नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस कार्यसमिति (Congress Working Committee Meeting) की रविवार शाम को बैठक हुई| बैठक के बाद फैसला किया गया है कि सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी रहेंगी| कांग्रेस ने कहा,''कांग्रेस कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से श्रीमती सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में अपने विश्वास की पुनः पुष्टि की और कांग्रेस अध्यक्षा से अनुरोध किया कि वो आगे बढ़ पार्टी का नेतृत्व और मजबूती से करें और आवश्यक एवं व्यापक बदलाव करें।
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कहा,''पांच राज्यों के विधानसभा चनाव परिणाम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए गंभीर चिंतन का विषय हैं। पार्टी का यह मानना है कि अपनी रणनीति में खामियों के चलते हम जहाँ चार राज्यों में भाजपा सरकारों के कुशासन को प्रभावी ढंग से उजागर नहीं कर पाए, वहीं पंजाब राज्य में नेतृत्व बदलाव के बाद मिले सीमित समय में सत्ता विरोधी लहर पर काबू नहीं पाया जा सका।
कांग्रेस पार्टी देश में आज व्याप??त राजनीतिक निरंकुशता के खिलाफ करोड़ों भारतीयों की आशाओं का प्रतिनिधित्व करती है और अपनी इस जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह से सजग और जागरूक है। कांग्रेस कार्यसमिति लाखों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के प्रति अपना आभार व्यक्त करती है, जिन्होंने पांच राज्यों के इन चुनावों में पार्टी और उसके उम्मीदवारों के लिए अथक परिश्रम किया।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कहा'कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और भारत के लोगों को आश्वस्त करती है कि वह विधानसभा चुनावों के इस जनमत को विनम्रता से स्वीकार करते हुए एक सतर्क और जीवंत विपक्ष की भूमिका निभाएगी।
कांग्रेस पार्टी भविष्य में होने वाले 2022 और 2023 के राज्यों के चुनाव एवं 2024 के लोकसभा व राज्यों के चुनाव की चुनौतियों से मुस्तैदी से निपटने के लिए तत्परता से हर तैयारी करेगी।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कहा,''कांग्रेस कार्यसमिति ने सर्वसम्मति से श्रीमती सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में अपने विश्वास की पुनः पुष्टि की और कांग्रेस अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे आगे बढ़ पार्टी का नेतृत्व और मजबूती से करें एवं आवश्यक तथा व्यापक संगठनात्मक बदलाव करें तथा राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन की सभी कमजोरियों को दूर करें।