को जीतने के लिए विशेषज्ञों और वैज्ञानिक सलाह को प्राथमिकता देनी है। राज्य सरकार के प्रयत्नों को आगे बढ़ाने में भारत सरकार पूरी शक्ति से जुटी हुई है। राज्य सरकारें भी अपना दायित्व निभाने की पूरी कोशिश कर रही हैं|
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,''आपको अगर कोई भी जानकारी चाहिए हो, कोई आशंका हो तो सही सोर्स से ही जानकारी लें। अपने फैमिली डाॅक्टर, आसपास के डाॅक्टर को संपर्क करके उनसे सलाह लीजिये|
कोरोना के इस संकट काल में वैक्सीन की अहमियत सभी को पता चल रही है इसलिए मेरा आग्रह है कि वैक्सीन को लेकर किसी भी अफवाह में न आएं। भारत सरकार की तरफ से अभी मुफ़्त वैक्सीन का जो कार्यक्रम चल रहा है वो आगे भी चलता रहेगा| मेरा राज्यों से भी आग्रह है कि वो भारत सरकार के इस मुफ़्त वैक्सीन अभियान का लाभ अपने राज्य के ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचाएं|
डाॅक्टर और नर्स स्टाफ के साथ इस समय लैब टेक्नीशियन और एंबुलेंस ड्राइवर जैसे फ्रंटलाइन वर्कर भी भगवान की तरह ही काम कर रहे हैं। जब कोई एंबुलेंस किसी मरीज़ तक पहुंचती है तो उन्हें एंबुलेंस ड्राइवर देवदूत जैसा ही लगता है|कोरोना से बहुत लोग संक्रमित हो रहे हैं लेकिन कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी उतनी ही ज़्यादा है|
इस बार गांवों में भी नई जागरूकता देखी जा रही है। कोविड नियमों का सख्ती से पालन करते हुए लोग अपने गांव की कोरोना से रक्षा कर रहे हैं। जो लोग बाहर से आ रहे हैं उनके लिए सही व्यवस्थाएं भी बनाई जा रही हैं| शहरों में भी कई नौजवान सामने आये हैं, जो अपने क्षेत्र में, कोरोना के case न बढ़े, इसके लिए, स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं, यानि एक तरफ देश, दिन-रात अस्पतालों, Ventilators और दवाईयों के लिए काम कर रहा है, तो दूसरी ओर, देशवासी भी, जी-जान से कोरोना की चुनौती का मुकाबला कर रहें हैं । ये भावना हमें कितनी ताकत देती है, कितना विश्वास देती है । ये जो भी प्रयास हो रहे हैं, समाज की बहुत बड़ी सेवा है । ये समाज की शक्ति बढ़ाते हैं ।