नई दिल्ली: पिछले चार दिनों से दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसान अपने आंदोलन को लेकर अडिग हैं| किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन के तहत हजारों की तादाद में किसान दिल्ली की कई सीमाओं पर जमे हुए हैं| दिल्ली चलो मार्च के आह्वान पर सिंघु, टीकरी व गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार चौथे दिन जमे किसानों ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सशर्त वार्ता के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और सोमवार को भी यहीं जमे हुए हैं। वहीं यूपी गेट पर बैठे किसानों को रोकने के लिए पत्थर के बैरिकेड लगा दिए गए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि सोमवार को भी सिंघु व टिकरी बॉर्डर बंद रहेंगे।
किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन के तहत हजारों की तादाद में किसान दिल्ली की कई सीमाओं पर जमे हुए हैं और दिल्ली में प्रवेश कर रामलीला ग्राउंड पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जहां उन्हें केंद्र की मोदी सरकार के किसान कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना है, लेकिन हरियाणा की सरकार और दिल्ली पुलिस की तरफ से उन्हें रोके जाने की खूब कोशिशें की जा रही हैं|
नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। वहीं दिल्ली-हरियाणा के सिंघू बॉर्डर पर जमा किसान प्रदर्शनकारियों को वालंटियर डॉक्टर मेडिकल सुविधाएं दे रहे हैं। एक डॉक्टर ने बताया "हम सरकार से अपील करते हैं कि यहां जमा किसानों का कोरोना टेस्ट किया जाए। एक किसान को कोरोना होने से कई किसान उसकी चपेट में आ जाएंगे।
दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने गुरु पर्व पर गुरबानी का पाठ किया। नए कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर(दिल्ली-हरियाणा) पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है।
दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमें यहां रूकने से कोई फायदा नहीं है,अभी तक कोई पूछने नहीं आया। हम यहां रहने नहीं आए हैं। दिल्ली के सभी बॉर्डर सील किए जाएंगे, उसके बाद ये लोग सुनेंगे।"
नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "जब सारी बैठक हमेशा जंतर-मंतर पर होती हैं तो किसान को जंतर-मंतर पर क्यों नहीं जाने दे रहे? जब तक कोई फैसला नहीं निकलेगा हम यहीं रहेंगे।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया है, 'नाम किसान कानून लेकिन सारा फायदा अरबपति मित्रों का। कानून बिना किसानों से बात किए कैसे बन सकते हैं? उनमें किसानों के हितों की अनदेखी कैसे की जा सकती है? सरकार को किसानों की बात सुननी होगी। आइए मिलकर किसानों के समर्थन में आवाज उठाएं।'
शिवसेना नेता संजय राउत ने किसान आंदोलन पर सोमवार को कहा कि, 'किसान आंदोलन विश्व को एक संदेश है। लाखों-करोड़ों किसान दिल्ली की सीमा पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन आप उन्हें आतंकवादी, खालिस्तानी बोलते हो। ये पूरे विश्व के किसानों का अपमान है।संजय राउत ने किसानों के साथ बर्बरता की निंदा करते हुए कहा कि,''आप किसानों पर इतना बल प्रयोग कर रहे हो, आंसू गैस छोड़ रहे हो, लाठियां बरसा रहे हो, बंदूकें तान कर खड़े हो। अगर आप ये बल प्रयोग चीन की सीमा पर करते तो लद्दाख में चीनी नहीं घुसते|
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन को लेकर सोमवार को एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया है। राहुल गांधी ने लिखा, 'मोदी सरकार ने किसान पर अत्याचार किए- पहले काले कानून फिर चलाए डंडे लेकिन वो भूल गए कि जब किसान आवाज उठाता है तो उसकी आवाज पूरे देश में गूंजती है। किसान भाई-बहनों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आप भी स्पीक अप फॉर फार्मर्स कैंपेन के माध्यम से जुड़िए।