मुंबई: निर्वाचन आयोग ने सोमवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट को नया नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया। चुनाव आयोग ने ठाकरे गुट के लिए 'शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे' को पार्टी के नाम के रूप में आवंटित किया| पार्टी के चुनाव चिन्ह के लिए ‘मशाल' चुनाव चिन्ह आवंटित हुआ है। चुनाव आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए त्रिशूल और गदा को चुनाव चिन्ह के रूप में देने से इंकार कर दिया है|
चुनाव आयोग द्वारा शनिवार को मांगे गए (पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह) सुझाव के एक दिन बाद यानी रविवार को (09 अक्टूबर, 2022 को) पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपनी पसंद के तीन-तीन वैकल्पिक पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न की सूची चुनाव आयोग को सौंप दी थी।
उद्धव ठाकरे गुट की पार्टी के नाम के लिए 'शिवसेना बालासाहेब ठाकरे' , 'शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे' , तीसरा नाम 'शिवसेना बालासाहेब प्रबोधंकर ठाकरे' दिया गया था| चुनाव चिन्ह 'त्रिशूल', 'मशाल' और 'उगता हुआ सूरज' को दिए गए थे|
कर्नाटक की भाजपा सरकार देश की सबसे भ्रष्ट सरकार: राहुल गांधी
आज, सोमवार को निर्वाचन आयोग ने उद्धव ठाकरे गुट को पार्टी के नाम ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ और चुनाव चिन्ह ‘मशाल’ आवंटित किया| वहीं, शिंदे गुट की शिवसेना को भी नया मिल गया है। इस गुट वाली पार्टी को चुनाव आयोग ने 'बालासाहेबची शिवसेना' नाम आवंटित किया है।चुनाव चिह्न के लिए चुनाव आयोग ने फिर से शिंदे गुट से पार्टी के सिंबल के लिए तीन नाम मांगे हैं|
बता दें, शिंदे गुट ने गदा, उगता सूरज और त्रिशूल में से कोई एक चिह्न मांगा था। गदा और त्रिशूल के धार्मिक संकेत होने के चलते दोनों चुनाव निशान शिंदे गुट को नहीं मिले। वहीं, उगता सूरज द्रमुक का चुनाव निशान होने के कारण नहीं मिला। शिंदे गुट को 11 अक्टूबर सुबह 10 बजे तक अपनी पसंद के तीन नए चुनाव चिह्न बताने होंगे। उसी आधार पर आगे फैसला होगा।
हम बहुत खुश हैं: ठाकरे गुट के नेता
निर्वाचन आयोग द्वारा 'शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे' नाम आवंटित किए जाने के बाद उद्धव ठाकरे गुट के नेता भास्कर जाधव ने कहा, "हम बहुत खुश हैं, इसे बड़ी जीत मानते हैं।"
Thackeray vs Shinde: अंधेरी ईस्ट उपचुनाव से पहले EC ने फ्रीज किया शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न