नई दिल्ली: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से ईडी ने कल कथित अवैध रेत खनन मामले में पांच घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। उनसे उनके भतीजे भूपिंदर सिंह हनी के साथ संबंधों के संबंध में पूछताछ की गई थी, जिन्हें एजेंसी ने गिरफ्तार किया था| चन्नी ने कहा कि,' मुझे कल बुलाया गया और मैंने ईडी के सामने पेश होकर अपना बयान दे दिया। मुझे दोबारा नहीं बुलाया गया है, मुझसे जो पूछा गया मैंने वो बता दिया|
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि मुझे खनन मामले के संबंध में ईडी द्वारा बुलाया गया था। मैंने अपनी जानकारी के अनुसार उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दिया। इस मामले में एक चालान पहले ही ईडी द्वारा अदालत में प्रस्तुत किया जा चुका है। अधिकारियों ने मुझे फिर से आने के लिए नहीं कहा है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी पर अवैध रेत खनन का आरोप है। अवैध खनन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूपिंदर सिंह हनी और उसके सहयोगी के खिलाफ अदालत ईडी ने हाल में चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने हनी को 3 और 4 फरवरी की दरमियानी रात को गिरफ्तार किया था। भूपिंदर सिंह हनी और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियां बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग की है। इससे पहले 18-19 जनवरी को ईडी की छापेमारी में हनी के घर से करीब 7.9 करोड़ रुपये कैश मिला था। हनी के सहयोगी संदीप कुमार के ठिकाने से दो करोड़ रुपये मिले थे।
भूपिंदर हनी पर 18 जनवरी को ईडी ने दबिश दी थी। 2018 में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे, उस समय अवैध खनन का मामला सामने आया था। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में मुख्य आरोपी कुदरतदीप सिंह ने दो निदेशकों संदीप सिंह और भूपिंदर सिंह के साथ नई कंपनियां बनाई थीं। पूछताछ के बाद ईडी के हाथ भूपिंदर हनी तक पहुंचे और 18 जनवरी को ईडी ने हनी के चंडीगढ़, लुधियाना, मोहाली और फतेहगढ़ के दस अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। प्रवर्तन निदेशालय को इनके ठिकानों से 10.7 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई।