नई दिल्ली: केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की कई सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 79वां दिन है| आज शनिवार को किसानों ने मोदी सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया हैं| किसानों का कहना है,''केंद्र सरकार के साथ 11 बैठक करके एक-एक क्लॉज पर बता चुके हैं कि तीनों कृषि कानूनों में काला क्या है|
दरअसल 5 फरवरी को राज्यसभा में 'केंद्र सरकार ने कहा था,''मैं किसान यूनियन से 2 महीने तक पूछता रहा कि कानून में काला क्या है |भारत सरकार कानूनों में किसी भी संशोधन के लिए तैयार है इसके मायने ये नहीं लगाए जाने चाहिए कि कृषि कानूनों में कोई गलती है। पूरे एक राज्य में लोग गलतफहमी का शिकार हैं।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा,''भारत सरकार झूठ बोलकर सारे देश को गुमराह कर रही है। सरकार कह रही है कि हमें बताया नहीं जा रहा कि इन क़ानूनों में काला क्या है। सरकार के साथ 11 बैठक करके 3 बार एक-एक क्लॉज पर बता चुके हैं कि इनमें काला क्या है|
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा,'''संयुक्त किसान मोर्चा पूरी तरह से एकजुट है। 23 फरवरी तक के कार्यक्रम निर्धारित हैं, जिन पर हम काम कर रहे हैं। आंदोलन पूरी मजबूती से चलता रहेगा, हम अपनी रणनीति बना रहे हैं। किसानों को हताश होने की जरूरत नहीं है|
संसद के बजटीय सत्र के दौरान शुक्रवार (05 फरवरी, 2021) को राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था,''मैं दो महीने तक किसान यूनियन से पूछता रहा कि इन कानूनों में काला क्या है? मुझे बताइए तो उसे ठीक किया जाए। प्रतिपक्ष के नेताओं ने कृषि सुधार कानूनों को खराब कहा। लेकिन कानून के प्रावधान को कि ये किसान के प्रतिकूल हैं किसी ने बताने की कोशिश नहीं की।