नई दिल्ली: द्वारका पीठ शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (Dwarka-Sharda Peeth Shankaracharya Swami Swaroopanand Saraswati) का 99 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में निधन हुआ। शीर्ष धर्मगुरु ने आज रविवार को नरसिंहपुर के श्रीधाम झोटेश्वर आश्रम में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है. साधु का अंतिम संस्कार सोमवार को होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। “उन्होंने लिखा,'द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। शोक के इस समय में उनके अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति!
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दुख जताया। वही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत का निधन धार्मिक नेताओं के समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के महाप्रयाण का समाचार सुनकर मन को भारी दुख पहुंचा। स्वामी जी ने धर्म, अध्यात्म व परमार्थ के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''साल 2021 में प्रयागराज में गंगा स्नान के बाद उनका आशीर्वाद प्राप्त कर देश व धर्म की.....उदारता व सद्भावना पर उनके साथ चर्चा करने का मौका मिला। स्वामी जी ने मेरे पिता के रहते हुए 1990 में हमारी गृहप्रवेश की पूजा कराई थी। ये पूरे समाज के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में स्वामी जी के अनुयायियों को कष्ट सहने का साहस दें। ॐ शांति!
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया, पूज्य जगत गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के देवलोकगमन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ऐसे महान संत पृथ्वी को आलोकित करते हैं। उनके श्रीचरणों में बैठकर आध्यात्म का ज्ञान और आशीर्वाद के क्षण सदैव याद आएँगे। ॐ शांति: